Fitness Mindset Gen Z vs Millennials: आने वाली पीढ़ी हेल्थ को लेकर जागरूक दिखाई देती है. खासतौर पर जैन जी (Gen Z ). जैन जी में फिटनेस को लेकर इस हद तक जागरूकता है कि वह अपनी उम्र से पहले ही जिम, योगा और आसपास के एक्सरसाइज सेंटरों पर अक्सर दिख ही जाते हैं. लेकिन जैन जी की हेल्थ और फिटनेस को लेकर एक रिपोर्ट जारी की गई है जिसमें उन्होंने बताया कि क्या जैन जी पूरी तरह से हेल्दी हैं, या सिर्फ फिटनेस सेंटर को जॉइन करना एक क्रेज का हिस्सा है?
बता दें कि जैन जी पीढ़ी, वह पीढ़ी है जो 1997 से 2012 के बीच जन्मी है. ये पीढ़ी जन्म से ही डिजिटल दुनिया से जुड़ी हुई है. इसलिए इन्हें डिजिटल नेटिव्स भी कहा जाता है. ये जन्म से इंटरनेट, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया की दुनिया से जुड़ी बच्चे हैं.
फिटनेस जैन जी की प्रयोरिटी
जैन जी पर की गई रिसर्च रिपोर्ट बताती है कि 44% Gen Z फिटनेस पर खर्च करते हैं. उन्हें प्रायोरिटी पर रखते हैं. यानि वह ट्रेंडिंग तो फॉलो करते ही हैं साथ में जिम, फिटनेस ऐप्स और वर्कआउट पर खर्च करना पसंद करते हैं.
फिटनेस को लेकर क्या बोले जैन जी?
- 82 प्रतिशत युवा बताते हैं कि काम के दौरान एक्सरसाइज करना बेस्ट होता है. ऐसा करने से उनकी ऊर्जा और प्रोडक्टिविटी बढ़ती है.
- वहीं 52 प्रतिशत युवा का कहना है अगर उन्हें काम के साथ-साथ फ्लेक्सिबल वर्क आवर (Flexible Work Hours) मिलें तो वह रोजाना एक्सरसाइज कर पाएंगे.
- इसके अलावा 76% छात्रों का कहना है कि अगर उन्हें जिम, खेल की सुविधाएं या एक्सरसाइज करने की जगह आसानी से मिल जाए, तो वे पढ़ाई पर बेहतर ध्यान दे पाएंगे. एक्सरसाइज करने से उनकी पढ़ाई में बी सुधार होगा.
जिम बना सोशल कनेक्टिविटी का माध्यम
रिपोर्ट में इस बात का खुलासा भी हुआ है कि अब जिम या फिर एक्सरसाइज सेंटर सिर्फ फिटनेस सेंटर ही नहीं रह गए हैं, बल्कि ये सोशल कनेक्टिविटी का माध्यम भी बने हैं. 51% Gen Z युवाओं के अनुसार वह जिम में नए लोगों से मिलते हैं, जो आगे चलकर उनके दोस्त बनते हैं. यही दोस्त उनकी एक्सरसाइज करने में भी मदद करते हैं. एक्सपर्ट कहते हैं कि बढ़ते अकेलेपन के दौर में फिटनेस सेंटर युवाओं का सोशल कनेक्टिविटी का बेस्ट माध्यम बनकर उभर रहा है.
जिम बना जिंदगी का अहम हिस्सा
रिपोर्ट के अनुसार अब फिटनेस सेंटर सिर्फ वजन घटाने, बॉडी बनाने या फिर सेहत बनाने का माध्यम ही नहीं रह गया है बल्कि ये उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. खासतौर पर जैन जी के बीच, जिम सेंटर्स उनकी डैली लाइफ का एक जरूरी हिस्सा बनता जा रहा है. इसके अलावा वह एक सोशल कनेक्टिविटी का बेस्ट माध्यम भी हैं. रिपोर्ट के अनुसार, आज की युवा पीढ़ी फिटनेस को मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक जुड़ाव और बेहतर कार्यक्षमता से जोड़कर देख रही है.
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FAQs
सवाल: Gen Z फिटनेस पर इतना ध्यान क्यों दे रही है?
जवाब: सोशल मीडिया, फिटनेस ऐप्स, हेल्थ से जुड़ी बढ़ती जागरूकता और बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने की इच्छा इसके प्रमुख कारण हैं. कई युवा मानते हैं कि नियमित व्यायाम से न सिर्फ शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि पढ़ाई, काम और मानसिक स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ता है.
सवाल: Gen Z और Millennials की फिटनेस सोच में क्या अंतर है?
जवाब: Gen Z फिटनेस को केवल वजन घटाने या बॉडी बनाने तक सीमित नहीं मानती. यह पीढ़ी मानसिक स्वास्थ्य, अच्छी नींद, नियमित व्यायाम और सोशल कनेक्शन को भी फिटनेस का हिस्सा मानती है. वहीं Millennials भी फिटनेस को महत्व देते हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकताएं काम और परिवार की जिम्मेदारियों के कारण अलग हो सकती हैं.
सवाल: क्या Gen Z पहले की पीढ़ियों की तुलना में हेल्थ को लेकर ज्यादा जागरूक है?
जवाब: कई हालिया सर्वे और रिपोर्ट्स के अनुसार, Gen Z अपनी फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और संतुलित जीवनशैली को अधिक प्राथमिकता दे रही है. हालांकि, हर व्यक्ति की आदतें अलग हो सकती हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

