Ice Bath Side Effect: गर्मी इतनी बढ़ चुकी है लोग इससे राहत पाने के लिए कई उपाय खोजते हैं. किसी तरह इस गर्मी से राहत पाने के कई उपाय खोजते हैं. सोशल मीडिया पर इसी गर्मी से राहत पाने के लिए लोग तरकीबें शेयर कर रहे हैं. कुछ ICE Bath Challange कर रहे हैं. भले ही ये सुनने में अच्छा लगे. लेकिन इससे शरीर को कितना नुकसान पहुंच सकता है.
क्या आप जानते हैं कि इस तरह का ट्रेंड हेल्थ के लिहाज से काफी खतरनाक साबित हो सकता है. नार्थ स्टेट जर्नल की जानकारी के मुताबिक 60 डिग्री फारेनहाइट से कम तापमान वाले पानी में अचानक डूबने से एक मिनट से भी कम समय में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो सकती है. ऐसे में इस तरह के किसी भी ट्रेंड को फॉलो करने से पहले ये जानकारी जरूर पढ़ें.
आइस बाथ क्या होता है? What is Ice Bath
सबसे पहले ये जान लेते हैं कि आखिर ये आइस बाथ होता क्या है? तो सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड चला है जहां लोग एक बड़े से किसी टब या फिर बाथटब के अंदर ढेर सारा पानी भरते हैं और उसे बर्फ से ठंडा कर देते हैं. कई बार पानी में क्यूब्स होती है तो कई बार सिल्लियों का इस्तेमाल करते हैं. वहीं जब वॉटर (पानी) का टेंप्रेचर 10 से 15 डिग्री के आसपास पहुंचता है ऐसे टेंप्रेचर में लोग डुबकी लगाकर बैठ जाते हैं. कई लोग इसे कोल्ड वॉटर इमर्शन भी कहते हैं. आमतौर पर ऐसी तरकीब खिलाड़ी करते हैं जब मैच के बाद मसल्स को रिलैक्स या फिर थकान मिटानी हो. लेकिन लोग इसे गर्मी भगाने का तरीका समझ रहे हैं. इसलिए इसके नुकसान भी जान लेना जरूरी है.
सिकुड़ जाती हैं नसें
क्या बर्फ में नहाने से नुकसान होता है? तो इसपर नैशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन का कहना है कि हमारी बॉडी का टेंप्रेचर काफी गर्म होता है, और नसों में फैलाव होता है. लेकिन जब हम ऐसे टेंप्रेचर में जाते हैं यानी बर्फ में नहाते हैं तो नसें सिकुड़ जाती है. नतीजा बल्ड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है. दिल की धड़कन रुक जाती है. हमारी बॉडी का टेंप्रेचर अचानक से कंट्रोल करना मुश्किल हो जाता है. कई बार इंसान बेहोश हो सकता है. हमारी सांस अनकंट्रोल्ड होती हैं ये फेफड़ों में प्रॉब्लम का बड़ा कारण बन सकती हैं.
लोगों में मची होड़
जब कोई खिलाड़ी इस तरह बाथ लेता है तो वो अपनी थकान मिटा रहा होता है. लेकिन लोग उकी देखा देखी ये भूल जाते हैं कि ऐसे माहौल या फिर टेंप्रेचर में जाने के लिए खिलाड़ियों ने अपने शरीर को उस माहौल में ढाला है. ट्रेन्ड किया है. साथ ही एक्सपर्ट्स की ही देखरेख में वो ऐसा करते हैं. लेकिन जब आम इंसान सिर्फ देखा देखी ऐसा करता है, तो शॉक के कारण उनकी मौत भी हो सकती है. गर्मी में अक्सर शरीर पर अचानक से ठंडा पानी नहीं डालना चाहिए और न ही एक झटके से.
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