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घुटनों में दर्द को न करें नजरअंदाज! जानें कब पड़ती है Knee Replacement की जरूरत?

Knee Replacement Surgery: घुटनों का दर्द कब सामान्य है, कब डॉक्टर से मिलना चाहिए और किस स्थिति में Knee Replacement ही सबसे बेहतर विकल्प बन जाता है, एक्सपर्ट से समझिए पूरी जानकारी.

Knee Replacement Surgery: घुटनों में हल्का-फुल्का दर्द होना हमेशा किसी बड़ी बीमारी का संकेत नहीं होता. अगर दर्द कभी-कभार होता है और आपकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित नहीं करता, तो उसे कुछ समय तक देखकर समझा जा सकता है. लेकिन अगर दर्द बार-बार होने लगे या आपकी दिनचर्या में परेशानी पैदा करे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो जाता है.

जॉइंट रिप्लेसमेंट विशेषज्ञ डॉ. कौशल कांत मिश्रा के अनुसार, दर्द की गंभीरता और उससे आपकी जिंदगी पर पड़ने वाले असर को समझना सबसे महत्वपूर्ण है. अगर दर्द की वजह से चलना-फिरना, सीढ़ियां चढ़ना या सामान्य काम करना मुश्किल होने लगे, तो जांच करानी चाहिए.

कम उम्र में घुटनों का दर्द क्यों होता है?

अगर किसी व्यक्ति की उम्र 30 साल से कम है और उसे बार-बार घुटनों में दर्द होता है, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. वहीं 40-45 साल की महिलाओं में अक्सर एक समस्या देखी जाती है जिसे कॉनड्रोमलेशिया पटेला (Chondromalacia Patella) कहा जाता है. इस स्थिति में घुटने की कैप (नी-कैप) के नीचे मौजूद कार्टिलेज कमजोर होने लगता है, जिससे सीढ़ियां चढ़ने, जमीन पर बैठने या उठने में दर्द महसूस हो सकता है.

क्या सप्लीमेंट्स से घुटनों का दर्द कम हो सकता है?

डॉ. मिश्रा बताते हैं कि कई मामलों में ग्लूकोसामीन और डायसरीन जैसे सप्लीमेंट्स और नियमित एक्सरसाइज से आराम मिल सकता है. हालांकि हर व्यक्ति के लिए एक जैसा इलाज सही नहीं होता, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. दिलचस्प बात यह है कि कैल्शियम और विटामिन-D का घुटनों के कार्टिलेज पर बहुत कम असर होता है। ये हड्डियों के लिए जरूरी हैं, लेकिन घुटनों के घिसाव को सीधे नहीं रोकते.

उम्र बढ़ने के साथ क्यों बढ़ती है घुटनों की समस्या?

50 साल की उम्र के बाद घुटनों में दर्द का सबसे आम कारण ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) होता है, जिसे आम भाषा में गठिया कहा जाता है. डॉक्टर के अनुसार यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि उम्र बढ़ने की एक सामान्य प्रक्रिया है. जैसे बाल सफेद होना उम्र का असर है, वैसे ही घुटनों का घिसना भी उम्र के साथ हो सकता है. हालांकि इसकी गति हर व्यक्ति में अलग-अलग होती है, जो काफी हद तक जेनेटिक कारणों पर निर्भर करती है.

घुटनों में ऑस्टियोआर्थराइटिस के शुरुआती संकेत क्या हैं?

ऑस्टियोआर्थराइटिस की शुरुआत में कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं:

  • सीढ़ियां चढ़ते समय दर्द या असहजता
  • जमीन पर बैठने और उठने में परेशानी
  • ज्यादा देर चलने पर घुटनों में दर्द
  • सुबह उठते समय अकड़न महसूस होना

अगर ये समस्याएं लगातार 6 हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहती हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

घुटनों की जांच के लिए कौन-सा टेस्ट सबसे जरूरी है?

डॉ. मिश्रा के अनुसार, घुटनों की स्थिति जानने के लिए खड़े होकर कराया गया एक्स-रे सबसे महत्वपूर्ण जांच है. एक्स-रे में डॉक्टर घुटनों की दो हड्डियों के बीच मौजूद गैप को देखते हैं. यह गैप कार्टिलेज और अन्य नरम ऊतकों की वजह से दिखाई देता है. जैसे-जैसे घुटने घिसते हैं, यह गैप कम होने लगता है. जब यह लगभग खत्म हो जाता है और हड्डियां एक-दूसरे से रगड़ खाने लगती हैं, तब दर्द काफी बढ़ जाता है.

क्या तेल मालिश से घुटने ठीक हो सकते हैं?

कई लोग मानते हैं कि सरसों या अन्य तेलों की मालिश से घुटनों में लुब्रिकेशन बढ़ जाता है. लेकिन डॉक्टर का कहना है कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. तेल मालिश से अस्थायी आराम और अच्छा महसूस हो सकता है, लेकिन यह घुटनों की असली समस्या या कार्टिलेज के घिसाव को ठीक नहीं करती.

कब समझें कि Knee Replacement की जरूरत पड़ सकती है?

अगर आपकी उम्र 50 साल से ज्यादा है और:

  • चलने की क्षमता लगातार कम हो रही है
  • पहले 4-5 किलोमीटर चल लेते थे, अब मुश्किल से 1 किलोमीटर चल पाते हैं
  • घुटनों के दर्द की वजह से बाहर निकलना या घूमना-फिरना कम हो गया है
  • एक्स-रे में घुटनों का गैप लगभग खत्म हो चुका है

तो Knee Replacement पर विचार किया जा सकता है.

Knee Replacement सर्जरी कब जरूरी हो जाती है?

जब घुटनों की दोनों हड्डियां सीधे एक-दूसरे से टकराने लगती हैं और कार्टिलेज लगभग खत्म हो जाता है, तब सर्जरी सबसे प्रभावी विकल्प मानी जाती है. हालांकि यह कोई इमरजेंसी सर्जरी नहीं होती. मरीज और डॉक्टर मिलकर सही समय तय कर सकते हैं.

सर्जरी से पहले शरीर को तैयार करना क्यों जरूरी है?

डॉ. मिश्रा बताते हैं कि जो मरीज चलकर अस्पताल आते हैं, उनका रिजल्ट उन मरीजों की तुलना में बेहतर होता है जो लंबे समय से व्हीलचेयर पर हैं.

इसलिए सर्जरी से पहले:

  • दर्द को कंट्रोल करना
  • नियमित फिजियोथेरेपी करना
  • मांसपेशियों को मजबूत बनाना
  • रोजाना थोड़ा चलना

बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.

Knee Replacement के बाद रिकवरी में कितना समय लगता है?

सर्जरी के अगले दिन मरीज खड़ा होकर चलना शुरू कर सकता है। लेकिन पूरी रिकवरी में आमतौर पर 3 से 4 महीने लग सकते हैं. शुरुआती महीनों में कुछ मरीजों को घुटने के अंदर गर्म या ठंडा महसूस होना, हल्की बेचैनी या अलग तरह का एहसास हो सकता है। यह सामान्य है और समय के साथ ठीक हो जाता है.

Knee Replacement कितनी सुरक्षित सर्जरी है?

विशेषज्ञों के अनुसार Knee Replacement आज के समय की सबसे सफल जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी में से एक है. इसकी सफलता दर लगभग 97 से 98 प्रतिशत मानी जाती है. यह आमतौर पर जानलेवा सर्जरी नहीं होती और सही मरीजों में जीवन की गुणवत्ता को काफी बेहतर बना सकती है.

Knee Replacement का खर्च कितना आता है?

डॉक्टर के मुताबिक, वर्तमान नियमों के अनुसार एक अच्छे क्वालिटी के इम्प्लांट की कीमत लगभग 1 लाख रुपये तक हो सकती है. अस्पताल और सर्जरी का खर्च जोड़ने पर एक घुटने का ऑपरेशन औसतन 2 से 2.5 लाख रुपये तक पड़ सकता है. हालांकि कुल खर्च अस्पताल, शहर और सुविधाओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है.

यह भी पढ़ें: पुरुषों को भी होता है Breast Cancer! हॉलीवुड स्टार टायलर मेन ने सुनाया अपना दर्द

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

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sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
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