Causes Of Low Sperm Count In Men: आजकल कई पुरुषों लो सपर्म काउंट की समस्या से परेशान है. कई पुरुषों में ये समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है. हालांकि अक्सर इसका कारण सिगरेट या फिर तंबाकू का सेवन माना जाता है. लेकिन हकीकत इससे अलग है. क्योंकि कई ऐसी हेल्थ प्रॉब्लम्स हैं जो हमारी डेली लाइफ की आदतों के कारण बुरी तरह प्रभावित करती है.
ऐसे में अगर आप समय रहते ऐसी प्रॉब्लम्स पर ध्यान नहीं देंगे तो आगे चलकर पिता बनने में समस्या खड़ी हो सकती है. लेकिन सवाल ये आखिर वो कौन सी प्रॉब्लम्स हैं जिनका ध्यान लोग नहीं दे रहे. इसपर डिटेल में बात करेंगे.
कब माना जाता है लो स्पर्म काउंट
पहले जान लेते हैं कि लो सपर्म काउंट कब कहा जाता है तो एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर एक मिलीमीटर सीमन में 1.5 करोड़ से भी कम स्पर्म हो तो इसे नॉर्मल से कम माना जाता है. यानी सीमन में मौजूद सपर्म की संख्या जब नॉर्मल से कम हो जाए तो इसे लो सपर्म काउंट की कैटेगरी में गिना जाता है. लेकिन अगर सीमन में बिल्कुल भी सपर्म नहीं है तो इस कंडिशन को कहा जाता है एजूस्पर्मिया कहा जाता है.ऐसी स्थिति में प्राकृतिक रूप से गर्भधारण की संभावना काफी कम हो जाती है.
कैसे पता चलेगा सपर्म काउंट हो गया कम?
अब आपको कैसे पता चलेगा कि सपर्म काउंट कम हो गया है. इसके कुछ तो सिग्नल या फिर लक्षण दिखाई देते होंगे? तो इसका जवाब है हां. सपर्म काउंय कम हो गया ये जानने का सबसे बड़ा तरीका यही है कि लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण नहीं हो पाता है. हालांकि कई केस ऐसे होते हैं जिनमें लक्ष साफ नहीं दिखाई देते हैं. कई ऐसे हैं जिनमें हार्मोन से जु़ड़ी गड़बड़ी या फिर अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स सामने आ जाती है. जिसके कारण यौन इच्छा में कमी आती है, इरेक्शन में दिक्कत आती है, टेस्टिकल्स में दर्द पैदा होता है, सूजन, गांठ ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
इसके क्या होते हैं कारण
जान लेते हैं कि आखिर इसके क्या कारण होते हैं. क्योंकि कुछ लोगों को लगता है कि ये समस्या सिर्फ स्मोकिंग या फिर तंबाकू से ही होती है. अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो बता दें कि सिर्फ यही कारण नहीं होते इसके साथ-साथ मोटापा, लागातार स्ट्रेस, जरूरत से अधिक शराब का सेवन करना, नशीले पदार्थों का सेवन करना, हार्मोन्स का गड़बड़ा जाना. ये सब कुछ कारण हैं लो स्पर्म काउंट के.एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर समस्या अधिक गंभीर है तो डॉक्टर से तुरंत सपर्क करना चाहिए. ऐसे लोगों को जांच में बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए.
इसे कैसे ठीक किया जाता है?
अगर बात करें इसके इलाज कि क्या इसका इलाज संभव है तो जवाब है कि हर केस में लो स्पर्म केस को प्रजनन से जोड़ते हुए नहीं देखा जाता है. क्योंकि आप लाइफस्टाइल में बदलाव लाकर कई दवाओं का सेवन करके फर्टिलिटी के ट्रीटमेंट का सहारा लेकर गर्भधारण की संभावना बढ़ाई जा सकती है.
हालांकि आपको कुछ बातों का ख्याल रखना चाहिए जैसेः
- बैलेंस्ड डाइट खाएं
- नियमित एक्सरसाइज करें
- वजन कंट्रोल करें
- स्ट्रेस कम लें
- स्मोकिंग और तंबाकू से दूरी बनाएं
ये कुछ तरीके अपनाकर आप स्पर्म की क्वालिटी और उनकी संख्या को भी बेहतर बना सकते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

