National Doctors Day 2026: हर साल 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है. इस दिन डॉक्टर्स के द्वारा किए गए कार्यों को याद करने और उनके सम्मान के लिए यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है.
डॉक्टर्स के बलिदान को कभी-भी नकारा नहीं जा सकता, कोरोना काल के वो भयावह दिन तो याद ही होंगे जब पूरी दुनिया क्वारंटाइन थी, लेकिन सिर्फ डॉक्टर्स ही थे जो दिन-रात काम पर लगे हुए थे. डॉक्टर्स की कड़ी मेहनत का नतीजा ही था कि दुनिया आज सुरक्षित हैं. डॉक्टर्स को भगवान का दर्ज दिया गया है. गौरतलब है कि बुरी-से-बुरी बीमारियों में लोगों सिर्फ डॉक्टर्स का सहारा ही ढूंढते हैं. डॉक्टर्स अपनी सूझबूझ और कड़ी मेहनत की मदद से लोगों की बीमारियां ठीक कर उन्हें दूसरा जीवन देते हैं. ऐसे में उनके द्वारा किए गए कार्य और बलिदान को याद करने के लिए भारत सरकार ने एक विशेष दिन चुना है, जो 1 जुलाई है.
डॉ. बिधान चंद्र रॉय कौन थे?
भारत में ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’ (राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस) 1 जुलाई को डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती और पुण्यतिथि की याद में मनाया जाता है. यह एक अनोखा संयोग है कि उनका जन्म 1882 में इसी दिन हुआ था और 1962 में इसी तारीख को उनका निधन हुआ था.
बता दें कि डॉ. रॉय सिर्फ़ एक डॉक्टर नहीं थे. वे कई क्षेत्रों में माहिर और असाधारण व्यक्ति थे. एक स्वतंत्रता सेनानी जिन्होंने महात्मा गांधी के साथ मिलकर काम किया, एक विधायक, लगभग चौदह वर्षों तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री, और भारतीय इतिहास में चिकित्सा जगत की सबसे सम्मानित हस्तियों में से एक, उन्हें 1961 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया गया था.
डॉ. रॉय को चिकित्सा पेशे के लिए इतना महत्वपूर्ण बनाने वाली बात उनका यह मानना था कि चिकित्सा केवल एक तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि एक नैतिक दायित्व है। उनका मानना था कि डॉक्टर और मरीज़ का रिश्ता भरोसे, सम्मान और साथ मौजूद रहने की इच्छा पर आधारित होता है – न केवल एक डॉक्टर के तौर पर, बल्कि एक साथी इंसान के तौर पर भी।
नेशनल डॉक्टर्स डे 2026 की थीम
हालांकि नेशनल डॉक्टर्स डे 2026 के लिए अभी किसी प्रकार कोई ऑफिशियल घोषणा नहीं की गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कई अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवा संगठनों ने “Behind the Mask: Who Heals the Healers?” (मास्क के पीछे: इलाज करने वालों का इलाज कौन करता है?) संदेश को अपनाया है.
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