Silent Tuberculosis: नॉर्थ-ईस्ट को लेकर बेहद चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. दरअसल देशभर में तेजी से टीबी को लेकर बड़े स्केल पर अभियान चलाए जा रहे हैं. लेकिन अब इस अभियान ने चिंता बढ़ा दी है. जांच रिजल्ट में सामने आया है कि टीबी से कई लोग इंफेक्टेड पाए गए.
ये संख्या काफी ज्यादा थी. हालांकि सबसे अधिक हैरानी वाली बात ये है कि जो व्यक्ति इंफेक्टेड थे उनमें किसी भी तरह के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं दिए थे. यानी ये लोग अपना नॉर्मल रूटीन फॉलो कर रहे थे और इस बीमारी का उन्हें अंदाजा भी नहीं था. जो एक बेहद चिंता का विषय है.
हजारों मरीजों की पहचान हुई
आंकड़ों की बात करें तो हेल्थ मिनिस्ट्री की सालाना 2025-26 की रिपोर्ट ये बताती है कि नेशनल टीबी एलिमिनेशन प्रोग्राम के तहत जनवरी से अक्टूबर 2025 के बीच में पूर्वोत्तर राज्य में कमजोर और सबसे रिस्के वाली कॉम्यूनिटी के लोगों की खासतौर पर जांच की गई. जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए. रिजल्ट बताता है कि कुल 41 हजार से भी अधिक टीबी के मरीजों की पहचान हुई है. इसमें 14 हजार 356 मरीज ऐसे थे जिनमें किसी भी तरह का साफ लक्षण नहीं दिखाई दिया था. यह संख्या कुल मामलों का करीब 34 प्रतिशत है.
इन राज्यों से इतनी संख्या में मामले आए सामने
जानकारी के अनुसार पूर्वोत्तर के आठ राज्यों के लगभग 39 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई थी. जिसमें 6 लाख लोगों का चेस्ट एक्सरे भी किया गया. अब हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि इन सभी लोगों की पहचान एक्टिव जांच अभियान के तहत संभव हो पाई है. किन राज्यों से कितने मामले सामने आए अगर इसकी बात की जाए तोः
- असम सेः 10,362 मामले
- मेघालय मेंः 1,055 मामले
- नागालैंड मेंः 857 मामले
- त्रिपुरा मेंः 510 मामले
- अरुणाचल प्रदेश मेंः 479 मामले
- सिक्किम मेंः 380 मामले
- मिजोरम में 248 मामले सामने आए.
सबसे अधिक हैरानी वाली बात ये है कि ये सभी जो मामले सामने आए हैं. इन लोगों में लक्षण साफ तौर पर दिखाई नहीं दिए. इसलिए बीमारी का पता भी नहीं लगाया जा सका. एक्सपर्ट्स ऐसा मानते हैं कि ऐसे लोग बिना इलाज के काफी लंबे समय तक रह सकते हैं. क्योंकि बीमारी के लक्षण नहीं दिखाई देते. लेकिन इसमें भी इंफेक्शन फैलने का खतरा अधिक रहता है. यही वजह है कि अब स्वास्थ्य विभाग केवल अस्पतालों में आने वाले मरीजों पर निर्भर रहने के बजाय घर-घर और समुदाय स्तर पर जांच अभियान चला रहा है.
यह भी पढ़ें: पानी में हाथ-पैर की स्किन क्यों सिकुड़ जाती है? जानें इसके पीछे का कारण
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

