Prolonged Sitting Cancer Risk Study: ऑफिस में कुछ लोग घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं. कुछ तो ऐसे हैं कि कुर्सी से जरा भी उठने की कोशिश नहीं करते हैं. क्योंकि कंप्यूटर सामने है और काम भी उसी से है. यानी ये कई लोगों की लाइफस्टाइल का हिस्सा है. जो एक बुरी आदत है. ऐसा लाइफस्टाइल बीमारियों की जड़ है.
अगर आप भी घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं, तो आप मोटापा, डायबिटीज, हार्ट प्रॉब्लम्स की चपेट में आ सकते हैं. ऐसा पहले माना जाता था. अभी भी ऐसा ही माना जाता है. अब इसपर एक नई रिसर्च हुई है. ये रिसर्च बताती है कि यदि कोई व्यक्ति एक ही जगह पर 30 मिनट से अधिक समय तक बैठा रहता है. यानी वो अपनी कुर्सी से उठने तक की कोशिश नहीं करता तो ये आदत कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है.
कहां हुई ये रिसर्च?
जानकारी के अनुसार ये रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ ग्लासगो के रिसर्चर्स द्वारा की गई है, और इसे मेडिकल जर्नल पीएलओएस मेडिसिन में भी पब्लिश किया गया है. आपको बता दें कि रिसर्च में UK बायोबैंक से जुड़े 91 हजार से अधिक लोगों के आंकड़े लिए गए. इन आंकड़ों का एनालिसिस किया गया. जो लोग इस रिसर्च का हिस्सा रहे उनसे सिर्फ सवाल जवाब का सिलसिला नहीं जारी रखा. इसके साथ-साथ उनकी कलाई पर पहनने के लिए ट्रैकर भी दिए गए. ये ट्रैकर उनकी फिजिकल एक्टीविटी को ट्रैक करने में मदद करता है. फिजिकल एक्टीविटीज जैसे बैठने के समय को रिकॉर्ड किया गया. जानकारी के अनुसार 12 सालों तक उनकी हेल्थ पर नजर रखी गई.
रिसर्च में रिजल्ट्स क्या आए?
अब बात करें कि आखिर रिसर्च में क्या रिजल्ट्स सामने आए? तो इसका जवाब है कि जो लोग दिनभर में 30 मिनट से अधिक समय तक बैठे रहते थे. ऐसे लोगों में कैंसर के खतरे को अधिक पाया गया. रिसर्चर के मुताबिक, लंबे समय तक लगातार बैठने के हर अतिरिक्त एक घंटे के साथ यह खतरा करीब 9 से 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है. अब ऐसा नहीं है कि समस्या का कोई बचाव नहीं है.
क्या है बचने के उपाय
इस पूरी जानकारी में ये खुशखबर है कि आप इससे बच सकते हैं. दरअसल लंबे समय तक अगर आप बैठे रहते हैं, तो आप बीच-बीच में हल्की फिजिकल एक्टीविटी करते रहे. जैसे कुछ देर टहले, छोटे काम करते रहे या इधर-उधर चले रहे. ऐसा करना कैंसर के खतरे को 12 प्रतिशत तक कम कर सकता है. 30 मिनट की तेज चाल से वॉक करने जैसी मध्यम गतिविधि से यह जोखिम करीब 8 प्रतिशत घट सकता है. इतना ही नहीं, सिर्फ 5 मिनट की तेज एक्सरसाइज भी कैंसर से मौत के खतरे को करीब 22 प्रतिशत तक कम करने से जुड़ी पाई गई.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

