Sehat Ki Khabar: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन से जुड़े 90 करोड़ से अधिक अकाउंट तैयार हुआ शानदार रिकॉर्ड इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. क्या आइसक्रीम खाते समय दर्द होता है सिर क्यों होता है ऐसा इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. तेजी से भारत में बढ़ रही मोटापे और डायबिटीज की समस्या क्यों हो रहा है ऐसा जानेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में चलिए शुरू करते हैं.
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पहले सेगमेंट में जानेंगे 90 करोड़ लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड होंगे डिजिटल
भारत में 90 करोड़ से भी अधिक लोगों के हेल्थ रिकॉर्ड अब डिजिटल होने वाले हैं. यानी अब आपको पहले की तरह फाइल्स नहीं संभालनी होगी. आयुष्मान मंत्रालय की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 90 करोड़ से अधिक लोगों के आभा अकाउंट बनाए गए हैं. ऐसे में क्या आपका अकाउंट बना है? क्या आपको लगता है कि ये सब मुमकिन हो पाएगा? इस आभा अकाउंट के जरिए आप जन्म से लेकर अब तक कौन सी बीमारियां हुईं, कितने आपको इंजेक्शन लगे, कितनी दवाएं मिली, क्या इलाज हुआ, किस व्यक्ति ने इलाज करवाया. इस सब की जानकारी डिजिटल होगी. ये सभी मुमकिन हो पाएगा आभा अकाउंट के ही जरिए, आभा आपकी इन्हीं सब जानकारी को कार्ड से जोड़ेगा.
आभा क्या है?
आप अगर नहीं जानते कि आखिर आभा क्या है तो बता दें कि ये एक 14 डिजिट की एक यूनिक हेल्थ आईडी है. इस आईडी की मदद से लोग अपने मेडिकल रिकॉर्ड्स को ऑनलाइन सिंक कर सकते हैं. उन्हें देख सकते हैं. अगर जरूरत पड़े तो उसे डॉक्टर के साथ शेयर भी कर सकते हैं. इसी आभा अकाउंट बनाने की संख्या लगातार बढ़ती हुई जा रही है. साल 2021 में जहां सिर्फ 14.7 अकाउंट बनाए गए थे. ये संख्या बढ़ी और 22 में ये संख्या 30. 4 तक पहुंच गई, 23 में फिर बढ़ी और संख्या 50.6 हो गई, 24 में बढ़कर 72. 2 करोड़ हो गई 25 में ये आंकड़ा 84.5 तक पहुंचा और अब साल 2026 में ये आंकड़ा 90 के पार पहुंच गया है.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे आइसक्रीम खाने के बाद क्यों दर्द होता है
कई बार कुछ लोगों को कुछ ठंडा पीने या फिर खाने के बाद बहुत तेज सिर दर्द महसूस होता है. इतनी तेज दर्द होता है कि मानों कुछ सेकंड के लिए सब रुक गया हो. हमें तो समझ नहीं आता कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. अगर आप भी कंफ्यूज हैं, तो घबराइए नहीं इस कंडिशन को कहा जाता है ब्रेन फ्रीज. साइंटिफिक टर्म इसकी स्फेनोपैलेटाइन गैन्ग्लियोन्यूराल्जिया है. हालांकि नाम इतना मुश्किल है. लेकिन ऐसा होता क्यों है? जब ऐसा कुछ होता है कि हमारा माइंड असली में नहीं जम जाता है. क्योंकि हमारा माइंड खोपड़ी के अंदर सुरक्षित है.
दर्द की असली वजह होती है कि हमारे मुंह की छत यानी तालू और गले का हिस्सा जो होता है जब बहुत ठंडी चीज को अचानक से छूता है तो ये हिस्सा टेंप्रेचर को तेजी से गिरता है. जिससे शरीर के अंदर असामान्य बदलाव होते है. उस हिस्स को बचाने की जब हमारा शरीर कोशिश करता है. उसे ठंड लगती है. वहां मौजूद ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाती है. शरीर की गर्मी बाहर न निकले. कुछ देर बाद के बाद शरीर उस हिस्से को फिर से गर्म करने के लिए रक्त प्रवाह बढ़ा देता है और रक्त वाहिकाएं तेजी से फैल जाती हैं. ब्लड वेसेल्स जब तेजी से सिकुड़ती है और फैलती है इस प्रक्रिया से आसपास की नसों पर प्रेशर पड़ता है. ये हमारे माइंड को सिग्नल भेजते हैं कि कुछ गड़बड़ हो रही है. रिजल्ट्स के तौर पर माथें, आंखों के ऊपर वाले हिस्से में तेज दर्द महसूस होने लगता है.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे भारत में तेजी से बढ़ रहे डायबिटीज और ओबेसिटी के मामले
ऑफिस की चेयर पर बैठ जाना, देर रात तक जाग लेना, काम न करना, आलस आना, ये सब काफी आम हो गया है. नतीजा भारत में मोटापा और डायबीटीज के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. और अब ये एक बड़ी हेल्थ समस्या बनती जा रही है. हाल ही में राष्ट्रीय परिवार सर्वेक्षण-6 की एक रिपोर्ट भी जारी हुई है. ये रिपोर्ट ही चिंता पैदा करती है. रिपोर्ट बताती है कि भारत में पिछले कुछ सालों में मोटापे और हाई ब्लड शुगर की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है.
सर्वे में जारी हुए आंकड़ों के अनुसार 15 से 49 साल के लोगों में मोटापा और ओवरवेट होने के मामले तेजी से बढ़ता जा रहा है. चौंकाने वाली बात है कि पुरुषों के मुकाबलें महिलाओं में ये समस्या अधिक देखने को मिलती है. साल 2019-21 में जहां 24 प्रतिशत ही महिलाएं ओवरवेट या फिर मोटापे का शिकार थी. समय बदला और आंकड़ा भी तेजी से बदला है. साल 2023-24 के बीच में ये आंकड़ा बढ़कर अब 30.7 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यानी अब लगभग हर तीन में से एक एक महिला बढ़ते हुए वजन की समस्या से जूझ रही है.
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