Sehat Ki Khabar Fit Rahe India: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. सरकार ने आयुष अनुदान पोर्टल लॉन्च किया है. इसकी खासियत के बारे में बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. मायोपिया को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट्स ने जताई चिंता, 13.6 प्रतिशत बच्चे हो रहे शिकार. इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. 6 या फिर 8 कितने घंटे सोना चाहिए. जानेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में. चलिए शुरू करते हैं.
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पहले सेगमेंट में जानेंगे सरकार ने लॉन्च किया आयुष अनुदान पोर्टल
आयुष सेक्टर को डिजिटल बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री प्रतापराओ जाधव ने नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में आयुष अनुदान पोर्टल को लॉन्च किया है. जानकारी के मुताबिक इस पोर्टल को आयुष मंत्रालय की ओर से आयुष ग्रिड इनीशिएटिव के तहत तैयार किया गया है. दरअसल अब तक आयुष मंत्राल की ओर से मिलने वाली योजनाओं या फिर फंड का ग्रांट लेने के लिए काफी समय का इंतजार रहता था. क्योंकि संस्थाओं में लंबी लाइन इस प्रोसेस को प्रभावित कर रही थी. आवेदन को जमा करने, डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन, फाइल ट्रैकिंग, अप्रूवल में काफी समय लगता था. कई बार ऐसा भी देखा गया है कि फाइल अटक जाती थी. जिसके कारण लोगों को मंत्रालय के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते थे. लेकिन इस पोर्टल के आने के बाद काम आसान हो गया है. पूरा काम ऑनलाइन इस पोर्टल के जरिए किया जाएगा.
दूसरे सेगमेंट में जानेंगे मायोपिया क्या होता है
लगातार गैजेट्स का इस्तेमाल, स्क्रीन टाइम के कारण छोटे बच्चे मायोपिया नाम की बीमारी का शिकार हो रहे हैं. मायोपिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें बच्चों की दूर की नजर कमजोर हो जाती है. हालांकि ध्यान नहीं दिया जाए तो गंभीर मामलों में ये विजन लॉस का भी कारण बन सकती है. इसपर AIOS ने चिंता जताई है और आंकड़े जारी किए हैं. उन्होंने कहा कि मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन के बढ़ते हुए इस्तेमाल ने बच्चों की आंखों पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है. इसे लेकर आंकड़े भी जारी किए गए हैं. जिसमें जानकारी मिली कि 14 प्रतिशत बच्चे इस समस्या का शिकार हैं. हालांकि कुछ सावधानियों को बरतते हुए आप बच्चों को इस बीमारी का शिकार होने से बचा सकते हैं.
तीसरे सेगमेंट में जानेंगे 6 या फिर 8 घंटे सोना चाहिए?
अगर आप उन लोगों में से हैं जो 6 घंटे से कम या फिर 8 घंटे से अधिक सो लेते हैं, तो ये जानकारी आपके काफी काम आने वाली है. दरअसल एक रिसर्च रिपोर्ट सामने आई है. जिसमें जानकारी मिली जो लोग इस पैटर्न को फॉलो करते हैं ऐसे लोग गंभीर बीमारी जैसे डिप्रेशन, एंग्जाइटी, का शिकार हो सकते हैं. दरअसल एक स्टडी हुई इसमें खुलासा हुआ कि अगर आप अधिक सो लेते हैं या फिर कम सोते हैं दोनों ही मामलों में असर आपके ब्रेन, हार्ट, फेफड़े और यहां तक की आपके इम्यून सिस्टम पर पड़ सकता है. जानकारी के मुताबिक ये स्टडी रिपोर्ट कोलंबिया यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर ऑफ रेडियोलॉजी जुनहाओ वेन ने लीड किया.
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