Sehat Ki Khabar: नमस्कार फिट रहे इंडिया की लेटेस्ट अपडेट्स में आपका स्वागत है. देशभर में कितने प्रतिशत लोग करते हैं तंबाकू और शराब का सेवन इसपर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई. जिसपर बात करेंगे सेहत की खबर के पहले सेगमेंट में. 15 लाख लोगों की खराब खाने से हुई मौत. WHO ने रिपोर्ट जारी कर दी जानकारी इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के दूसरे सेगमेंट में. क्या कोई व्यक्ति 150 साल तक जी सकता है. पुतिन कर रहे बड़ी रिसर्च इसपर बात करेंगे सेहत की खबर के तीसरे और आखिरी सेगमेंट में.
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कितने लोग करते हैं तंबाकू और शराब का सेवन?
भारतम में 15 साल या फिर उससे अधिक उम्र वाले 36.3 प्रतिशत पुरुष किसी किसी प्रकार के तंबाकू और शराब का सेवन कर रहे हैं. NFHS की एक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है. ये आंकड़ा NFHS-5 के आंकड़े से कम है. लेकिन हालात सामान्य नहीं है. क्योंकि हमें अक्सर शराब या फिर तंबाकू का सेवन न करने की सलाह दी ही जाती है. लेकिन इसे कोई सीरियसली नहीं लेता. कंडिशन काफी चिंताजनक है. महिलाएं भी पीछे नहीं है. महिलाओं के आंकड़े भी 8. 4 प्रतिशत है. गांव में हाल और भी खराब है. शहर और गांव के आंकड़ें चौंकाने वाले रहे. गांव में 41.1 पुरुष तंबाकू और शराब का सेवन करते हैं. शहर का आंकड़ा कम है 26.2 प्रतिशत शहर का आंकड़ा है. महिलाओं में भी ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 10 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि शहरों में यह केवल 4.6 प्रतिशत दर्ज किया गया.
खराब खाने से हो रही 15 लाख लोगों की मौत
हम जो खाने का सेवन करते हैं, वही हमारे लिए खतरा बन रहा है. WHO ने इसपर रिपोर्ट्स जारी की है. जानकारी है कि हर सला खराब खाने से ही 86.6 करोड़ लोग बीमार पड़ रहे हैं. इतना ही नहीं 15 लाख लोगों का मौत का कारण भी सामने आया है. हालांकि सबसे अधिक खतरा 5 साल से कम उम्र वाले बच्चों में देखा गया है. WHO के मुताबिक, 5 साल से कम उम्र के बच्चों में दूषित भोजन से बीमार होने का खतरा बड़े बच्चों और वयस्कों की तुलना में लगभग तीन गुना ज्यादा है. हैरानी की बात यह है कि दुनिया की आबादी में इन बच्चों की हिस्सेदारी केवल 9% है, लेकिन फूड-बॉर्न बीमारियों के करीब एक-तिहाई मामले इन्हीं में देखे जाते हैं.
इन सब का कारण क्या है? तो एक्सपर्ट्स मानते हैं कि बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या फिर हानिकारक कैमिकल्स से खाना खराब हो जाता है. यही गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता है. इन बीमारियों में दस्त, फूड पॉइजनिंग, संक्रमण, किडनी की समस्या, लिवर की समस्या शामिल है. यहां तक की कई मामलों में कैंसर के मामले और मौत का कारण भी शामिल है.
क्या 150 साल जिएगा इंसान?
रूस ने हाल ही में एक ऐसे प्रोजेक्ट में इंवेस्ट किया है. जिसकी इस समय खूब चर्चा हो ही है. दरअसल रूस ने 150 साल जीने वाले सवाल को खोजने के लिए 26 अरब डॉलर का बड़ा दाव खेला है. जानकारी है कि पुतिन ने एक खास प्रोजेक्ट में इंवेस्ट किया है. जिसका मकसद होगा कि उसे समझना और उम्र की रफ्तार को स्लो करना है. रूस के इस खास मिशन की दुनियाभर में इस समय खूब चर्चा भी हो रही है. इसे लेकर रूस ने भी एक खास अभियान शुरू किया है. इस खास प्रोजेक्ट का नाम है न्यू हेल्थ प्रिजर्वेशन टेक्नोलॉजीज. जिसके तहत जीन थेरेपी, बायोप्रिंटिंग और सुअरों के अंदर इंसानी ऑर्गन डेवलप करने जैसी रिसर्च शामिल है. हाल ही में रूस के एक मंत्री डेनिस सेकिरिंस्की ने कहा था कि, सेल्स की उम्र बढ़ाने की स्पीड को कम करने वाली जीन थेरेपी इस सेक्टर की सबसे उम्मीद जगाने वाली रिसर्च में से एक है.
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