Should you eat lychees on an empty stomach in the morning: गर्मियों के मौसम में तरह-तरह के फलों का सेवन किया जाता है. ऐसे में लीची भी उन्हीं में से एक है, जिनका सेवन गर्मियों के मौसम में ही किया जाता है. लीची रसीली और मीठी होती है. इसलिए इसके सेवन से पेट भी भरा-भरा लगता है, और शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है. यह पानी की कमी भी पूरी करती है. लीची में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो इम्युनिटी बढ़ाते हैं और स्किन को हेल्दी रखने में मदद करते हैं. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि क्या खाली पेट लीची का सेवन क्या जा सकता है? चलिए जानते हैं.
The Lancet Global Health में पब्लिश्ड रिपोर्ट के अनुसार में प्रकाशित एक अध्ययन ने इस विषय पर अहम जानकारी दी है. आइए जानते हैं कि खाली पेट लीची खाने को लेकर रिसर्च क्या कहती है और किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए.
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रिसर्च में क्या सामने आया?
The Lancet Global Health की रिपोर्ट बताती है कि खाली पेट लीची खाने से हाइपोग्लाइसीमिक एन्सेफैलोपैथी (Hypoglycaemic Encephalopathy) नाम की गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है. इस बीमारी में शरीर का ब्लड शुगर स्तर अचानक बहुत कम हो जाता है, जिससे दिमाग पर प्रभाव पड़ता है. रिसर्चर्स ने बताया कि लीची में मेथिलीन साइक्लोप्रोपाइल ग्लाइसिन (MCPG) नाम का नेचुरल रसायन पाया जाता है. यह शरीर में फैट से एनर्जी बनाने और नई ग्लूकोज बनाने की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है. अगर कोई पहले से ही कमजोरी का शिकार है, या फिर लंबे समय तक भूखा रहा हो, तो इस स्थिति में खाली पेट लीची खाना जानलेवा साबित हो सकता है.
क्या सुबह खाली पेट लीची खानी चाहिए?
रिसर्चर्स कहते हैं कि लीची खाना खतरनाक नहीं है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक खाली पेट है तो उसके बाद लीची न खाएं. खाली पेट लीची नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए लीची का सेवन संतुलित भोजन खाने के बाद करें. खाली पेट लीची खाने से बचें.
एक दिन में कितनी खाएं लीची?
एक्सपर्ट कहते हैं कि एक दिन में लीची खाने की मात्रा व्यक्ति की उम्र और सेहत पर निर्भर करती है. एक एडल्ट व्यक्ति लगभग 8 से 10 लीची तक खा सकता है. वहीं एक्सपर्ट ने बच्चों के लिए ये मात्रा लगभग 4 से 6 बताई है. बुजुर्गों के लिए लीची की मात्रा 6 से 8 बताई है. एक्सपर्ट का कहना है बस खाते समय इस बात का ध्यान रखें कि इन्हें एक साथ न खाएं बल्कि दिन में अलग-अलग समय पर खा सकते हैं. इसके अलावा इनका सीमित मात्रा में सेवन करें.
ये तरीका आएगा काम
लीची हमेशा अच्छी तरह धोकर और ताजी ही खाएं.
सुबह या दोपहर के समय लीची खाना बेहतर माना जाता है. क्योंकि इस समय सेवन करने से शरीर दिनभर ऊर्जा से भरपूर रहता है.
भारी भोजन के तुरंत बाद लीची खाने से बचना चाहिए. एक्सपर्ट कहते हैं कि भोजन के तुरंत बाद लीची खाने से डाइजेस्टिव सिस्टम पर असर पड़ता है. उसे पचना मुश्किल हो जाता है.
लीची खाने के बाद भरपूर मात्रा में पानी जरूर पिएं है. ये पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है.
पैरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान
- बच्चों को रात में बिना खाना खिलाए न सुलाएं.
- छोटे बच्चों को अधिक मात्रा में लीची खाने से रोकें.
- कुपोषित बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दें.
- बीमारी के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल ले जाएं.
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FAQs
सवाल: खाली पेट लीची खाने से कौन सी बीमारी या समस्या हो सकती है?
जवाब: खाली पेट लीची खाने से शरीर का ब्लड शुगर अचानक बहुत कम (Hypoglycemia) हो सकता है. रिसर्च के अनुसार, इसके कारण बच्चों में ‘एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम’ (AES) हो सकता है, जिससे उल्टी, बेहोशी और दौरे पड़ने जैसी गंभीर समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं.
सवाल: रिसर्च में लीची खाने से होने वाली इस बीमारी का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
जवाब: द The Lancet में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, लीची में प्राकृतिक रूप से ‘हाइपोग्लाइसिन ए’ (Hypoglycin A) और ‘एमसीपीजी’ (MCPG) नामक विषैले तत्व पाए जाते हैं. खाली पेट लीची खाने पर ये तत्व शरीर में ग्लूकोज (Glucose) बनने की प्रक्रिया को रोक देते हैं, जिससे ब्लड शुगर खतरनाक स्तर तक गिर जाता है.
सवाल: इस बीमारी या खतरे से बचने के लिए लीची कैसे खानी चाहिए?
जवाब: इस समस्या से बचने के लिए कभी भी खाली पेट लीची न खाएं. हमेशा भरपेट खाना खाने के बाद ही सीमित मात्रा (बच्चों के लिए 6-7 और वयस्कों के लिए 10-12 तक) में लीची का सेवन करें. इसके अलावा कच्ची लीची के बजाय हमेशा अच्छी तरह पकी और साफ धुली हुई लीची ही खाएं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

