Gen Z Drinking Habits: जैन जी जेनरेशन के बीच कोल्ड ड्रिंक्स तेजी से लोकप्रिय हो रही है. अब उन्हें सुबह उठकर दूध, चाय या कॉफी नहीं बल्कि कोल्ड ड्रिंक्स स्नैक्स जैसी चीजें खाना पसंद हैं. कोल्ड ड्रिंक्स में कोला, फ्रूट फ्लेवर, नींबू-लाइम, एनर्जी ड्रिंक्स, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स और डाइट, जीरो शुगर जैसी ड्रिंक्स को वह अपने डाइट का हिस्सा बना रहे हैं.
लेकिन खास बात ये है कि जहां सेहत को लेकर इतनी जागरूकता फैलाई जा रही है, उसके बावजूद जैन जी में इन ड्रिंक्स की लत देखी जा रही है. बता दें कि कोल्ड ड्रिंक में खास तौर पर कार्बोनेटेड पानी (90-98%), उच्च फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप या चीनी (8-12%), साइट्रिक/फॉस्फोरिक एसिड, कैफीन, प्रिजर्वेटिव्स (सोडियम बेंजोएट) और आर्टिफिशियल फ्लेवर/कलर पाए जाते हैं. ये सभी शरीर के लिए हानिकारक हैं. लगातार इनके सेवन में शरीर में मोटापा, फैटी लिवर, और हड्डियों के कमजोर होने का खतरा रहता है.
भारत में सॉफ्ट ड्रिंक (कार्बोनेटेड) का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिसका मूल्य लगभग 19.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग ₹1.6 लाख करोड़+) होने का अनुमान है. अब अनुमान लगाया जा रहा है कि ये बाजार 2027 तक और तेजी से बढ़ेगा और इसकी कीमत 49.34 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. इन ड्रिंक्स सेहत को बहुत नुकसान होते हैं इसिलए इन्हें भूलकर भी अपनी डाइट में शामिल करें.
सेहत का नुकसान पहुंचाते सॉफ्ट ड्रिंक्स
सॉफ्ट ड्रिंक्स शरीर को कई तरह से नुकसान देते हैं. जैन जी को लगता है ये शरीर को ठंडक दे रहे हैं, या इनसे एनर्जी मिल रही है. लेकिन ऐसा कुछ नहीं है. बल्कि ये सॉफ्ट ड्रिंक्स सेहत को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचाते हैं. इसमें उच्च मात्रा में चीनी, कैफीन, फॉस्फोरिक एसिड और कैलोरी बहुत अधिक मात्रा में पाई जाती है, जिससे शरीर में मोटापा, टाइप-2 मधुमेह (डायबिटीज), हड्डियों को कमजोर करने, दांतों में सड़न और गंभीर हृदय रोग का कारण बन सकते हैं.
इसलिए जैन जी को इस बात के लिए सतर्क हो जाना चाहिए कि उन्हें गर्मियों में गर्मी से राहत पाने या फिर शरीर को ठंडक नहीं देता है. बल्कि नुकसान पहुंचाते हैं.
इनकी पॉपुलैरिटी को देखकर लोग पागल हो जाते हैं और इन्हें एनर्जी ड्रिंक्स समझकर पीने लगते हैं. लेकिन आपको बता दें कि इनमें चीनी, कैफीन फॉस्फोरिक एसिड के अलावा एस्पार्टेम और एसेसल्फेम पोटैशियम जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर का इस्तेमाल ज्यादा होता है, जो समय के साथ आपके मेटाबॉलिज्म और गट हेल्थ को प्रभावित कर सकते हैं. जिसके कारण पेट में ऐंठन, सूजन और अपच जैसी समस्या देखने को मिलती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


