Stomach Cancer: पेट का कैंसर? क्या आपने आज से पहले इस कैंसर के बारे में सुना है? अगर नहीं तो आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि क्या होता है पेट का कैंसर और इसका इलाज क्या है? शारदा केयर अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट और एच.ओ.डी रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के डॉक्टर अनिल ठाकवानी से क्या पेट के कैंसर का इलाज क्या है और इसकी पहचान कैसे करें.
हमारी छोटी-छोटी आदतें हमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी तक धकेल देती है, जैसे कि खाना बनाने का गलत तरीका भी कैंसर का कारण हो सकती है. जब हम बार-बार कुंकिंग के दौरान उसी तेल का इस्तेमाल करते हैं तो उसमें कुछ पॉलीकार्ब आ जाते हैं, जो कि कैंसर का कारण बनते हैं. डॉक्टर अनिल ठाकवानी बताते हैं कि जब वह शारदा हॉस्पिटल की तरफ से भूटान गए थे वहां उन्हें जितने भी पेशेंट्स मिले उसमें 90% कैंसर स्टमक के थे, इंटेस्टाइन कैंसर के थे, इसोफेगस फूड पाइप के थे, यानी पेट और आंतों के कैंसर ज्यादा थे.
मिर्च-मसालेदार खाने से होता कैंसर
डॉक्टर आगे कहते हैं कि जब वहां उन्हें खाना ऑफर किया गया तो उन्होंने देखा कि खाने के ऊपर ड्राई यानि सूखी मिर्च डाल कर खाना खाया जा रहा था. जिसके बाद मैं डर गया और मैंने कहा कि खाना बहुत मसालेदार है. मैं आपको बताना चाहूंगा कि वन ऑफ द मेजर कॉज ऑफ स्टमक मेलेगनेंसी इज हैविंग ऑयली एंड स्पाइसी फूड यानी पेट के कैंसर होने की वजह है मसाले. जी हां, अगर आप तेज मसाला खाते हैं, आप चाय बहुत ज्यादा पीते हैं, खाली पेट या फिर आप ड्रिंक ज्यादा करते हैं. ये आपके स्टमक कैंसर के कारण होते हैं.
हमारे यहां पर जैसे 10%, 15%, 20% केस ऐसे होते हैं. भूटान में 90% केसेस पेट के कैंसर के थे. इसलिए मैं आपको बताना चाहूंगा कि ज्यादा मिर्च मसाला न खाएं. खाली पेट चाय बिल्कुल न पिएं. ऑयली फूड कम लें और रिपीटेड यूज ऑफ ऑयल को बंद करें. इसके अलावा जो लोग डीप फ्राई करते हैं वो उस तेल को रख लेते हैं. फिर अगली बार फिर से उसे इस्तेमाल करते है जो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. इसके अलावा जो बाहरी खाना होता है, गली नुक्कड़ पर मिलने वाले समोसे, कचौड़ी इन्हें भी न खाएं. क्योंकि वह उस खाने को बार-बार गर्म करते हैं साथ ही वह यूज किए हुए तेल में बार-बार गर्म करते हैं. डॉक्टर ने बताया कि इस तरह के तेल के अच्छे केमिकल मर जाते हैं और रीहीट किया हुआ तेल या खाना सेहत को नुकसान पहुंचता है.
चाय पीने से होता पेट का कैंसर
आगे डॉक्टर बताते हैं कि कुछ लोग दिन में 10 बार चाय पी रहे हैं, 10 बार कॉफी पी रहे हैं, ब्लैक कॉफी पी रहे हैं, ब्लैक टी पी रहे हैं. इसमें डायरेक्ट कैंसर नहीं होता बल्कि इनडायरेक्ट कैंसर होता है. जिससे स्टमक की लाइनिंग इरोड होती है और गैस्ट्रिक अल्सर्स बन जाता है. जिससे इंफेक्शन होकर यह कैंसर में बदल जाता है. इसके अलावा अगर आपको चाय या कॉफी पीनी है तो पहले कुछ एक्सरसाइज करके शरीर को फ्रैश कीजिए और नहाने के बाद चाय या कॉफी पीजिए. आयुर्वेद भी यही कहता है कि अगर आप खाली पेट चाय पीते हैं तो वह एसिडिटी को बढ़ाती है.
कैंसर के लिए कराएं ये टेस्ट
डॉक्टर आगे बताते हैं कि एलिकबेक्टर पाइलरीई नाम का बैक्टीरिया होता है वो स्टमक में इनफेस्ट करता है और वो कैंसर कर देता है मतलब उस इंसान को कोई ना कोई तो सिम्टम ऑफ एंड ऑन आते होंगे जिसको हां एसिडिटी एसिडिटी हो गया, मुंह में खट्टापन आना बार-बार तो ये सब है और नॉर्मल एक दो या हफ्ते के ट्रीटमेंट से नहीं जा रहा तो वन शुड गेट हिमसेल्फ इन्वेस्टिगेटेड फॉर दैट. आप गैस्ट्रो के पास जाएंगे या डॉक्टर के पास जाएंगे और एच पलराइट टेस्ट जरूर कराएगा.
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