Symptoms of Urinary Tract Infection (UTI): कई लोग यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन से परेशान रहते हैं, वैसे तो उन्हें इस बीमारी के बारे में खास पता नहीं होता. तो सबसे पहले जान लेते हैं, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन आखिर है क्या? क्या है इसके लक्षण, साथ ही इससे बचने का घरेलू नुस्खा क्या हो सकता है?
UTI (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) यानि पेशाब करते समय होने वाली आम समस्या को यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन कहा जाता है. ये बैक्टीरिया के कारण होने वाला आम संक्रमण है. पेशाब में जलन,बार-बार पेशाब आना, या पेट के निचले हिस्से में दर्द होना इस समस्या के आम लक्षण है. कई लोग इन लक्षणों को आम समझकर इग्नौर कर देते है. लेकिन अगर आप थोड़ा-सा ख्याल रखेंगे तो इन परेशानियों को कुछ घरेलू नुस्खों की मदद से कम किया जा सकता है. ऐसे में आज हम आपको डॉक्टर उपासना वोहरा द्वारा बताई गई नुस्खे के बारे में बताएंगे, जिससे आप UTI के खतरे से बचे सकते हैं.
UTI से बचने का उपाय | Ways to Prevent UTIs
ट्रैवलिंग के समय बहुत से लोग पब्लिक टॉयलेट का यूज करते हैं. लेकिन कई बार मजबूरी में ऐसा करना पड़ता है. लेकिन अगर आपको यूटीआई की समस्या से बचना है तो आपको पबल्कि टॉयलेट अवॉयड करना होगा. वहीं अगर आप ट्रैवलिंग के समय अपने साथ कुछ दाने सौंफ के रखें, उन दानों को समय-समय पर खातें रहें. सौंफ खाने से आपको पब्लिक टॉयलेट यूज करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. क्योंकि सौंफ ठंडा होता है जिससे ये आपके शरीर को ठंडा रखेगा, और आपके इम्यून सिस्टम को भी स्ट्रॉग करेगा.
सौंफ ठंडा होता है. जिससे, जिन लोगों को ज्यादा पानी पीने की आदत होती है, उन्हें बार-बार प्यास नहीं लगेगी. और वह पब्लिक टॉयलेट यूज करने से भी बचे रहेंगे. वहीं सौंफ में पाए जाने वाले एंटीबायोटिक गुण, यूटीआई के खतरे को कम करता है. सौंफ खाने से यूटीआई होने का रिस्क कम हो जाता है. सौंफ (Fennel Seeds) अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुणों की वजह से यूटीआई से बचाने में मददगार साबित होता है. यह बॉडी को डिटॉक्स कर किडनी से बैक्टीरिया बाहर निकालने में भी मदद करता है. साथ ही यूरिन में होने वाली जलन को भी कम करता है.
एंटीबायोटिक गुणों से भरपूर होता है सौंफ
सौंफ (Fennel Seeds) में एनेथोल (Anethole) और फेनचोन (Fenchone) जैसे प्रमुख बायोएक्टिव यौगिक होते हैं, जो शरीर को शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और रोगाणुरोधी (antimicrobial) गुण देते हैं. ये पाचन तंत्र को सुधारती है, मुंह के कीटाणुओं को नष्ट करती है और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालकर सूजन कम करती है.
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