What Is Oxytocin: राजस्थान के कोटा जिले में एक सरकारी अस्पताल में पांच प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत हो गई. इसपर विवाद काफी बढ़ गया है. जानकारी है कि महिलाओं का खून बह रहा था जिसे रोकने के लिए इंजेक्शन दिए गए. अब इस इंजेक्शन में ब्लड क्लॉटिंग कंपोनेंट नहीं था, सिर्फ पानी मिलाया गया था. यानी महिलाओं को इंजेक्शन में दवा नहीं पानी दे दिया गया.
नतीजा क्या हुआ? खून बहता रहा और रुका नहीं. जिसके कारण महिलाओं की मौत हो गई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये मामला न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में हुआ था. इस चर्चित मामले में एक ‘ऑक्सीटोक्सीन इंजेक्शन‘ की चर्चा भी खूब हो रही है. चर्चा का कारण इसलिए भी है क्योंकि महिलाओं की मौत ऑक्सीटोक्सीन इंजेक्शन की वजह से हुई हैं. ऐसे में तमाम सवाल इस इंजेक्शन को लेकर आते हैं. ऑक्सीटोसिन क्या होता है? इस इंजेक्शन का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है. आज इसके बारे में जानेंगे.
ऑक्सीटोक्सीन क्या होता है?
क्योंकि ऑक्सीटोक्सीन की चिंता अधिक हो रही है. इसलिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर ये है क्या? तो बता दें कि ये एक हार्मोन है. इसका दूसरा नाम लव हार्मोन भी है. इसकी मदद सेक्शुअल रिप्रोडक्शन, सोशल कनेक्शन, बच्चे के जन्म और मेंस्ट्रुएशन में अहम रोल प्ले करता है. यह हार्मोन हाइपोथैलेमस में उत्पन्न होता है. जब मनुष्य प्रजनन करता है तो उसके पिट्यूटरी ग्रंथियों द्वारा जो हार्मोन स्त्रावित होता है उसे ही ऑक्सीटोक्सीन कहते हैं.
यहां सवाल ये भी आता है कि अगर ये हार्मोन है तो इंजेक्शन का कनेक्शन कैसे सामने आया? इसका जवाब है कि ऑक्सीटोसीन कैमिकल मैन्यूफैक्चरिंग भी होता है. यानी फार्मा कंपनियां लेबर पेन के दौरान में इस्तेमाल के लिए इसे बेचती हैं. आसान भाषा में कहा जाए तो ये इंजेक्शन के रूप में बाजारों में बिकता है.
प्रेग्नेंट महिलाओं को दिया जाता ये इंजेक्शन
लेबर पेन के दौरान आसानी से शिशु का जन्म हो सके इसके लिए महिलाओं को ऑक्सीटोक्सीन इंजेक्शन दिया जाता है. क्यों दिया जाता है? तो इसका जवाब है कि बच्चे के जन्म के दौरान होने वाली ब्लीडिंग को कंट्रोल करने के काम में इस इंजेक्शन को लिया जाता है. जिसके कारण इसे लाइफ सेविंग ड्रग भी माना जाता है. राजस्थान में भी कुछ ऐसा ही हुआ. प्रेग्नेंट महिलाओं को ये इंजेक्शन दिया जाना था. डॉक्टरों के अनुसार यही इंजेक्शन दिया गया था, लेकिन उसमें कैमिकल नहीं बल्कि पानी भरा था. इसलिए विवाद और भी गहराता जा रहा है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

