World Brain Tumor Day 2026: आज के समय में लोगों का लाइफस्टाइल इतना बिजी हो गया है कि सिर दर्द की समस्या काफी आम हो गई है. लोगों का मानना है कि सिर दर्द काम के स्ट्रेस के कारण हो रहा है. नींद नहीं पूरी हो पाई, लंबे समय से स्ट्रेस हो रहा है, देर तक स्क्रीन देख ली तो सिर दर्द हो रहा हो. लेकिन ये बार-बार होने लगे और पहले से ज्यादा तेज हो जाए. इतना ही नहीं कुछ अन्य लक्षण दिखाई देने लगे तो इसे हल्के में लेने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए.
हर साल 8 जून को वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे 2026 (World Brain Tumor Day 2026) के रूप में मनाया जाता है. इसका मकसद इतना ही है कि इस बीमारी के प्रति लोगों को जाग्रुक करना. क्योंकि समय रहते न ध्यान दिया जाए तो ये ट्यूमर में बदल सकता है. इसलिए इसके इलाज और कारण को जानना जरूरी हो जाता है.
कैसे होती है ब्रेन ट्यूमर की कंडिशन? (Cause of Brain Tumor)
पहले ये जान लेते हैं कि आखिर ब्रेन ट्यूमर होता कैसे है, तो जब हमारे माइंड के कुछ सेल्स असमान्य तीरके से बढ़ने लगे, ये कैंसर भी हो सकता है, और बिना कैंसर वाला भी. हालांकि दोनों एक ऐसी कंडिशन है जो हमारे माइंड के नॉर्मल कामकाज को भी अफेक्ट कर सकता है. इसपर एक्सपर्ट्स कहते है कि समय पर इसकी पहचान और इलाज बेहतर इलाज के लिए बहुत जरूरी है.
हैरानी और चौंकाने वाली बात आंकड़ों की है. हर साल भारत में 28 हजार से अधिक मामले ब्रेन ट्यूमर के आते हैं. हर साल 24 हजार से अभी अधिक लोग ब्रेन ट्यूमर के कारण मरते हैं. ये डेटा इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ कैंसर रजिस्ट्री यानी (IARC) की ओर से जारी किया गया डेटा है.
लक्षण पढ़कर जानें कैसे बचें? (Symptoms of Brain Tumor)
अब आप इससे कैसे बच सकते हैं? तो इसके लिए आपको पहले इसके लक्षण जानने होंगे. क्योंकि हर व्यक्ति में एक जैसे लक्षण नहीं दिखाई देते हैं. लेकिन सिर में दर्द होना सबसे आम लक्षणों में से एक है. जिसकी शुरुआत में ही हमने चर्चा की थी. फिर भी इसके शुरुआती लक्षणों पर जरा गौर कीजिएः
- लगातार या बार-बार होने वाला सिरदर्द
- सुबह के समय सिरदर्द का ज्यादा होना
- अचानक दौरे (Seizures) पड़ना
- धुंधला दिखना या डबल विजन होना
- सुनने की क्षमता में बदलाव
- संतुलन बनाने में कठिनाई या चक्कर आना
- बार-बार मतली या उल्टी होना
- शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन
- हाथ-पैरों की गतिविधियों पर नियंत्रण कम होना
- बोलने में परेशानी या शब्द भूलना
- याददाश्त कमजोर होना
- ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत
- सोचने-समझने की क्षमता में बदलाव
- व्यवहार या व्यक्तित्व में अचानक परिवर्तन
- मूड स्विंग्स या चिड़चिड़ापन बढ़ना
- अत्यधिक थकान महसूस होना
क्या इलाज मौजूद है?
इसका जवाब है कि हां ब्रेन ट्यूमर का इलाज मौजूद है. लेकिन इलाज ट्यूमर के आकार यानी साइज पर निर्भर करता है. इलाज के प्रोसेस की बात करें तो सर्जरी, रेडियोथेरेपी या फिर कीमोथेरेपी सबसे आम इलाज के ऑप्शंस हैं. लेकिन आजकल टार्गेटेड तेरेपी, इम्यूनोथेरेपी जैसी एडवांस तकनीक भी इस्तेमाल किया जाने लगा है. जो मरीजों के लिए भी अच्छी बात है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

