होमHealth NewsWorld Thyroid Day 2026: 35 के बाद तेजी से बढ़ रहा वजन?...

World Thyroid Day 2026: 35 के बाद तेजी से बढ़ रहा वजन? कहीं थायरॉइड का संकेत तो नहीं, जानें लक्षण

World Thyroid Day 2026 के मौके पर एक्सपर्ट्स ने बताया कि तेजी से बढ़ता वजन, थकान और सुस्ती थायरॉइड का संकेत हो सकते हैं. समय रहते लक्षण पहचानना और जांच कराना बेहद जरूरी है.

World Thyroid Day 2026: आज के समय में वजन बढ़ना काफी आम समस्या में से एक होता जा रहा है. खासतौर पर 35 के बाद तेजी से वजन बढ़ता है. कुछ लोग इसे उम्र बढ़ने की समस्या मानते हैं, तो कुछ इसे अनएक्टिव लाइफस्टाइल या फिर हार्मोनल बदलाव मान बैठते हैं. लेकिन संभव है कि ये थाइरॉइड भी हो सकता है. हर सा 25 मई को वर्ल्ड थाइरॉइड डे 2026 के रूप में मनाया जाता है.

हालांकि अगर वजन किसी कारण से बढ़ रहा है, तो चिंता का विषय तो है, लेकिन ये बीमारी का संकेत नहीं है. लेकिन अगर अकारण वजन बढ़ना, हमेशा थकान लगना. शरीर पहले जितना एक्चिव था अब उतना एक्टिव न लगना. अगर इस तरह के लक्षण आपको दिखें तो इसे इग्नोर मत कीजिएगा. क्योंकि इसके पीछे का कारण थायरॉइड हो सकता है.

क्या होता है थायरॉइड

पहले जान लेते हैं कि आखिर थायरॉइड होता क्या है, तो ये हमारे गले में छोटी सी ग्रंथि होती है. जो हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी लेवल यहां तक के कई जरूरी कार्यों को भी कंट्रोल में रखती है. अगर ये काम करेगी तो शरीर भी सही से काम करेगा. लेकिन अगर इस ग्रंथि ने काम करना बंद कर दिया तो ये शरीर में कैलोरी को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाएगी. धीरे-धीरे ही सही ये बढ़ने लगेगी. कई एक्सपर्ट्स का कहना है कि समय रहते इसकी पहचान करना बहुत जरूरी होता है.

क्यों वजन बढ़ने को उम्र के साथ जोड़ते हैं लोग?

दरअसल कई लोग ये मान बैठते हैं कि अगर 35 के बाद वजन बढ़ रहा है तो इसके पीछे का कारक है उम्र. क्योंकि 35 के बाद वजन बढ़ना काफी नॉर्मल भी माना जाता है. साथ ही जब उम्र बढ़ती है तो मेटाबॉलिज्म भी स्लो हो जाता है. लेकिन हर बार इसका यही कारण नहीं हो सकता. आपके लाइफस्टाइल पर भी निर्भर करता है.

क्या होते हैं थायरॉइड का क्या है कारण?

NCBI की डेटा रिपोर्ट के मुताबिक हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. भारत में करीब 4.2 करोड़ लोग इस समस्या का शिकार हैं. अगर आप कारण पूछेंगे तो साफ है. पहला जेनेचिक, दूसरा ऐसी दवाएं जिसमें आयोडीन की मात्रा अधिक हो, बिना आयोडीन वाला नमक. इसके अलावा स्वप्रतिरक्षी रोग होने से भी जोखिम बढ़ता है. खून की कमी, टाइप-1 सीलिएक रोग, एडिसन रोग ,ल्यूपस, गठिया और स्जोग्रेन सिंड्रोम भी इसकी वजह हो सकते हैं.

थायरॉइ़ड के होते हैं इतने प्रकार

वहीं दो प्रकार के थायरॉइड होते हैं, पहला हाइपोथायरायडिज्म. ये सबसे आम थायरॉइड की गिनती में आता है. क्योंकि इस कंडिशन के अंदर हार्मोन कम मात्रा में निकल पाते हैं. रिजल्ट्स के तौर पर वजन बढ़ना, डाइजेशन में समस्या, हार्ट रेट स्लो होना, स्किन में ड्राइनेस होना, कब्ज जैसे लक्षण इसमें नजर आते हैं. आप कह सकते हैं कि इस कंडिशन में छोटे-छोटे ही बदलाव नजर आते हैं. जिसके कारण कुछ लोगों को इसके बारे में पता ही नहीं होता कि वो इस समस्या से ग्रसित हैं.

दूसरा टाइप होता है हाइपरथायरायडिज्म जिसके अंदर जरूरत से अधिक हार्मोन प्रोड्यूस होने लगते हैं. इसमें वजन तेजी से गिरता है. यानी वजन घटना शुरू हो जाता है. इस केस में हार्ट रेट बढ़ना, स्किन अजीब सी हो जाती है, हमेशा थकान रहना, स्ट्रेस में रहना, आलस बने रहना. इस तरह की समस्या परेशान कर सकती है. इस वाले टाइप में मेटाबॉलिज्म भी काफी लो हो जाता है. मसल्स वीक होने लगती है. जोड़ों में दर्द होने लगती है. नींद में दिक्कत आने लगती है. इस तरह की समस्या आपको परेशान कर सकती हैं.

यह भी पढ़ें: अफ्रीका में Ebola का कहर, भारत ने भेजी मेडिकल मदद; WHO ने घोषित की हेल्थ इमरजेंसी

(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

author avatar
sarthak arora Senior Sub Editor
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
sarthak arora
sarthak arora
अपनी उंगलियों से खबरों को खटाखट लिखना, और लिखने से पहले पढ़ना और समझना. इस तरह पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव पाया. कार्य जारी है और इसी तरह लिखना, पढ़ना और सीखना निरंतर जारी रहेगा.
RELATED ARTICLES

क्या ज्यादा चाय पीने से हो सकती है Vitamin B12 की कमी! जानिए कितने कप चाय पीना सुरक्षित है

Tea Side Effects: क्या ज्यादा चाय पीने से Vitamin B12, आयरन और कैल्शियम की कमी हो सकती है? जानिए दिन में कितनी चाय पीनी चाहिए और सही समय क्या है.

बार-बार उल्‍टी आना…खराब गट हेल्थ का संकेत! शरीर पर डाल सकती है बुरा असर

Impact Of Poor Gut Health: हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनके शरीर में गैस, कब्ज और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

क्या होता है यूरिक एसिड? जानें बढ़ जाए तो कैसे कर सकते हैं कंट्रोल

High Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड क्या होता है, क्यों बढ़ता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल करें? जानिए डाइट, वजन और लाइफस्टाइल से जुड़े जरूरी उपाय.

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें

Most Popular

क्या ज्यादा चाय पीने से हो सकती है Vitamin B12 की कमी! जानिए कितने कप चाय पीना सुरक्षित है

Tea Side Effects: क्या ज्यादा चाय पीने से Vitamin B12, आयरन और कैल्शियम की कमी हो सकती है? जानिए दिन में कितनी चाय पीनी चाहिए और सही समय क्या है.

बार-बार उल्‍टी आना…खराब गट हेल्थ का संकेत! शरीर पर डाल सकती है बुरा असर

Impact Of Poor Gut Health: हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिनके शरीर में गैस, कब्ज और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

क्या होता है यूरिक एसिड? जानें बढ़ जाए तो कैसे कर सकते हैं कंट्रोल

High Uric Acid Symptoms: यूरिक एसिड क्या होता है, क्यों बढ़ता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं और इसे कैसे कंट्रोल करें? जानिए डाइट, वजन और लाइफस्टाइल से जुड़े जरूरी उपाय.

ऐसे बनाएं रिच प्रोटीन ब्रेकफास्ट, मिनटों में होगा तैयार

High Protein Breakfast: सुबह का नाश्ता पूरे दिन की एनर्जी का काम करता है. इसलिए गलती से भी सुबह का नाश्ता स्किप नहीं होना चाहिए.

Recent Comments