World Asthma Day: अस्थमा (दमा) एक गंभीर सांस से जुड़ी बीमारी है, जिसमें सही इलाज और सावधानी बेहद जरूरी होती है. इसी विषय को लेकर फिट रहे इंडिया ने Dr. R. K. Mani, जो Yashoda Medicity में क्रिटिकल सर्विसेज और पल्मोनरी केयर के डायरेक्टर हैं, खुलकर बात की. उन्होंने अस्थमा के इलाज को लेकर सभी जरूरी जानकारी बताई.
डॉ. मणि के अनुसार, कई लोग यह सोचते हैं कि क्या अस्थमा का इलाज बिना इनहेलर के संभव है. इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ हल्के मामलों में जीवनशैली में बदलाव से लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है, लेकिन अधिकांश मामलों में इनहेलर सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपचार होता है. बिना डॉक्टर की सलाह के इनहेलर बंद करना खतरनाक साबित हो सकता है और इससे अटैक का खतरा बढ़ जाता है.
अस्थमा के सामान्य लक्षणों में सांस फूलना, सीने में जकड़न, खांसी और सीटी जैसी आवाज आना शामिल है. इसके ट्रिगर्स में धूल, धुआं, ठंडी हवा, एलर्जी और संक्रमण प्रमुख हैं. इनसे बचाव करना बीमारी को नियंत्रित रखने में मदद करता है.
डॉ. मणि ने यह भी बताया कि कुछ lifestyle changes जैसे नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, धूम्रपान से दूरी और साफ-सफाई का ध्यान रखना अस्थमा के मरीजों के लिए लाभदायक है। इसके साथ ही, समय-समय पर डॉक्टर से जांच कराना भी जरूरी है.
डॉक्टर का कहना है कि यदि मरीज को बार-बार सांस लेने में कठिनाई, तेज खांसी या इनहेलर लेने के बाद भी राहत न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. सही जानकारी और समय पर उपचार से अस्थमा को प्रभावी तरीके से कंट्रोल की जा सकती है.
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