Benefits Of Kutki: मार्च का महीना चल रहा है, वहीं नवरात्रि के दिन भी शुरू हो चुके हैं. लेकिन मौसम न बिन मौसम करवट बदली है. जिससे स्किन में खुजली, रेशैज, मुहांसे, और पेट से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा हो सकता है. बिन मौसम बरसात से न केवल हम बीमार पड़ सकते हैं, लेकिन पाचन से जुड़ी बीमारियों और फ्लू के होने का खतरा भी होता है.
खासकर वे लोग इनकी इम्यूनिटी कमजोर है. उन्हें खासी-जुकाम और बाहर के गलत खानपान से लीवर और पेट मे दिक्कत का सामना करना पड़ता है. वहीं कई लोग इन बीमरियों को लिए घरेलु नुस्खे अपनाते हैं. आयुर्वेद में अश्वगंधा, गिलोय, त्रिफला और नीम जैसी जड़ू बूटियों का ज्रिक मिलता है, ये जड़ी बूटियां शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाती हैं. लेकिन आज हम आपको पहाड़ों में मिलने वाली एक अनोखी जड़ी बूटी के बारे में बताने जा रहे हैं. जिसके बारे में कम लोग ही जानते हैं.
हिमालयन हर्ब जिसे ”कुटकी” नाम से जाना जाता है. इसका स्वाद कड़वा होता है, लेकिन यह बहुत असरदार जड़ी बूटी है. आयुर्वेद में इसे खासकर लिवर (Liver) समस्याओं के लिए फायदेमंद माना गया है.
कुटकी जड़ी बूटी के अनगिनत फायदे (Benefits Of Kutki)
- कुटकी जड़ी बूटी लिवर संबंधी बीमरी के लिए फायदेमंद हैं. आयुर्वेद में बताया गया है कि ये लिवर की सफाई करने और उसकी कार्य क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है.
- कुटकी को शरीर से विषैले तत्व को भी शरीर से बाहर निकालने में फायदेमंद मानी जाती है. यह शरीर को अंदर से साफ रखने और स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है.
- वहीं कुटकी को पाचन संबंधी बीमारियों में भी कारगर माना जाता है. यह पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर करने में मदद करती है.
- वहीं कहा जाता है कि कुटकी जड़ी बूटी मेटाबोलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करती है. जिस कारण वजन भी कंट्रोल में रहता है.
- इसके सेवन करने से शुगर के साथ कई और बड़ी बीमारियों को ठीक करने का काम करती है.
- कुटकी जड़ी बूटी कई बीमारियों में रामबाण इलाज का काम करता है. यह पेट की गर्मी को दूर करने, पित्त और कफ जैसी दिक्कतों के लिए भी जानी जाती है.
- कुटकी जड़ी बूटी भूख बढ़ाने और बुखार ठीक करने में भी बेहद फायदेमंद है. साथ ही शरीर की जलन, पेट के कीड़े, मोटापा, सांसों की बीमारी में भी इसके सेवन से लाभ मिलता है.
आधा चम्मच कुटकी चूर्ण का सेवन सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ करना फायदेमंद माना जाता है. जो विशेष रूप से लिवर और पाचन संबंधी विकारों में राहत देता है. इसके अतिरिक्त, इसका सेवन रात को सोने से पहले भी किया जा सकता है. रात में इसे लेने से पेट की सफाई (कोठा शुद्धि) में सहायता मिलती है, जिससे अगले दिन व्यक्ति को शरीर में हल्कापन और ताजगी महसूस होती है.
कैसे किया जाता है कुटकी का इस्तेमाल | How To Use Kutki
बता दें कि आज के समय में कुटकी जड़ी बूटी बाजार में आसानी से मिल जाती है. लेकिन इसके इस्तेमाल के लिए पहले डॉक्टर से राय जरूर लें. कहा जाता है किसी भी जड़ी बूटी का सेवन सीमित मात्रा और उचित जानकारी होने पर ही करनी चाहिए. इसिलए इसके सेवन के लिए पहले किसी वैद्य या डॉक्टर से जरूर राय लें.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


