Benefits Of Shashankasana: आज की दौड़भाग भरी जिंदगी में लोगों की सुबह और शाम स्ट्रेस भरी रहती है. ऐसे में उन्हें योग मन की शांति प्रदान करने में मदद करेगा. अगर आप कुछ समय योग के लिए निकाल लें तो आपको मानसिक शांति की अनुभूति होगी. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि मन को शांति देने वाला योग कौन सा है? इसके अलावा योग करने के क्या-क्या फायदे हैं? करने का क्या है सही तरीका…चलिए जानते हैं.
शशांकासन (Shashankasana / Rabbit Pose) को रोबोटिक पोज भी कहा जाता है. ये योगासन तनाव कम करने, रीढ़ को आराम देने और मन को शांत करने में मदद करता है. ‘शशक’ शब्द को संस्कृत भाषा में खरगोश कहा जाता है. और आसन का मतलब मुद्रा होता है. यानि खरगोश जैसी अवस्था में बैठना या उसकी तरह आसन करने को शशांकासन कहते हैं. जिस तरह से खरगोश खुद को खतरे से बचाने के लिए खुद को सिकोड़कर शांत हो जाता है, ठीक वैसे ही नियमित तौर पर शशांकासन करने से व्यक्ति के दिल और दिमाग को आराम और शांति मिलती है. शशांकासन तनाव, चिंता और गुस्से को कम करने वाला एक बेहतरीन आसन है, जो मन को शांत करता है.
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शशांकासन करने के फायदे – Benefits Of Shashankasana In Hindi
कम होती मानसिक थकान
शशांकासन से शरीर के साथ-साथ मानसिक थकान भी दूर होती है. इसे आप अपनी रोजाना की प्रैक्टिस में शामिल कर सकते हैं. नियमित अभ्यास से दिमाग शांत होता है और तनाव, चिंता और मेंटल स्ट्रेस को कम करने में मदद करती है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब लोग लगातार तनाव का सामना कर रहे हैं, ऐसे में शशांकासन शरीर को रिलैक्स करने और मन को शांत करने में मदद कर सकता है.
कमर दर्द से राहत
शशांकासन करने से रीढ़ की हड्डी में खिंचाव आता है, जिससे रीढ़ लचीली और मजबूत बनने में मदद मिलती है. यह आसन कमर की मांसपेशियों को रिलैक्स कर कमर दर्द से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. इसके अलाव इस योगासन से दिमाग में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है,जिससे दिमाग की सक्रियता और फोकस बढ़ाने में मदद मिलती है.
डाइजेस्टिव सिस्टम बेहतर
शशांकासन करने से पेट की मांसपेशियां भी मजबूत होती है. पेट की मांसपेशियों पर हल्क दबाव पड़ता है, जो डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए बेहतर है. इसके अभ्यास से पाचन क्रिया तेज होती है और गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याएं कम होती है.
नींद बेहतर
शशांकासन के दौरान गले और गर्दन के हिस्से में हल्का खिंचाव आता है, जिससे थायराइड ग्रंथि एक्टिव होती है. इसके अलावा यह आसन शरीर को शांत करता है, जिससे नींद बेहतर आने में मदद मिलती है और अनिद्रा की समस्या दूर होती है. रोजाना की प्रैक्टिस से सही तरीके से किया गया शशांकासन बीपी को बैलेंस करने में भी मदद करता है. हालांकि किसी भी बीमारी या शारीरिक समस्या की स्थिति में इसे करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है.
शशांकासन करने का सही तरीका – How To Do Shashankasana
- शशांकासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं.
- अब गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर ही ओर ले जाएं.
- इसके बाद रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए, शरीर को धीरे-धीरे नीचे की ओर ले जाएं.
- अब सांस छोड़ते हुए, ठोड़ी को फर्श पर टिकाने का प्रयास करें.
- इस पोजीशन में करीब 20 से 30 सेकंड रुकें। फिर अपनी प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं.
- इस प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएं.
ये लोग बरतें सावधानी
- गंभीर कमर दर्द या रीढ़ की समस्या वाले लोग.
- स्लिप डिस्क, स्पाइनल इंजरी या रीढ़ से जुड़ी गंभीर परेशानी में यह आसन करने से बचना चाहिए.
- गर्दन की समस्या वाले लोग.
- सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, गर्दन में दर्द या अकड़न होने पर सावधानी बरतनी चाहिए.
- अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर वाले लोग.
- सिर नीचे करने वाली स्थिति के कारण कुछ लोगों को परेशानी हो सकती है.
- चक्कर या वर्टिगो की समस्या वाले लोग.
- इस आसन से सिर नीचे जाता है, जिससे चक्कर बढ़ सकते हैं.
- घुटनों में दर्द या चोट वाले लोग.
- घुटने की गंभीर समस्या, चोट या सर्जरी के बाद यह आसन न करें.
- गर्भवती महिलाएं.
- खासकर गर्भावस्था के बाद के महीनों में पेट पर दबाव पड़ सकता है, इसलिए विशेषज्ञ की सलाह जरूरी है.
- पेट की सर्जरी या हर्निया वाले लोग.
- पेट पर दबाव पड़ने के कारण यह आसन नुकसानदायक हो सकता है.
- माइग्रेन या तेज सिरदर्द की समस्या वाले लोग.
- अगर सिर नीचे करने से दर्द बढ़ता है तो इसे करने से बचें.
- आसन करते समय दर्द महसूस होने पर.
- कमर, गर्दन, घुटने या सिर में दर्द हो तो तुरंत आसन रोक देना चाहिए.
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FAQs
सवाल: शशांकासन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: शशांकासन धीरे-धीरे करना चाहिए और शरीर पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए. सांसों को सामान्य रखें और अगर गर्दन, कमर या घुटनों में दर्द महसूस हो तो आसन तुरंत रोक दें.
सवाल:किन लोगों को शशांकासन नहीं करना चाहिए?
जवाब: जिन लोगों को गंभीर कमर दर्द, स्लिप डिस्क, गर्दन की समस्या, घुटनों में ज्यादा दर्द, अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, चक्कर आने की समस्या या गर्भावस्था के दौरान परेशानी हो, उन्हें शशांकासन करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
सवाल: शशांकासन करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: शशांकासन धीरे-धीरे करना चाहिए और शरीर पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहिए. सांसों को सामान्य रखें और अगर गर्दन, कमर या घुटनों में दर्द महसूस हो तो आसन तुरंत रोक दें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

