Dermal Fillers Treatment: मार्किट में कई तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट्स मौजूद हैं, उन्हीं में से एक है डर्मल फिलर्स. क्या आपको पता है कि डर्मल फिलर्स क्या है? इस ट्रीटमेंट से चेहरे पर क्या होता है? आज के आर्टिकल में हम जानेंगे कि डर्मल फिलर्स के बारे में.
बता दें कि हाइलूरोनिक एसिड हमारे शरीर में नेचुरल रूप से पाया जाता है, जो स्किन में नमी और लचीलापन बनाए रखने में मदद करता है. उम्र बढ़ने के साथ इसकी मात्रा कम होने लगती है, जिससे चेहरा ढीला और झुर्रियों वाला दिखने लगता है. फिलर्स इसी कमी को कुछ समय के लिए पूरा करते हैं.
डर्मल फिलर्स क्या है?
डर्मल फिलर्स (Dermal fillers) जेल जैसे पदार्थ होते हैं जिन्हें स्किन के नीचे इंजेक्ट किया जाता है. इनका उपयोग बढ़ती उम्र के कारण चेहरे की खोई हुई वॉल्यूम (मोटापा) वापस लाने, झुर्रियों को कम करने, रेखाओं को चिकना करने और चेहरे के नैन-नक्श को निखारने (जैसे होंठ या गाल उभारने) के लिए किया जाता है.
डर्मल फिलर्स कितने दिन चलता है?
डर्मल फिलर्स 6 महीने से 2 साल तक काम करता है, लेकिन कुछ लोगों की स्किन पर यह सूट नहीं करता. ऐसे में उन्हें एलर्जी की समस्या परेशान करती है. इसलिए डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है.
कितने तरह के होते हैं डर्मल फिलर्स?
डर्मल फिलर्स 5 प्रकार के होते हैं. ये फिलर्स अलग-अलग सामग्रियों से बने होते हैं और इनका चुनाव स्किन की जरूरत के हिसाब से किया जाता है.
हयालूरोनिक एसिड (Hyaluronic Acid – HA)
यह सबसे लोकप्रिय फिलर है. यह नेचुरल रूप से स्किन में पाया जाता है और नमी बनाए रखने में मदद करता है.
कहां उपयोग होता है: होंठों को मोटा करने और आंखों के नीचे के गड्ढों को भरने के लिए हयालूरोनिक एसिड का प्रयोग किया जाता है. ये 6 से 18 महीने तक रहता है.
कैल्शियम हाइड्रॉक्सिलैपेटाइट (Calcium Hydroxylapatite – CaHA)
यह खनिज जैसा पदार्थ है जो हड्डियों में पाया जाता है.
कहां उपयोग होता है: गहरी झुर्रियों, गालों और जॉलाइन को उभारने के लिए कैल्शियम हाइड्रॉक्सिलैपेटाइट फिलर्स का प्रयोग होता है. ये 2 महीने तक रहते हैं.
पॉलीलैक्टिक एसिड (Poly-L-lactic acid – PLLA)
यह एक सिंथेटिक (कृत्रिम) फिलर है जो स्किन के नीचे कोलेजन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है.
कहां उपयोग होता है: चेहरे के निचले हिस्से और गहरी रेखाओं (नासोलैबियल फोल्ड) को ठीक करने के लिए पॉलीलैक्टिक एसिड फिलर्स का प्रयोग किया जाता है. इसके परिणाम धीरे-धीरे आते हैं और 2 साल तक बने रह सकते हैं.
पीएमएमए (Polymethylmethacrylate – PMMA)
यह एक सिंथेटिक पदार्थ है, जो छोटे-छोटे माइक्रोस्फीयर (गेंदों) के रूप में कोलेजन के साथ मिलकर स्किन में काम करता है.
कहां उपयोग होता है: गहरी झुर्रियों और चेहरे के गड्डों को परमानेंट भरने के लिए पीएमएमए फिलर्स का प्रयोग होता है. यह 5 साल तक या लंबे समय तक रहता है.
ऑटोलॉगस फैट ग्राफ्टिंग (Autologous Fat)
इसमें शरीर के किसी अन्य हिस्से (जैसे जांघ या पेट) से फैट निकालकर चेहरे पर इंजेक्ट किया जाता है. यह एक सर्जिकल प्रक्रिया है.
डर्मल फिलर्स का उपयोग हमेशा किसी प्रमाणित और अनुभवी डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) या प्लास्टिक सर्जन से ही करवाना चाहिए.
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FAQs
सवाल: क्या डर्मल फिलर्स का असर हमेशा रहता है?
जवाब: नहीं, डर्मल फिलर्स का असर स्थायी नहीं होता। इस्तेमाल किए गए फिलर के प्रकार के अनुसार इसका प्रभाव आमतौर पर 6 से 18 महीने तक रह सकता है. इसे हमेशा योग्य त्वचा विशेषज्ञ या प्लास्टिक सर्जन से ही करवाना चाहिए.
सवाल: डर्मल फिलर्स किन समस्याओं में मदद करते हैं?
जवाब: यह झुर्रियां, फाइन लाइन्स, धंसे हुए गाल, पतले होंठ और मुंहासों के कुछ गड्ढों की दिखावट को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
सवाल: क्या डर्मल फिलर्स का असर हमेशा रहता है?
जवाब: नहीं, डर्मल फिलर्स का असर स्थायी नहीं होता, इस्तेमाल किए गए फिलर के प्रकार के अनुसार इसका प्रभाव आमतौर पर 6 से 18 महीने तक रह सकता है. इसे हमेशा योग्य त्वचा विशेषज्ञ या प्लास्टिक सर्जन से ही करवाना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

