Herbal Remedies for Eye Health: बदलते दौर में टेक्नोलॉजी ने हर जगह पैर पसार लिए हैं. स्कूल हो या ऑफिस हर जगह स्क्रीन की मदद से ही काम होता है. ऑनलाइन क्लास, डिजिटल प्रेजेंटेशन, वर्चुअल मीटिंग और स्मार्ट डिवाइसेज ने काम को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ स्क्रीन टाइम भी तेजी से बढ़ा है. एक तरफ जहां इसका फायदा है तो दूसरी तरफ इसके नुकसान भी काफी है. सबसे ज्यादा इसका प्रभाव आंखों की सेहत को प्रभावित करती है.
अगर एक बार आंखों की नेचुरल रोशनी खत्म हो जाए तो व्यक्ति को चश्मा लगाना पड़ता है या फिर उसे ऑपरेशन तक की जरूरत पड़ जाती है. इसलिए आंखों की सेहत के लिए आप कुछ जड़ी-बूटियों का सेवन कर सकते हैं. वहीं लंबे-लंबे समय तक सिस्टम पर बैठे रहने की आदत आंखों में जलन, दर्द की समस्या पैदा करती है. लेकिन अगर आप कुछ जड़ी-बूटियों का सेवन करते हैं तो आपकी आंखों की रोशनी को कम होने से बचा सकते हैं. आज के आर्टिकल में हम बात करेंगे ऐसे कौन सी जड़ी-बूटियां हैं जिनके सेवन से आप आंखों की रोशनी को बढ़ा सकते हैं.
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त्रिफला
त्रिफला (हरड़, बहेड़ा और आंवला का मिश्रण) को आयुर्वेद में आंखों का नेचुरल प्रोटेक्टर माना जाता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C आंखों की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं. यह आंखों की रोशनी बढ़ाने, सूजन कम करने, ड्राइनेस और जलन में राहत देने में मदद करता है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली आंखों की थकान में यह काफी फायदेमंद साबित होगा. सेवन के लिए रात में 1 चम्मच त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है. इसके अलावा त्रिफला पानी से आंखें धोना भी लाभकारी माना जाता है.
सौंफ बादाम और धागे वाली मिश्री का मिश्रण
सौंफ, बादाम और धागे वाली मिश्री का मिश्रण आंखों की सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है. सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट और ठंडक देने वाले गुण पाए जाते हैं जो आंखों की जलन और थकान कम करते हैं. बादाम में विटामिन E और हेल्दी फैट्स होते हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करते हैं. मिश्री शरीर को नेचुरल एनर्जी देती है और सौंफ-बादाम के प्रभाव को बैलेंस करती है. सेवन के लिए रात में 5–7 बादाम भिगोकर सुबह सौंफ और मिश्री के साथ पीसकर या चबा कर लिया जा सकता है.
आंवला
आंवला आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ये तत्व आंखों की रोशनी बढ़ाने, ड्राइनेस कम करने और मोतियाबिंद जैसी समस्याओं के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. इसका सेवन आप कच्चा आंवला, आंवला जूस, आंवला चूर्ण या मुरब्बे के रूप में कर सकते हैं. रोज सुबह खाली पेट आंवला जूस पीना फायदेमंद साबित हो सकता है.
गुलाब जल से दूर होगी थकान
पुरने समय से ही आंखों में गुबाल जल डालने की परंपरा चली आ रही है. गुलाब जल गुलाब की पंखुड़ियों से भाप आसवन विधि द्वारा बनाया जाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और हल्के एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. यह आंखों की जलन, थकान और सूजन को कम करने में मदद करता है. ठंडक पहुंचाकर आंखों को आराम देता है और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाली परेशानी में राहत देता है.
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FAQs
सवाल: आंखों की सेहत के लिए कौन-सी 4 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां फायदेमंद मानी जाती हैं?
जवाब: आंखों की सेहत के लिए आंवला, सौंफ, बादाम और त्रिफला को बहुत फायदेमंद माना जाता है. ये सभी आंखों की रोशनी बढ़ाने और थकान कम करने में मदद करते हैं.
सवाल: त्रिफला आंखों के लिए कैसे काम करता है?
जवाब: त्रिफला में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जो आंखों की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं. यह आंखों की सूजन, जलन और ड्राइनेस को कम करता है तथा दृष्टि को बेहतर बनाने में मदद करता है.
सवाल: क्या बच्चे भी इनका सेवन कर सकते हैं और कैसे?
जवाब:हां, लेकिन सीमित मात्रा में। आंवला रस, सौंफ-बादाम का हल्का मिश्रण या त्रिफला का बहुत कम मात्रा में सेवन डॉक्टर की सलाह से किया जा सकता है. नियमित और संतुलित उपयोग आंखों के लिए सुरक्षित माना जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

