Stomach Worms in Children: अक्सर छोटे बच्चों के पेट में दर्द होता, तो कई बार इस बात का शक होता है कि कहीं उनके पेट में कीड़े तो नहीं? पेट में कीड़े होने पर भूख कम लगना, पेट दर्द, दस्त, गुदा में खुजली, चिड़चिड़ापन और नींद में दांत पीसने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. ऐसे में बच्चा कमजोरी का शिकार हो जाता है. अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो बच्चा कमजोरी के साथ-साथ कई बीमारियों का शिकार हो सकता है.
बदलती हुई लाइफ स्टाइल, अनहेल्दी फूड्स और गंदे हाथों से खाना खाने की आदतों के चलते पेट में कीड़े होना आज के समय में एक आम समस्या बन गई है. खासकर बच्चे इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं क्योंकि वे मिट्टी, गंदे पानी या खुले में खेलने के दौरान कीटाणुओं के संपर्क में जल्दी आ जाते हैं. ऐसे में माता-पिता को कई बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
आजमाएं ये घरेलू उपाय
कच्चा लहसुन पेट के कीड़ों के लिए फायदेमंद
लहसुन में एलिसिन (Allicin) नामक सक्रिय यौगिक पाया जाता है, जिसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटीपैरासिटिक गुण होते हैं. पारंपरिक रूप से माना जाता है कि कच्चा लहसुन पेट में मौजूद कुछ परजीवियों और कीड़ों के खिलाफ मददगार हो सकता है. यह पाचन तंत्र को हेल्दी रखता है और संक्रमण के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है.
बच्चे इसका सेवन कैसे करें?
छोटे बच्चों को सीधे कच्चा लहसुन खिलाना मुश्किल है. क्योंकि इसका स्वाद और तीखापन तेज होता है. ऐसे में 1–2 छोटी कुटी हुई लहसुन की कलियों को शहद या भोजन में मिलाकर दिया जा सकता है. ध्यान रखें ज्यादा मात्रा में खाने को न दें.
बच्चों को दें कद्दू के बीज
कद्दू के बीजों में कुकुर्बिटासिन (Cucurbitacin) नामक नेचुरल यौगिक पाया जाता है, जिसके बारे में माना जाता है कि यह कुछ आंतों के परजीवियों और कीड़ों को कमजोर करने में मदद करता है. इसके अलावा, कद्दू के बीज फाइबर, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को हेल्दी रखने में मदद करता हैं.
ऐसे कराएं सेवन
बच्चों को कद्दू के बीज भूनकर और पीसकर दिए जा सकते हैं. छोटे बच्चों के लिए बीजों का पाउडर बनाकर दूध, दही, दलिया, ओट्स या स्मूदी में मिलाना आसान रहता है. बड़े बच्चे 1–2 चम्मच भुने हुए कद्दू के बीज सीधे भी खा सकते हैं. ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को पूरे बीज देने से गले में फंसने का खतरा हो सकता है, इसलिए उन्हें पीसकर या बारीक कूटकर देना बे.
हल्दी वाला दूध
हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) नामक सक्रिय तत्व पाया जाता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुण होते हैं. पारंपरिक रूप से माना जाता है कि हल्दी पाचन तंत्र को हेल्दी रखने और संक्रमण से लड़ने में मदद करती है.
बच्चों को कैसे दें?
एक गिलास गुनगुने दूध में ¼ से ½ चम्मच हल्दी मिलाकर रात को सोने से पहले दिया जा सकता है. छोटे बच्चों के लिए मात्रा कम रखनी चाहिए. अगर बच्चे को दूध या हल्दी से एलर्जी है, तो इसका सेवन न कराएं.
पेट में कीड़े न हों, इन बातों का रखें ध्यान
बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाने के लिए साफ-सफाई का ध्यान रखें. बच्चों को खाना खाने से पहले और शौचालय के बाद साबुन से हाथ धोने की आदत डालवाएं. फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खिलाएं. साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिलाएं. बच्चों के नाखून छोटे रखें और उन्हें गंदे हाथ मुंह में डालने से रोकें. साथ ही, डॉक्टर की सलाह के अनुसार समय-समय पर डिवॉर्मिंग कीड़ों को मारने वाली दवा भी दिलवाएं.
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FAQs
सवाल: बच्चों के पेट में कीड़े क्यों होते हैं?
जवाब: गंदे हाथ, दूषित भोजन, असुरक्षित पानी और खराब स्वच्छता की वजह से पेट में कीड़े हो सकते हैं.
सवाल:पेट में कीड़ों के सामान्य लक्षण क्या हैं?
जवाब: पेट दर्द, भूख कम लगना, वजन न बढ़ना, कमजोरी और गुदा के आसपास खुजली इसके सामान्य लक्षण हैं.
सवाल: बच्चों को पेट के कीड़ों से कैसे बचाया जा सकता है?
जवाब: हाथों की सफाई, स्वच्छ भोजन-पानी और नियमित डिवॉर्मिंग से बच्चों को पेट के कीड़ों से बचाया जा सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

