Gut Health: आपने आस-पास देखा होगा कि जिन लोगों का पेट सही रहता है वह काफी फिट रहते हैं. लेकिन जिन लोगों का पेट गड़बड़ रहता है उन लोगों को कई तरह की बीमारियों से जूझना पड़ता है. इसलिए फिट रहने के लिए सबसे जरूरी बात है कि आपको अपने पेट संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करना है.
पेट तभी सही तरीके से काम करता है जब पाचन तंत्र सही रहे. जिन लोगों का पाचन तंत्र सही नहीं रहता उन्हें ही पेट संबंधी समस्याएं होती है. बता दें कि पाचन तंत्र सीधा हमारी इम्युनिटी, मेंटल और हार्ट हेल्थ से जुड़ा हुआ होता है. अगर पेट बार-बार खराब रहता है तो शरीर में जरूरी पोषण सही से काम नहीं कर रहे. जिससे कमजोरी, थकान और बार-बार बीमार पड़ने जैसी दिक्कतें सामने आती हैं. इसका मतलब है कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पाचन स्वास्थ्य का ठीक होना जरूरी है. पेट से जुड़ी रोज की दिक्कतों को दूर करने के लिए बस आपको कुछ जरूर टिप्स फॉलो करने की जरूरत है.
पहले जान लीजिए पाचन की दिक्कतें होती क्यों हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि पेट से जुड़ी समस्याओं का सबसे बड़ा कारण है हमारी बदलती जीवनशैली. आजकल लोग ज्यादातर समय बैठे रहते हैं इससे शारीरिक गतिविधियां कम हो गई हैं. वहीं बदलती जीवनशैली के चलते लोगों का फूड मैन्यू भी बदल गया है. जैसे फास्ट फूड या तैलीय- मसालेदार खाना लोगों की पहली पसंद बन गई है. इसके अलावा तनाव, नींद की कमी और अनियमित खानपान की समस्या भी लोगों में देखी जा रही हैं. ये सभी मिलकर आपके पाचन स्वास्थ्य को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाते हैं.
आंतों का सही होना जरूरी
पेट से जुड़ी समस्याओं से बचने के लिए आपको सबसे पहले अपनी आतों का ख्याल रखना जरूरी है. क्योंकि अगर आपकी आंते सही रहेंगी तो आपको पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होंगी. पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर रखने के लिए आंतो का सही होना जरुरी है. अगर आपकी आंतें स्वस्थ हैं तो इससे मूड, पाचन, नींद, भूख तो ठीक रहेगी ही साथ ही शरीर में इंफ्लेमेशन का खतरा भी कम होता है जो तमाम बीमारियों की जड़ है.
पाचन तंत्र को ऐसे रखें स्वस्थ
पेट और पूरी हेल्द को ठीक रखने के लिए पूरे पके केले की जगह हल्के हरे रंग के केले खाना ज्यादा अच्छा रहता है. इसमें रेसिस्टेंस स्टार्च की मात्रा अधिक होती है जो आंतों में गुड बैक्टीरिया के पोषण में मदद करते हैं. इससे शुगर भी नहीं बढ़ता और पाचन भी ठीक रहता है.
इसके साथ आहार में औषधियों-मसालों को जरूर शामिल करें. जैसे हल्दी, अदरक, सौंफ सिर्फ भोजन का स्वाद नहीं बढ़ाते बल्कि ये इंफ्लेमेशन को भी कम करता है. इनका सेवन जरूर करें.
वहीं अगर आप बहुत अधिक तनाव लेते हैं तो इसका सीधा असर आंतों की सेहत पर पड़ता है. हमारी वेगस नर्वस आंतों और ब्रेन को जोड़ती है. ऐसे में जो लोग अधिक तनाव लेते हैं उनमें इसके कारण पाचन में गड़बड़ी, पेट फूलने और कब्ज की दिक्कत बढ़ जाती है। इसका असर पूरे शरीर पर भी पड़ने लगता है.
क्या होता है इंफ्लेमेशन
जब हमारे शरीर के अंदर सूजन हो जाती है, उसे इंफ्लेमेशन कहा जाता है. वैसे तो हमे अक्सर चोट लगने या मोच आने पर सूजन आ जाती है लेकिन कुछ सूजन ऐसी होती है जो शरीर के अंदर होती है वह अक्सर दिखाई नहीं देती, उसे ही इंफ्लेमेशन कहा जाता है. शरीर के अंदर की सूजन (Inflammation), जो न दिखाई देती है और न ही महसूस होती है, लेकिन लंबे समय तक बनी रहे तो यह गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


