JP Nadda In Chandigarh: पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के 39वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे केंद्रीय मेंत्री ने हेल्थ सेक्टर में हुए उल्लेखनीय वृद्धि का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि सरकार आने वाले पांच सालों में मेडिकल सेक्टर में यूजी और पीजी की 75,000 नई सीटें जोड़ने का लक्ष्य है.
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ (PGIMER Chandigarh) के 39वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) ने सभा को संबोधित करते हुए हेल्थ सेक्टर में हुए विकास का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में इजाफा हुआ है. 387 से बढ़कर 820 हो गए. वहीं अंडरग्रेजुएट सीटें 51,000 से बढ़कर 1.26 लाख और पोस्टग्रेजुएट सीटें 31,000 से बढ़कर 85,000 हो चुकी हैं.
पिछले 10 वर्षों में बढ़ी एम्स की संख्या
दरअसल ये आंकड़े भारत के मजबूत हेल्थ सेक्टर को दर्शाते हैं. वहीं कंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में यूजी और पीजी की 75,000 और सीटें बढ़ाने का है, जिनमें से 28,000 सीटें पिछले दो वर्षों में ही जोड़ी जा चुकी हैं. सरकार का जोर मेडिकल शिक्षा व इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार पर है. उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने छह नए एम्स की स्थापना की पहल की थी और पिछले 10 वर्षों में, “16 और एम्स जोड़े गए हैं, जिससे कुल संख्या 23 हो गई है।”
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सरकार एक छात्र पर 30 से 35 लाख रूपये खर्च करती
केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि सरकार हर साल एक छात्र पर लगभग 30-35 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं. वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए अगले पांच वर्षों में प्रति छात्र 1.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. वहीं केंद्रीय मंत्री ने हेल्थ सेक्टर में बढ़ते AI के प्रयोग की भी सराहना की.उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीन थेरेपी, टेलीहेल्थ जैसी तकनीकें तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन इसके साथ मानवीय संवेदनाएं रखना भी जरूरी हैं.
केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को दी बधाई
पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के 39वें दीक्षांत समारोह में पहुंचे कंद्रीय मंत्री ने 550 छात्रों को डिग्री प्रदान की, साथ ही मेडिकल छात्रों को हौलला बढ़ाते हुए कहा उनसे अपील की कि वे अपना ज्ञान समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में करें. छात्रों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने छात्रों की कड़ी मेहनत पर बधाई दी. साथ ही उन्होंने पीजीआईएमईआर के योगदान की सराहना की.
कहां है पीजीआई कॉलेज?
बता दें कि पीजीआई चंडीगढ़ में स्थित एक सरकारी मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर है, जो चिकित्सा शिक्षा, शोध (research) और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रसिद्ध है. इसका पूरा नाम पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ Post Graduate Institute of Medical Education & Research (PGIMER Chandigarh) (स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान) है.
पीजीआई में कार्डियक इमरजेंसी सुविधा शुरू
पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के संस्थान के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने बताया कि पीजीआईएमईआर में एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक और एक मेडिकल म्यूजियम जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे. ये सभी पहल संस्थान की शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से की जा रही हैं. इसके अलावा, विभागों के विस्तार (फेज-2) और एक समर्पित कार्डियक इमरजेंसी सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे हार्ट अटैक के मरीजों को तुरंत विशेष इलाज मिल सकेगा।
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