Kapalbhati Benefits: कपालभाति प्राणायाम योग बहुत ही आसान और असरदार योग है. इसके करने से साइनस कंजेशन, खांसी, जुकाम, राइनाइटिस, साइनसाइटिस, अस्थमा और ब्रोंकियल इन्फेक्शन में राहत मिलता है. इस बात की पुष्टि आयुष मंत्रालय ने की है.
कपालभाति प्राणायाम योग श्वसन तकनीक से जुड़ा योग है. इस योग में सांस को जोर से बाहर छोड़ा जाता है, फिर सांस अपने आप अंदर चली जाती है. कपालभाति प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन सर्कुलेशन बेहतर होता है. इसे कम समय में आसानी से किया जा सकता है.
लाभ देगा कपालभाति प्राणायाम
- कपालभाति योग में तेजी से सांस बाहर छोड़ी जाती हैं, जिससे नाक के आसपास ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. जिससे नाक में जमा बलगम में राहत मिलती है, और बाहर निकलता है.
- कपालभाति योग साइनसाइटिस और राइनाइटिस में भी राहत पहुंचाता है. नाक के आसपास ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे सूजन और जकड़न कम होती है.
- कपालभाति करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है. ऐसे में खांसी और ब्रोंकियल समस्याओं में आप कपालभाति की प्रैक्टिस कर सकते है.
- अस्थमा के मरीज भी कपालभाति का अभ्यास कर सकते हैं. लेकिन उन्हें करते समय कुछ सावधानियां रखनी है, क्योंकि तेज अभ्यास कभी-कभी लक्षणों को बढ़ा सकता है.
ऐसे करें कपालभाति?
- कपालभाति करने के लिए जमीन पर पालथी मारकर बैठें और कमर को सीधा रखें.
- इसके बाद गहरी सांस लें.
- अब पेट को अंदर खींचते हुए जोर से सांस बाहर की तरफ छोड़ें.
- अपने अनुसार इसे करें.
- हर दिन प्रैक्टिस के साथ इसकी समय सीमा बढ़ाएं.
जरूरी बातों का रखें ध्यान
- कभी भी कपालभाति को खाली पेट न करें.
- अगर कोई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है, वह इस योग को डॉक्टर की सलाह के साथ ही करें.
- इस बात पर जरूर ध्यान दें कि योग करना सेहत के लिहाज से जरूरी है. लेकिन रोग होने पर योग के साथ-साथ डॉक्टर से भी जरूर चेक कराएं. गंभीर अस्थमा अटैक, ब्रोंकियल इंफेक्श के समय इसे करने से बचें.
- ध्यान दें कि योग हेल्थ को बेहतर को बनाती ही और बीमारियों को भी दूर रखती है. इसिलए हल्क लक्षण दिखने पर इसकी प्रैक्टिस करें. धीरे-धीरे करने पर ये श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए बेहतर है.
FAQs
कपालभाति एक योग श्वास अभ्यास है जिसमें सांस को तेज़ी से बाहर छोड़ा जाता है और पेट की मांसपेशियों का उपयोग किया जाता है. यह शरीर और मन को सक्रिय करने में मदद करता है.
कपालभाति करने से फेफड़े मजबूत होते हैं, नाक और साइनस साफ होने में मदद मिलती है, पाचन सुधरता है और शरीर में ऊर्जा बढ़ती है.
कपालभाति सुबह खाली पेट शांत जगह पर करना चाहिए. इसे धीरे-धीरे और अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए, और अगर चक्कर या परेशानी हो तो तुरंत रोक देना चाहिए.
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