LRBA Deficiency Symptoms: जब बच्चा किसी दर्द में हो तो बच्चे के साथ-साथ मां-बाप को भी उतनी ही दुख तकलीफ महसूस होती है. इस दर्द को इस समय दिल्ली में रहने वाली संस्कृति भगत जिसे सांची भी कहा जाता है. उसका परिवार पिछले कई सालों से झेल रहा है. दरअसल सांची एख दुर्लभ जेनेटिक बीमारी से पीड़ित है.
इस बीमारी के कारण डॉक्टर का कहना है कि उसकी जान बचाने के लिए जल्द से जल्द बोन मैरो ट्रांस्प्लांट जरूरी है. इसके लिए संस्कृति के परिवार ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है. ऐसे में संस्कृति किस बीमारी के कारण शिकार हुई? क्या समस्या थी इसपर डिटेल में बात करेंगे.
सांची को हुई ये गंभीर बीमारी
पहले जान लेते हैं कि सांची किस बीमारी का शिकार हैं? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सांची को LRBA डेफिशियंसी यानी Lipopolysaccharide-Responsive Beige-Like Anchor Protein Deficiency कहा जाता है. ये एक दुर्लभ बीमारी है. ये बीमारी हमारे इम्यून सिस्टम पर अफेक्ट डालती है. जिसके कारण बार-बार इंफेक्शन, खून की की हो जाना और कई ऑटोइम्यून समस्याएं भी पैदा होती हैं. परिवार का कहना है कि कुछ महीने बीते थे तो उनकी बच्ची को बार-बार बुखार आने लगता था. साथ ही गंभीर एनीमिया के कारण उसे कई बार खून और प्लेटलेट्स चढ़ाने पड़े.
क्या है इस बीमारी का इलाज?
डॉक्टरों ने जीनोमिक टेस्ट से इस बीमारी का पता लगाया. अब एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसका स्थायी इलाज मौजूद है मैरो ट्रांस्पलांट ही है. लेकिन अब तक बच्ची से मेल खाता हुआ डोनर कोई नहीं मिला. इसलिए बच्ची के पिता को हाफ-मैच्ड (Haploidentical) डोनर के रूप में चुना गया है.
हाई कोर्ट जाने की क्यों जरूरत पड़ी?
अब इलाज के लिए परिवार को हाई कोर्ट क्यों जाना पड़ा, तो दरअसल इलाज के अंदर परिवार की पूरी जमा पूंजी खर्च हो चुकी है. अब भी ट्रांस्पलांट में और बच्ची की देखभाल में 40 लाख रुपये के खर्च आने का अनुमान है. लेकिन परिवार के पास अब उतना पैसा नहीं है. जिसके कारण परिवार ने सरकार से मदद की मांग की है. उनका कहना है कि इलाज में देरी बच्ची की सेहत को और बिगाड़ सकती है.
समय पर इलाज बहुत जरूरी
अब इस बीमारी का समय पर इलाज मिलना बहुत जरूरी है. क्योंकि अगर इलाज न मिले और बार-बार फैलने वाले इंफेक्शन से बागी अंगो को भी नुकसान पहुंच सकता है. कई गंभीर मुश्किलें पैदा हो सकती है. इसलिए मरीज को जल्द से जल्द इलाज मिलना किसी मरीज की लाइफ बचाने में काफी अहम भूमिका निभाता है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

