Periods Cycle: इन दिनों सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पर लड़कियों ने पीरियड्स को लेकर खूब बवाल मचाया हुआ है. लड़कियों का कहना है कि अगर इस महीने आपके पीरियड्स देर से आए हैं, तो आप सोच रही हैं, आप इसमें अकेली नहीं हैं.
अगर आप सोशल मीडिया Instagram को स्क्रॉल करके देखेंगे तो ऐसा लगेगा जैसे सारी महिलाएं एक ही समस्या से जूझ रही हैं. सभी महिलाएं एक ही विषय पर बात कर रही हैं. जहां एक महिला ने पीरियड्स को लेकर गाना-गाना शुरू किया तो वहीं उनके पीछे-पीछे कई महिलाएं इस समस्या को लेकर बात करने लगी.
सभी महिलाएं आपस में बातें कर रही हैं, दिन गिन रही हैं, अपनी पीरियड ट्रैकर ऐप्स को घूर रही हैं, और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस महीने उनके हॉर्मोन्स के साथ क्या गड़बड़ हो गई जो अब तक उनके पीरियड्स नहीं आए. इसके अलाव वह सीधा मार्च महीने को दोष दे रही हैं. बता दें कि एक महिला यूज़र ने पोस्ट किया, “इस महीने हर किसी के पीरियड्स देर से क्यों आए हैं?” फिर दूसरी ने लिखा, “लड़कियों के लिए मार्च सबसे बुरा महीना होता है.
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क्यों मान लिया मार्च महीने को बुरा?
वहीं एक महिला ने कहा, यह ‘मार्च में पीरियड्स में देरी वाली थ्योरी’ आखिर है क्या? इस तरह के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं. और इन पर हज़ारों महिलाओं के कमेंट्स आए हैं, जो शिकायत कर रही हैं कि उनके पीरियड्स भी देर से आए हैं. धीरे-धीरे मार्च महीने में पीरियड्स न आने की बात मार्च थ्योरी में बदल गई. वहीं बता दें कि मार्च महीने में मौसम बदलने, धूप, या सर्दियों के बाद हॉर्मोन्स में होने वाले बदलाव की वजह से पीरियड्स देर से आते हैं. जब आपके आस-पास हर कोई चीज़ से गुज़र रहा हो, तो यह बात काफी हद तक सही लगती है. और बस, इसी तरह मार्च को एक ‘बुरा’ महीना मान लिया गया.
अन्य कारण
वहीं महिलाओं के पीरियड्स लेट होने को लेकर दूसरी वजह भी हो सकती है. जैसे- बढ़ा हुआ तनाव (काम की डेडलाइन्स, एग्ज़ाम, रोज़मर्रा के रूटीन में बदलाव), नींद में कमी का होना, सफ़र या शेड्यूल में बदलाव, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों में उतार-चढ़ाव. ये सभी चीज़ें एक अहम घटना पर असर डालती हैं: ओव्यूलेशन. वह आगे समझाती हैं कि अगर ओव्यूलेशन देर से होता है, तो आपके पीरियड्स भी देर से ही आएंगे. यह कोई अचानक होने वाली घटना नहीं है.
जानें इसके पीछे की असली वजह
आपको बता दें कि मार्च महीनें में 28 दिन होते हैं. वहीं पीरियड्स का साइकिल, मान लीजिए, 30 या 31 दिन का है, और आपका पिछला पीरियड फरवरी की शुरुआत में आया था, तो आपका अगला पीरियड स्वाभाविक रूप से मार्च महीने की शुरूआत में आना चाहिए. लेकिन फरवरी में सिर्फ 28 दिन होते हैं, जिससे पीरियड्स साइकिल का गैप पर प्रभाव पड़ रहा है. और आपको लग रहा है कि पीरियड्स आने में देरी हो गई. लेकिन असल में आपको पीरियड आने में देर नहीं हुई है. बस कैलेंडर ने एक महीने को छोटा कर दिया है, जिससे आपका पीरियड्स साइकिल में सामान्य से ज्यादा गैप लग रहा है.
दरअसल पीरियड में देरी का कारण असल में आपका शरीर होता है. लेकिन, हर देरी को कैलेंडर की गड़बड़ी मानकर नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. इसके पीछे कुछ असली कारण भी होते हैं. जैसे- तनाव, तनाव की वजह से ओव्यूलेशन में देरी हो सकती है, जिससे आपका साइकिल आगे बढ़ जाता है. हार्मोनल असंतुलन, जिसमें पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम जैसी स्थितियां होती हैं. थायरॉइड की समस्याएं जो पीरियड के साइकिल को बहुत हद तक प्रभावित करती है. वज़न में अचानक बदलाव या बहुत ज़्यादा कसरत करने से भी पीरियड का साइकिल बदल जाता है. सोने-जागने के पैटर्न में बदलाव होना. वहीं यात्रा या टाइम ज़ोन में बदलाव होना.
ध्यान देनें वाली बातें
सबसे ज़रूरी बात जो याद रखनी चाहिए, वह यह है, कभी-कभार पीरियड में देरी होना आम बात है. लेकिन अगर आपके पीरियड बार-बार अनियमित हो रहे हैं, तो आपको डॉक्टर से जांच जरूर करवानी चाहिए.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)


