Prostate Symptoms in Men: अक्सर पुरुष अपनी सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं. खासकर यूरिन से जुड़ी दिक्कतें, प्रोस्टेट की परेशानी या सेक्सुअल हेल्थ से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात नहीं करते. लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते इन संकेतों को पहचान लेना कई गंभीर बीमारियों से बचा सकता है.
यूरोलॉजिस्ट डॉ. पंकज पंवर के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को बार-बार पेशाब आने लगे, पेशाब शुरू करने में दिक्कत हो, पेशाब का फ्लो कमजोर हो जाए या यह महसूस हो कि पेशाब के बाद भी ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ है, तो इसे सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके पीछे प्रोस्टेट की समस्या, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ब्लैडर की कमजोरी या अन्य यूरोलॉजिकल बीमारियां हो सकती हैं.
प्रोस्टेट क्या है और इसका काम क्या होता है?
प्रोस्टेट पुरुषों में पाया जाने वाला एक छोटा सा ग्लैंड होता है, जो ब्लैडर के ठीक नीचे स्थित रहता है. इसका मुख्य काम वीर्य (सीमन) में ऐसे तरल पदार्थ बनाना है जो पुरुषों की प्रजनन क्षमता में मदद करते हैं. यह केवल पुरुषों में पाया जाता है. उम्र बढ़ने के साथ प्रोस्टेट का आकार बढ़ना एक सामान्य प्रक्रिया है. आमतौर पर 50 साल की उम्र के बाद अधिकांश पुरुषों में प्रोस्टेट बड़ा होने लगता है. हालांकि हर व्यक्ति में इसके बढ़ने की गति अलग-अलग हो सकती है.
क्या प्रोस्टेट का बढ़ना हमेशा चिंता की बात है?
जरूरी नहीं। कई लोगों का प्रोस्टेट बड़ा होता है लेकिन उन्हें कोई परेशानी नहीं होती. वहीं कुछ लोगों में प्रोस्टेट का आकार ज्यादा न बढ़ने के बावजूद गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसलिए केवल प्रोस्टेट का साइज नहीं, बल्कि उससे जुड़े लक्षण ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं.
बढ़े हुए प्रोस्टेट के लक्षण क्या हैं?
अगर पेशाब का फ्लो कमजोर हो जाए, बार-बार पेशाब की इच्छा हो, पेशाब रोकना मुश्किल हो जाए, रात में कई बार उठकर टॉयलेट जाना पड़े या पेशाब करते समय जोर लगाना पड़े, तो यह प्रोस्टेट बढ़ने का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार रात में एक बार पेशाब के लिए उठना सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति बार-बार उठ रहा है तो जांच करानी चाहिए.
क्या पर्याप्त पानी पीने से फायदा होता है?
डॉक्टरों का कहना है कि पर्याप्त मात्रा में पानी पीना किडनी और पूरे यूरिनरी सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है. पानी शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है और किडनी स्टोन व यूरिन इंफेक्शन का खतरा कम कर सकता है. आमतौर पर दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी पीना फायदेमंद माना जाता है, जबकि गर्मियों में यह मात्रा और बढ़ सकती है.
किन लोगों में प्रोस्टेट की समस्या का खतरा ज्यादा होता है?
मोटापा, शारीरिक गतिविधियों की कमी, हाई फैट डाइट, रेड मीट का ज्यादा सेवन और धूम्रपान जैसी आदतें प्रोस्टेट की समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती हैं. इसके अलावा परिवार में प्रोस्टेट कैंसर का इतिहास होने पर भी खतरा बढ़ जाता है.
PSA टेस्ट क्या होता है?
PSA यानी प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन एक ब्लड टेस्ट है, जो प्रोस्टेट की स्थिति के बारे में जानकारी देता है. यदि इसकी मात्रा बढ़ी हुई मिले तो यह प्रोस्टेट में किसी समस्या का संकेत हो सकता है. हालांकि सिर्फ PSA बढ़ना कैंसर की पुष्टि नहीं करता। इसके लिए डॉक्टर आगे MRI, अन्य जांच या जरूरत पड़ने पर बायोप्सी की सलाह दे सकते हैं.
क्या प्रोस्टेट कैंसर का इलाज संभव है?
विशेषज्ञों के अनुसार प्रोस्टेट कैंसर उन कैंसरों में शामिल है जिनका समय पर पता चल जाए तो इलाज और रिकवरी की संभावना काफी अच्छी होती है. कई मामलों में केवल निगरानी (Active Surveillance) की जरूरत होती है, जबकि कुछ मरीजों में दवाइयों, रेडियोथेरेपी या आधुनिक रोबोटिक सर्जरी की मदद से सफल इलाज किया जा सकता है.
पुरुषों में सबसे आम सेक्सुअल समस्याएं कौन-सी हैं?
डॉक्टरों के अनुसार पुरुषों में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली समस्याओं में इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (इरेक्शन में परेशानी), प्रीमेच्योर इजैकुलेशन (शीघ्रपतन) और सेक्सुअल इच्छा में कमी शामिल हैं.
इरेक्शन की समस्या क्यों होती है?
इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. बढ़ती उम्र, डायबिटीज, मोटापा, धूम्रपान, हृदय रोग और मानसिक तनाव प्रमुख कारण माने जाते हैं. खासकर युवा पुरुषों में तनाव और चिंता इरेक्शन संबंधी समस्याओं का बड़ा कारण बनकर सामने आते हैं.
डायबिटीज का सेक्सुअल हेल्थ पर क्या असर पड़ता है?
डायबिटीज शरीर की नसों और छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे इरेक्शन की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए ऐसी स्थिति में सबसे जरूरी है कि ब्लड शुगर को नियंत्रित रखा जाए. केवल दवाओं से नहीं, बल्कि जीवनशैली में सुधार करके भी इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है.
क्या सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवाएं सुरक्षित हैं?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी सेक्सुअल एनहांसमेंट दवा या सप्लीमेंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. कुछ दवाओं का असर सीधे हृदय पर पड़ सकता है और यह गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती हैं.
प्रीमेच्योर इजैकुलेशन का सबसे बड़ा कारण क्या है?
डॉक्टरों के मुताबिक शीघ्रपतन के अधिकांश मामलों में मानसिक कारण जिम्मेदार होते हैं. तनाव, चिंता और प्रदर्शन को लेकर दबाव जैसी स्थितियां इसकी वजह बन सकती हैं. अच्छी बात यह है कि इसके लिए प्रभावी दवाएं और उपचार उपलब्ध हैं.
पुरुषों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुषों को अपने शरीर में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर पेशाब, प्रोस्टेट या सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो रही है तो समय रहते डॉक्टर से सलाह लें. नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन नियंत्रण, धूम्रपान से दूरी और पर्याप्त पानी पीना न केवल प्रोस्टेट बल्कि संपूर्ण पुरुष स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है.
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