How to treat itchy scalp in monsoon: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने इस बार जून के पहले हफ्ते में ही बारिश की दस्तक दे दी है. ये बारिश भले गर्मी से राहत दिला रहा है लेकिन जब ये ठंडी-ठंडी बूंदे सिर पर गिरती हैं तो बालों को चिपचिहाड़ से भर देती है. ऐसे में स्कैल्प इंफेक्शन, खुजली, बाल झड़ना, रूखापन और फ्रिज़ीनेस जैसी समस्याए बढ़ सकती है. इसलिए बारिश के दिनों में बालों की खास केयर करने की जरूरत होती है.
बढ़ते प्रदूषण के कारण बारिश का पानी भी साफ नहीं रहा. हवा में मौजूद प्रदूषक तत्व बारिश की बूंदों में घुल जाते हैं जिससे पानी की शुद्धता पर गहरा असर पड़ता है. इसिलए ऐसे में यह समझना जरूरी है अगर बालों पर बारिश का पानी गिर जाए तो उसके बाद बालों की कैसे केयर करनी है?
बालों की ऐसे करें केयर
बाल जरूर धोएं
अगर बारिश में आपके बाल भिग गए हैं तो उन्हें धोना जरूरी है क्योंकि बारिश के पानी में मौजूद तत्व बालों में रह जाते हैं. ऐसे में बालों को धोने से बालों में से वह तत्व निकल सकते हैं. इसलिए जब कभी भी मानसून की बारिश में आपके बाल भिग जाए तो उन्हें शैम्पू जरूर करें. वहीं अगर आपने बालों को नहीं साफ किया तो स्कैल्प पर वह प्रदूषक तत्व जमकर स्कैल्प पर खुजली की समस्या कर सकते हैं.
स्कैल्प को सूख रखना जरूरी
अपने बालों को शैम्पू से धोने के बाद उन्हें अच्छे से सूखाना जरूरी है. क्योंकि गीले बाल स्कैप्ल पर नमी रखेंगे. जिसके कारण स्कैल्प पर फंगस और बैक्टीरिया की समस्या हो सकती है. इसलिए इस बात का जरूर ध्यान रखें कि बालों को साफ रखना जरूरी है. इसलिए बालों को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही बांधें. कई लोगों की आदत होती है कि वह बालों को गिला ही रखते हैं.
हेयर प्रोडक्ट्स से बनाएं दूरी
मानसून के मौसम में जितना हो सके हेयर प्रोडक्ट्स से दूरी बनाकर रखें. स्कैल्प टॉनिक, स्कैल्प सीरम, जेल, स्प्रे और अन्य स्टाइलिंग प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से बचें. ये प्रडोक्ट्स स्कैल्प पर खुजली की समस्या कर सकते हैं. इसलिए कुछ दिनों के लिए इन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल न करें.
इन लक्षणों को न करें इग्नोर
बारिश में भिगने के बाद अगर आपके स्कैल्प पर खुजली, जलन और अन्य प्रकार की समस्या होती है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें. क्योंकि ये फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल संक्रमण या किसी एलर्जी के संकेत हो सकते हैं. समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण बढ़ सकता है, जिससे बाल झड़ने और स्कैल्प को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है.
इन नेचुरल चीज़ों का करें इस्तेमाल
- नारियल तेल: स्कैल्प को मॉइस्चराइज रखता है और बालों को पोषण देता है.
- एलोवेरा जेल: खुजली, जलन और स्कैल्प की सूजन को कम करने में मदद करता है.
- नीम: एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुणों के कारण स्कैल्प इंफेक्शन से बचाव करता है.
- दही: स्कैल्प को ठंडक देता है और रूसी कम करने में मदद कर सकता है.
- मेथी के बीज: बालों की जड़ों को मजबूत बनाने और डैंड्रफ कम करने में सहायक होते हैं.
- टी ट्री ऑयल (पतला करके): फंगल और बैक्टीरियल समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है.
- आंवला: स्कैल्प की सेहत बेहतर बनाने और बालों को मजबूत रखने में सहायक माना जाता है.
- भृंगराज: बालों और स्कैल्प को पोषण देने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है.
- प्याज का रस: बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है, हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोग सावधानी बरतें.
- गुलाब जल: स्कैल्प को ताजगी देने और हल्की जलन कम करने में मदद करता है.
इस बात को भी ध्यान में रखें कि किसी भी प्रकार के प्रोडक्ट्स लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर करें, अगर एलर्जी या फिर जलन की समस्या होती है तो तुरंत लगाना बंद कर दें.
यह भी पढ़ें: पिगमेंटेशन से बचने के आसान उपाय, सनस्क्रीन की हो जाएगी छुट्टी
FAQs
सवाल: बारिश में बालों की देखभाल कैसे करें?
जवाब: भीगने के बाद बालों को साफ पानी से धोएं और स्कैल्प को अच्छी तरह सुखाएं.
सवाल: बारिश में बालों की सबसे आम समस्या क्या है?
जवाब: डैंड्रफ, स्कैल्प में खुजली और बाल झड़ने की समस्या बढ़ सकती है.
सवाल: बारिश का पानी बालों को नुकसान क्यों पहुंचाता है?
जवाब: बारिश के पानी में धूल, प्रदूषक और बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो बालों और स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

