Virat Kohli Injury: टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली इस समय खूब सुर्खियां बटौर रहे हैं. पहला कारण है हाल ही में हुआ अफ्रिका के खिलाफ मैच से बाहर हो जाना कारण और दूसरा कारण है पिछले मैच में उनकी शानदार पर्फामेंस के बाद से ही उनकी काफी चर्चा हो रही है. लेकिन मुख्य कारण उनके वायरल होने की है 13 जून से शुरू होने वाली वनडे सीरीज.
क्योंकि विराट इस मैच से बाहर हो गए हैं. इसकी वजह है उन्हें चोट लगी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक IPL 2026 के दौरान घुटने और टखने में परेशानी महसूस हुई थी. जिसके बाद BCCI की ओर से उन्हें आराम देने का फैसला लिया गया था. जानकारी है कि कोहली हैमस्ट्रिंग इंजरी का शिकार हुए हैं. उनकी इस इंजरी को लेकर लोगों के मन में तमाम सवाल पैदा हो रहे हैं कि आखिर हैमस्ट्रिंग इंजरी क्या होता है? इसके लक्षण क्या होते हैं? इसका इलाज कैसे होता है और इससे कितने दिनों में एक व्यक्ति रिकवर हो सकता है. इन पूरे सवालों की जानकारी आज हम आपके लिए लाए हैं. आइए जानते हैं.
हैमस्ट्रिंग इंजरी क्या होता है?
पहले जान लेते हैं कि आखिर एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हैमस्ट्रिंग जांघों के पीछे मौजूद तीन अहम मसल्स का ग्रुप होता है. ये मसल्स हमारी कई तरह से मदद करती हैं जैसे दौड़ने में कूदने में और सीढ़ियों को चढ़ने में. इतना ही नहीं कूल्हो और घुटनों की मूवमेंट में भी अहम भूमिका निभाती है. अब हैमस्ट्रिंग की अधिक समस्या तब होती है जब अचानक से कूदने खेलने से जब मसल्स पर प्रेशर पड़ता है, तो खिंचाव हो जाती है या फिर जब फटाव आ जाता है इस कंडिशन को कहा जाता है हैमस्ट्रिंग.
हैमस्ट्रिंग के क्या लक्षण होते हैं?
हैमस्ट्रिंग इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. चारों ओर इसके बारे में जानकारी दी जा रही है. इसका कारण विराट कोहली है. वहीं आपने जान लिया कि हैमस्ट्रिंग होता क्या है? लेकिन इसके लक्षण क्या होते हैं? तो जब जांघ के पीछे अचानक से दर्द महसूस हो, इसके बाद सूजन, स्किन का नीला पड़ जाना, जकड़न महसूस हो जाना, मसल्स में कमजोरी होना. इस तरह हो तो हैमस्ट्रिंग की समस्या हो सकती है. खासतौर पर चोट सेमीमेम्ब्रेनोसस टेंडन में हो, तो घुटने के पीछे दर्द, सूजन, चलने-फिरने में परेशानी और पैर में कमज़ोरी ज़्यादा महसूस होती है.
इसका इलाज कैसे होता है?
इसका इलाज किस तरह होता है? इसमें कितना समय लहता है? तो इसका जवाब है कि जब इसी कंडिशन होती है तो पहले आराम के लिए बर्फ की सिकाई, कंप्रेशन और पैर को ऊंचा रखने के लिए कहा जाता है. बाद में ट्रीटमेंट के तौर पर फिजियोथेरेपी और फिर धीरे-धीरे स्ट्रेच और स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज शुरू करने की सलाह दी जाती है. इससे रिकवर होना इस बात पर निर्भर करता है कि चोट कितनी गंभीर है. मामूली हो तो एक से तीन हफ्ते, नहीं तो चार से 8 हफ्ते, महीने या फिर गंभीर मामलों में सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

