World Dengue Day 2026: हर साल 15 जून को वर्ल्ड डेंगू डे मनाया जाता है. यह दिन इस बीमारी से बचाव और जागरूकता के प्रति सतर्कता बढ़ाने के उद्देश्य से की जाती है. गौरतलब है कि मानसून के मौसम में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इनमें से एक डेंगू की बीमारी भी है. अगर समय रहते डेंगू के लक्षण पहचान लिया जाए तो उसे कुछ आसान तरीकों की मदद से बचाया जा सकता है.
गौरतलब है कि बरसात के मौसम में मच्छरों का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है. वहीं मच्छरों से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के होने का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर घर में किसी व्यक्ति को तेज बुखार और शरीर कांपने जैसे लक्षण दिखाई देने लगे तो ऐसे में सतर्क हो जाने की जरूरत होती है. एक्सपर्ट कहते हैं कि डेंगू की बीमारी में एक खास प्रकार का काढ़ा दवाई का काम कर सकता है. इसे आप घर में आसान विधि द्वारा बना सकते हैं.
काढ़ा बनाने के लिए सामग्री
- काढ़ा बनाने के लिए ताजे गिलोय के पत्ते लें.
- इसमें डालने के लिए चुटकीभर अजवाइन, अदरक लें.
काढ़ा बनाने की विधि
एक बर्तन लें, उसमें 2 गिलास पानी डालें. इसे हल्का गर्म होने दें. अब इसमें गिलोय अजवाइन और अदरक डालें. गिलोय के रंग छोड़ने तक इसे अच्छे से उबालें. जब पानी का रंग बदल जाए तो इसे गैस पर से उतार लें. छानकर इसे ठंडा होने पर काढ़ा का सेवन करें.
डेंगू में गिलोय का काढ़ा कैसे मदद कर सकता है?
गिलोय (Giloy) को आयुर्वेद में एक औषधि के रूप में जाना जाता है. ये पौधा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का काम करता है. गौरतलब है कि बुखार में शरीर कमजोर हो जाता है. वहीं डेंगू के दौरान मरीज को अक्सर तेज बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं होती है. ऐसे में गिलोय का काढ़ा शरीर को एनर्जी देने और कमजोरी को दूर करने में मदद कर सकता है. आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के अनुसार गिलोय में मौजूद नेचुरल तत्व शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करता है.
प्लेटलेट्स बढ़ान में करता मदद
डेंगू के दौरान प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है, इसलिए कई लोग गिलोय का सेवन करने की सलाह देते हैं. चूंकि गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ान में मदद करता है. ऐसे में तेजी से गिरते प्लेटलेट्स को बनाए रखने में मदद करता है.
इस बात का रखें ध्यान
एक्सपर्ट कहते हैं कि डेंगू होने पर भरपूर मात्रा में पानी पिएं, आराम करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें. गिलोय का काढ़ा लेना फायदेमंद हो सकता है लेकिन केवल इसी के भरोसे न रहें. उचित मात्रा में दवाओं या डॉक्टर की सलाह लेना भी जरूरी है. वहीं गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को गिलोय का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.
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FAQs
सवाल:क्या डेंगू में केवल काढ़े पर निर्भर रहना चाहिए?
जवाब: नहीं, डेंगू का इलाज डॉक्टर की सलाह, पर्याप्त तरल पदार्थ और नियमित निगरानी के साथ ही करना चाहिए.
सवाल:क्या गिलोय का काढ़ा प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद कर सकता है?
जवाब:कुछ अध्ययनों और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, यह रिकवरी में मदद कर सकता है, लेकिन प्लेटलेट्स बढ़ाने के इसके वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं.
सवाल: डेंगू में किस खास काढ़े का सेवन किया जाता है?
जवाब: डेंगू में कई लोग गिलोय के काढ़े का सेवन करते हैं, जिसे आयुर्वेद में लाभकारी माना जाता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

