Best Natural Drinks To Beat The Heat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात के 134 वे एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए, उन्हें गर्मी से बचने की सलाह दी. साथ ही उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में मिलने वाली देसी ड्रिंक्स के सेवन करने को भी कहा. ये देसी ड्रिंक्स नेचुरल रूप से शरीर को ठंडा रखने में मदद करेगी.
पीएम ने कहा कि गर्मी से बचने के लिए भारत की पारंपरिक और नुचुरल खान-पान की आदतों को अपनाना चाहिए. भारत के अलग-अलग हिस्सों में लोगों ने सदियों से गर्मी से बचने के नेचुरल तरीके अपनाएं हैं. कहीं आम पन्ना पिया जाता है, कहीं छाछ, कहीं दही पेय और कहीं स्थानीय फलों से बने शरबत का सेवन किया जाता है. ये पेय पदार्थ न केवल शरीर को ठंडक देते हैं बल्कि ऊर्जा और पोषण से भी भरपूर होते हैं. पीएम ने Beat the Heat Naturally” (प्राकृतिक तरीके से गर्मी को मात दें) देने पर जोर दिया है. साथ ही कहा कि हमारे देश में तपती गर्मी से लड़ने में रसोई की चीजों से बने पेय पदार्थ भी बहुत काम आते हैं, जो राहत देने के साथ-साथ काफी फायदेमंद भी हैं. पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा में ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की झलक भी देखने को मिलती है.
सदियों से चले आ रहे नेचुरल ड्रिंक्स
आम पन्ना
गर्मियों के मौसम में आम पन्ना का सेवन हर घर में बढ़ जाता है. उत्तर भारत और पश्चिम भारत (जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और राजस्थान) में ये ड्रिंक बेहद लोकप्रिय है. इसे बनाना भी आसान है. कच्चे आमों को अच्छी तरह धो लें. आमों को कुकर में 2-3 सीटी आने तक उबाल लें या गैस पर नरम होने तक भून लें. ठंडा होने पर आम का गूदा निकाल लें और छिलका और गुठली अलग कर दें. गूदे को मिक्सर में चीनी/गुड़, पुदीना, भुना जीरा, काला नमक और साधारण नमक के साथ पीस लें. तैयार पल्प में ठंडा पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें. अब तैयार है आपका आम पन्ना.
लस्सी का सेवन
लस्सी कई राज्यों में बड़े चाव के साथ पी जाती है. खासतौर पर ये पंजाब और हरियाणा में पी जाती है. लस्सी में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर में तरल पदार्थों की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं. इसे आप घर में आसानी से बना सकते हैं. दही को एक बर्तन में डालकर अच्छी तरह फेंट लें. इसमें चीनी और ठंडा पानी मिलाएं. मिक्सर या मथनी से झागदार होने तक फेंटें. गिलास में बर्फ डालकर सर्व करें. तैयार है स्वादिष्ट लस्सी.
यहां से आता छाछ
अक्सर लोग लस्सी और छाछ को एक ही ड्रिंक समझ लेते हैं. लेकिन छाछ को दही में पानी मिलाकर भुने हुए जीरे, काला नमक डालकर तेयार किया जाता है. ये खास तौर पर पश्चिमी और उत्तरी भारत में भोजन का हिस्सा माना जाता है. वहीं अन्य राज्यों जैसे, गुजरात यहां छाछ को “छास” कहा जाता है और लगभग हर भोजन के साथ पी जाती है. राजस्थान गर्म मौसम के कारण छाछ गर्मी से राहत पाने का पारंपरिक पेय है. हरियाणा गांवों में छाछ दैनिक आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा है. पंजाब लस्सी के साथ-साथ नमकीन छाछ भी काफी लोकप्रिय है. मध्य प्रदेश गर्मियों में छाछ का व्यापक सेवन किया जाता है. कर्नाटक और तमिल नाडु दक्षिण भारत में मसाला छाछ को अलग-अलग स्थानीय नामों से पिया जाता है.
सत्तू का शरबत
गर्मियों में सत्तू का सेवन भी बढ़ जाता है. ये खासतौर पर भुने हुए चने से बनाई जाती है. भुने हुए चने को पीसकर बनाया जाता है. यह खासतौर पर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आता है. इन राज्यों में सत्तू का जूस बहुत ही ज्यादा पॉपुलर है और अधिक मात्रा में पिया जाता है. सत्तू का शरबत बनाने के लिए एक गिलास में 3-4 बड़े चम्मच सत्तू लें और उसमें थोड़ा-सा पानी मिलाकर अच्छी तरह घोल लें. अब इसमें ठंडा पानी डालें. स्वादानुसार नमक, भुना जीरा डाल सकते हैं. कुछ लोग इसमें चीनी डालकर भी पीते हैं. ये शरबत शरीर को ठंडक पहुंचाने, ऊर्जा बनाए रखने और डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है.
नीर मोर
नीर मोर, इसका नाम आपने कम ही सुना होगा. दरअसल ये दक्षिण भारत का एक पारंपरिक ठंडा पेय है, जिसे मसालेदार छाछ भी कहा जाता है. यह दही, पानी, करी पत्ता, अदरक, हरी मिर्च और मसालों को मिलाकर बनाया जाता है. गर्मियों में इसे शरीर को ठंडक पहुंचाने और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पिया जाता है. नीर मोर दक्षिण भारत में काफी लोकप्रिय है. ये खास तौर पर तमिल नाडु में फेमस है. दक्षिण भारत की खाद्य संस्कृति में नीर मोर को एक पारंपरिक, स्वास्थ्यवर्धक और गर्मी से राहत देने वाले पेय के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है.
कोकम शरबत
कोकम शरबत भारत के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों, खासकर महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में फेमस है. इसके अलावा कर्नाटक के तटीय इलाकों में भी इसे बड़े चाव से पिया जाता है. यह शरबत कोकम फल से बनाया जाता है, जिसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है और जो गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए जाना जाता है. इसे बनाने के लिए सूखे कोकम को कुछ समय पानी में भिगोया जाता है, फिर उसका अर्क निकालकर उसमें चीनी या गुड़ मिलाया जाता है. स्वाद बढ़ाने के लिए काला नमक और भुना जीरा भी डाला जा सकता है. इसके बाद ठंडा पानी मिलाकर तैयार है इसका शरबत. गर्मी के मौसम में यह पेय शरीर को तरोताजा रखने, हाइड्रेशन बनाए रखने और लू से राहत दिलाने में मददगार माना जाता है.
सोल कढ़ी
सोल कढ़ी (Sol Kadhi) पश्चिमी भारत का एक पारंपरिक और लोकप्रिय ड्रिंक है, जो महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र और गोवा में सबसे ज्यादा फेमस है. इसे कोकम और नारियल के दूध से बनाया जाता है. सोल कढ़ी का स्वाद हल्का खट्टा, मसालेदार और ताज़गी भरा होता है, इसलिए इसे अक्सर भोजन के साथ या भोजन के बाद पिया जाता है. गर्मियों में यह शरीर को ठंडक पहुंचाने और पाचन में मदद करने के लिए खास तौर पर पसंद की जाती है. गर्मियों में सोल कढ़ी को एक प्राकृतिक कूलिंग ड्रिंक माना जाता है, जो शरीर को तरोताजा रखने में मदद करती है.
बेल शरबत
बेल शरबत भारत के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बेहद लोकप्रिय पारंपरिक ड्रिंक है. यह खासतौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्या प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में गर्मियों के दौरान खूब पिया जाता है. बेल शरबत बनाने के लिए पके हुए बेल फल को तोड़कर उसका गूदा निकाल लिया जाता है. इस गूदे में ठंडा पानी मिलाकर अच्छी तरह मसलते हैं, ताकि सारा गूदा पानी में घुल जाए. इसके बाद मिश्रण को छान लिया जाता है और उसमें स्वादानुसार चीनी या गुड़ मिलाया जाता है. चाहें तो थोड़ा काला नमक और बर्फ भी डाल सकते हैं. बेल शरबत गर्मियों में शरीर को ठंडक पहुंचाने, ताजगी बनाए रखने और हाइड्रेशन में मदद करने के लिए काफी पसंद किया जाता है.
पानकम
पानकम (Panakam) दक्षिण भारत का एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो विशेष रूप से आंध्र प्रदेश, तेलेंगाना, तमिल नाडु और कर्नाटक में फेमस है. पानकम बनाने के लिए सबसे पहले एक गिलास या बर्तन में पानी लें और उसमें स्वादानुसार गुड़ घोल लें. इसके बाद इसमें सूखी अदरक (सोंठ) का पाउडर, थोड़ी-सी इलायची और कुछ बूंदें नींबू के रस की मिलाएं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर छान लें. चाहें तो इसमें थोड़ी काली मिर्च भी डाल सकते हैं. इसे खासकर राम नवमी के अवसर पर बनाया और प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है. गुड़, पानी और मसालों से तैयार होने वाला पानकम गर्मियों में शरीर को ठंडक और ताजगी देने के लिए जाना जाता है.
संबराम
संबराम (Sambaram) दक्षिण भारत का एक पारंपरिक मसालेदार छाछ पेय है, जो खासतौर पर केरल में फेमस है. संबराम बनाने के लिए दही को पानी के साथ अच्छी तरह फेंटकर पतली छाछ तैयार की जाती है. इसमें कुटा हुआ अदरक, हरी मिर्च, करी पत्ते और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है. कुछ लोग इसमें थोड़ा-सा नींबू का रस या काली मिर्च भी डालते हैं. सभी सामग्री को अच्छी तरह मिला लें. अब तैयार है संबराम शरबत. इसे मलयालम में ‘संबराम’ या ‘मोरू वेल्लम’ भी कहा जाता है. गर्म और उमस भरे मौसम में यह पेय शरीर को ठंडक पहुंचाने और ताजगी देने के लिए खूब पिया जाता है.
सावधानी
- धूप से आते ही बर्फ वाला या बहुत ठंडा पेय न पिएं.
- खाली पेट अधिक मात्रा में खट्टे पेय का सेवन न करें.
- छाछ, लस्सी और सत्तू हमेशा ताजा बनाकर पिएं.
- जरूरत से ज्यादा चीनी या गुड़ न मिलाएं.
- मधुमेह के मरीज मीठे पेयों का सेवन सीमित मात्रा में करें.
- लंबे समय तक बाहर रखे हुए पेय न पिएं.
- यदि दही या दूध से एलर्जी है, तो लस्सी और छाछ से बचें या डॉक्टर की सलाह लें.
- नेचुरल ड्रिंक्स के साथ पर्याप्त मात्रा में सादा पानी पीना भी जरूरी है.
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FAQs
सवाल: गर्मियों में नेचुरल ड्रिंक्स पीते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: नेचुरल ड्रिंक्स ताजा बनाकर पीने चाहिए, धूप से आते ही बहुत ठंडे पेय नहीं पीने चाहिए, चीनी का सीमित उपयोग करना चाहिए और पर्याप्त मात्रा में पानी भी पीना चाहिए.
सवाल: सत्तू का शरबत किन राज्यों में सबसे अधिक प्रसिद्ध है?
जवाब: सत्तू का शरबत मुख्य रूप से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में काफी लोकप्रिय है.
सवाल: गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने के लिए कौन-कौन से पारंपरिक पेय लोकप्रिय हैं?
जवाब: गर्मियों में आम पन्ना, छाछ, लस्सी, सत्तू शरबत, नीर मोर और कोकम शर्बत जैसे पारंपरिक पेय शरीर को ठंडा रखने और हाइड्रेटेड रहने में मदद करते हैं.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

