Mirgi ke lie yogasana: गर्मी के मौसम में पेट संबंधी समस्या के अलावा मिर्गी की समस्या भी देखने को मिलती है. यह समस्या डिहाइड्रेशन, ज्यादा पसीना आना, इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन और हीट स्ट्रोक के कारण होती है. वहीं दिनों दिन बढ़ते तापमान से दिमाग की कोशिकाएं अधिक सक्रिय हो जाती हगै जिसके कारण दौरे, मिर्गी पड़ने की समस्या हो जाती है. अगर आप भी इस बीमारी से परेशान रहते हैं तो कुछ योगासन आपकी मदद कर सकते हैं.
मानसिक शांति, कुछ योगासन करके आप इस बीमारी से निपट सकते हैं. योग शरीर का लचीलापन बढ़ाता है, दिमाग और नर्वस सिस्टम को भी शांत करता है. बता दें कि मिर्गी को अंग्रेजी में ‘एपिलेप्सी’ कहते हैं. इसे सिर्फ दवा से ही कंट्रोल नहीं किया जा सकता बल्कि स्ट्रेस कम करके बैलेंस्ड लाइफस्टाइल अपनाकर इसे कम किय जा सकता है.
योगासन कंट्रोल करेगा मिर्गी का दौरा | Which yoga is good for epilepsy
उत्तानासन: मिर्गी से परेशान लोग उत्तानासन की प्रैक्टिस करके इसे कंट्रोल कर सकते हैं. इस योगासन करने से शरीर की मांसपेशिया मजबूत होती है, खासकर कंधे, कमर और पैरों के निचले हिस्से की. स्ट्रेचिंग करने से शरीर में लचीलापन आता है, और दिमाग को भी आराम मिलता है. अगर दिमाग का स्ट्रेस कम होता है तो मिर्गी के दौरे की आने की संभावना कम हो जाती है.
हलासन: मिर्गी के मरीज से परेशान लोग हलासन करके भी इसे कंट्रोल कर सकते हैं. हलासन करने से नसों और मांसपेशियों की अकड़न दूर होती है, जिससे शरीर और दिमाग दोनों ही रिलैक्स महसूस करते हैं. हलासन नर्वस सिस्टम को शांत करता है, जिससे स्ट्रेस, एंग्जायटी और थकान कम होती है.
शवासन: श्वासन करने से भी मिर्गी का दौरा कम होता है. शवासन करने से गहरी मानसिक और शारीरिक शांति मिलती है. यह दिमाग को पूरी तरह से आराम देने वाला आसन है. मिर्गी के मरीजों के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं है. साथ ही, यह दिमाग को शांत करके एकाग्रता बढ़ाता है और शरीर को रिलैक्स करता है.
बालासन: बालासन करने से शरीर और दिमाग शांत होता है, साथ ही स्ट्रेस और थकान दूर होता है. और मन को रिलैक्स करने में भी मदद करता है. बालासन पीठ, कंधे और कमर को हल्का स्ट्रेच देकर दर्द में राहत देता है. इसके अलावा ये डाइजेस्टिव सिस्टम को भी बेहतर करता है.
मत्स्यासन: मत्स्यासन मिर्गी के मरीजों के लिए फायदेमंद आसन है. इस आसन से मस्तिष्क की कार्य क्षमता बेहतर होती है. स्ट्रेस कम होता है. दिमाग शांत होता है. दिमाग और शरीर के बीच बैलेंस बनाने में मत्स्यासन मदद करता है.
यह भी पढ़ें: गर्मियों में एक्सरसाइज करना हो रहा मुश्किल? आयुष मंत्रालय ने बताया ये खास तरीका
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

