Heatwave Effect: भीषण गर्मी से सभी परेशान है. जरा बाहर जाओ तो पसीना आ जाता है. इस गर्मी में हर कोई चिड़चिड़ा होने लगता है. आपने कई लोगों को देखा होगा कि वो बेवजह चिड़ते हैं. हालांकि इसमें उनकी कोई गलती नहीं होती. क्योंकि जब इस तरह का टेंप्रेचर हो, गर्म हवाएं चल रही हों, तो इसका असर सीधे हमारी मेंटल हेल्थ पर पड़ता ही है. यही चिड़चिड़ेपन के रूप में बाहर भी आता है.
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ये ऐसा मौसम है जब लोगों को बेचैनी, स्ट्रेस यहां तक की एंग्जायटी की समस्या बढ़ सकती है. इसलिए ऐसे मौसम में अपनी खास केयर करना बहुत जरूरी हो जाता है. लेकिन लोग सिर्फ शिकायत ही करते रह जाते हैं कि आजकल उनका मन शांत नहीं रह पाता जल्दी-जल्दी उनका मूड खराब हो जाता है. लेकिन उसके लिए वो क्या काम कर रहे हैं, ये शायद ही कोई जानता हो. इसलिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि ये ‘हाय गर्मी’ वाली गर्मी कैसे हमारे माइंड पर असर डालती है.
गर्मी ने बना दिया चि़ड़चिड़ा
दरअसल जब टेंप्रेचर काफी गर्म होता है, बाहर गर्मी होती है तो हमारा शरीर इस टेंप्रेचर को कंट्रोल करता है. इसे कंट्रोल करने के लिए बॉडी को काफी स्ट्रगल करना पड़ता है. जब ये पूरा प्रोसेस हो रहा होता है तो शरीर काफी प्रेशर फील करता है. नतीजा हमारे स्ट्रेस वाले हार्मोन जिसे कोर्टिसोल कहा जाता है, उसका लेवल बिगड़ जाता है. आप गुस्सा होने लगते हैं और इस तरह गर्मी का असर हमारे दिमाग पर पड़ता है. इसका रिजल्ट हमें मिलता है कि हम मेंटली थक जाते हैं, हमें घबराहट होने लगती है, कई बार बेचैनी भी महसूस होती है. अब ऐसे में जो लोग पहले से ही किसी ऐसी समस्या का शिकार हैं एंग्जायटी तो ये और भी अधिक ट्रिगर हो जाती है.
नींदे हो जाती हैं खराब
कुछ लोग इस गर्मी में अगले दिन आपसे ये जरूर कहते मिलेंगे कि कल रात ठीक से सो नहीं पाया. गर्मी बहुत थी, गर्मी का असर हमारी नींद पर इस तरह पड़ता है कि रात में गर्मी से घुटन, लगातार पसीने आना, अनकंफर्टेबल होना. जिसके कारण नींद नहीं आती. ये भी हमारे मेंटल स्वास्थ्य पर असर डालती है. नतीजा हमारे माइंड को जब आराम नहीं मिलता तो कई तरह की प्रॉब्लम्स जैसे मूड स्विंग्स, चिंता या फिर स्ट्रेस बढ़ता है. ऐसी गर्मी में बार-बार पानी पीते रहना चाहिए. क्योंकि अधिक पसीना निकलने से भी समस्या खड़ी हो सकती है.
इमोशनली हीटवेव का असर पड़ता है
वहीं क्या आप जानते हैं कि हीटवेव का असर सिर्फ फिजिकली हमारे शरीर पर नहीं पड़ता. इसका असर इमोशनली भी पड़ता है. क्योंकि धूप बहुत तेज होती है. लोग घर से बाहर निकलने से परहेज करते हैं. नतीजा घर के अंदर बैठे हुए मेंटल प्रेशर बढ़ता है. जब हम लंबे समय तक घरमें रहते हैं, तो उदासी, अकेलापन यहां तक की मेंटल प्रेशर बढ़ता है.
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