Herbs For Digestion Treatment: पेट से जुड़ी समस्या के लिए अक्सर घरेलु नुस्खे अपनाए जाते हैं. ये नुस्खे कारगह होने के साथ-साथ लाभदायक भी होते हैं और सेहत के लिहाज से सही भी माने जाते हैं. इसलिए कई घरों में पेट में दर्द, अपच की समस्या, गैस एसिडिटी होने पर तुरंत कुछ घरेलु उपचार किए जाते हैं. वहीं आयुर्वेद में कुछ खास प्रकार की जड़ी बूटियों का जिक्र भी किया गया है जो पेट से जुड़ी समस्या में राहत देने का काम करते हैं.
दरअसल आयुर्वेद में हरड़ (हरितकी), आंवला (आमलकी), और बहेड़ा (विभीतकी) को ‘त्रिफला’ के रूप में जाना जाता है, जिसे एक महाऔषधि या ‘रसायन’ (rejuvenator) माना गया है. ये महाऔषधि पेट से जुड़ी समस्या में अमृत के समान काम करता है. ये पाचन तंत्र को मजबूत कर कब्ज, गैस, एसिडिटी, और अपच को दूर करने में बेहद मददगार साबित होता है. चलिए जानतें है इनके चमत्कारिक फायदे.
त्रिफला के चमत्कारिक फायदे | Ayurvedic Health Benefits of Triphala
आंवला करेगा पाचन मजबूत
आयुर्वेद में आंवला को अमृत फल बताया गया है. जो त्रिदोष वात, पित्त, कफ को संतुलित करता है. इसके सेवन से पेट से जुड़ी बीमारियां नहीं होती. इम्यूनिटी बूस्ट होती है. इसमें पाए जाने वाला विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पांचन तंत्र को मजबूत करता है. आंवला खाने से गैस, एसिडिटी की समस्या भी दूर रहती है और पेट में होने वाला दर्द में भी आराम मिलता है.
ऐसे करें आंवला का सेवन
आप आंलवा का सेवन कई तरीकों से कर सकते हैं. 1–2 चम्मच आंवला जूस को गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से पेट दर्द में आराम मिलता है. इसके अलावा आधा चम्मच आंवला पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचन बेहतर होता है. वहीं आंवला मुरब्बा खाने से भी पेट को ठंडक मिलती है और दर्द कम होता है.
हरड़ खाने से सुधरेगा डाइजेशन
हरड़ (Harad), जिसे आयुर्वेद में हरितकी (Terminalia chebula) कहा जाता है, एक अत्यंत गुणकारी और दिव्य जड़ी-बूटी है. इसे पेट के रोगों, विशेषकर कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए रामबाण माना जाता है. इसमें फाइबर, विटामिन-सी, मैग्नीशियम, पोटेशियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं.
हरितकी (हरड़) का सेवन ऐसे करें
पेट की समस्या में राहत पाने के लिए आधा चम्मच हरड़ पाउडर को गुनगुने पानी के साथ रात में सोने से पहले लें. इसके सेवन से कब्ज और पेट दर्द में आराम मिलेगा. इसके अलावा हरड़ को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है. वहीं छोटी मात्रा में हरड़ पाउडर को शहद के साथ लेने से पेट की गैस और दर्द में राहत मिलता है.
बहेड़ा से पेट दर्द में मिलेगा आराम
बहेड़ा (Baheda) पेट दर्द और पेट से जुड़ी कई समस्याओं में बहुत फायदेमंद मानी जाती है. इसके सेवन से डाइजेस्टिव सिस्टम सुधरता है और पेट की खराबी को कम करने में मदद करता है. आयुर्वेद में बहेड़ा को पाचन संबंधी समस्या दूर करने के अलावा श्वसन और बालों के लिए भी फायदेमंद बताया है.
बहेड़ा का सेवन का सही तरीका
आधा चम्मच बहेड़ा पाउडर को गुनगुने पानी के साथ दिन में 1 बार लेने से पाचन बेहतर होता है और पेट दर्द में आराम मिलता है. बहेड़ा, हरड़ और आंवला को मिलाकर बने त्रिफला चूर्ण का सेवन रात में गुनगुने पानी के साथ करने से पेट साफ रहता है और दर्द में राहत मिलती है. इसके अलावा बहेड़ा को पानी में उबालकर हल्का काढ़ा बनाकर पीने से पेट की सूजन और गैस कम हो सकती है.
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FAQs
1. हरड़, बेहड़ा और आंवला किस नाम से प्रसिद्ध हैं?
हरड़, बेहड़ा और आंवला को मिलाकर “त्रिफला” कहा जाता है.
2. आंवला पाचन के लिए कैसे लाभकारी है?
आंवला शरीर को ठंडक देता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है.
3. हरड़ और बेहड़ा का उपयोग क्यों किया जाता है?
हरड़ और बेहड़ा पाचन सुधारने, कब्ज दूर करने और शरीर को डिटॉक्स करने के लिए उपयोग किए जाते हैं.

