Improve Eyesight Natural: आजकल सिर्फ बड़े ही नहीं बल्कि छोटे बच्चों की आंखें भी जल्दी कमजोर होने लगी हैं. घंटों मोबाइल चलाना, लैपटॉप और कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार काम करना और कम नींद लेना आंखों की रोशनी पर बुरा असर डाल रहा है. ऐसे में कई लोग चश्मा लगाने को मजबूर हो रहे हैं. हालांकि आयुर्वेद में आंखों की देखभाल के लिए कुछ पुराने और असरदार घरेलू उपाय बताए गए हैं, जिन्हें दादी-नानी के समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है. ऐसा ही एक खास चूर्ण आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों को पोषण देने में मददगार माना जाता है.
इस चूर्ण को बनाने के लिए आपको 1 कटोरी मामरा बादाम, 1 कटोरी सौंफ और 1 कटोरी धागे वाली मिश्री लेनी है. इसके साथ करीब 10 ग्राम यानी 2-3 बड़े चम्मच सफेद मिर्च लेनी है. अगर सफेद मिर्च नहीं मिलती तो काली मिर्च का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. सबसे पहले बादाम को हल्की आंच पर सूखा भून लें. इसी तरह सौंफ को भी थोड़ा सा रोस्ट कर लें ताकि उसका स्वाद और खुशबू बढ़ जाए। अब सौंफ को ठंडा करके मिक्सी में बारीक पीस लें. इसके बाद मिश्री, बादाम और मिर्च को भी पीसकर पाउडर बना लें। दोनों पाउडर को अच्छी तरह मिलाकर किसी एयरटाइट जार में भरकर रख लें.
बच्चों के लिए 1 चम्मच चूर्ण काफी होता है
रोज रात को सोने से पहले 1 गिलास गुनगुने दूध में 1 से 2 चम्मच यह चूर्ण मिलाकर पीने की सलाह दी जाती है. बच्चों के लिए 1 चम्मच चूर्ण काफी होता है. अगर चाहें तो इस पाउडर को सीधे खाकर ऊपर से दूध भी पी सकते हैं. नियमित रूप से 3 से 6 महीने तक इसका सेवन करने से आंखों को फायदा मिल सकता है. आयुर्वेद के अनुसार सौंफ में मौजूद विटामिन A आंखों की कोशिकाओं को पोषण देने में मदद करता है और आंखों की थकान कम करता है.
आखों के लिए फायदेमंद होते हैं बादाम
बादाम में विटामिन E और ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पाए जाते हैं, जो आंखों और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. मिश्री शरीर और आंखों को ठंडक पहुंचाने में मदद करती है, जबकि काली या सफेद मिर्च शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बेहतर बनाती है. हालांकि यह घरेलू नुस्खा आंखों की सेहत को सपोर्ट कर सकता है, लेकिन अगर नजर लगातार कमजोर हो रही है, आंखों में दर्द, जलन या धुंधलापन बना रहता है तो डॉक्टर से जांच जरूर करानी चाहिए. साथ ही स्क्रीन टाइम कम करना, पर्याप्त नींद लेना और आंखों की एक्सरसाइज करना भी बेहद जरूरी है.
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