Is drinking tea every day healthy: भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग चाय के शौकीन होते हैं. लेकिन भारत में दूध वाली चाय बनाई जाती है. ये चाय लोगों की सुबह की डाइट का हिस्सा होती है. चाय का स्वाद, रंग और महक पूरी तरह से चायपत्ती पर निर्भर करते हैं. चायपत्ती ही चाय का स्वाद बनाती और बिगाड़ती है. चायपत्ती पानी और दूध के साथ मिलकर चाय का स्वाद बनाती है. वहीं इसे बनाने के लिए उबालना बहुत जरूरी है. अगर चाय को सही से न उबाली जाए तो चाय का स्वाद बिगड़ सकता है.
वहीं कभी-कभार हम जल्दबाजी में चाय को कम उबालते हैं या फिर ज्यादा उबाल देते हैं जिससे चाय का स्वाद ही बिगड़ जाता है. ऐसे में कभी-कभार चाय कड़वी लगती है. लेकिन इसके पीछे क्या कारण है क्या उबालने के अलावा भी कुछ और कारण हो सकता है? एक्सपर्ट का क्या कहना है?
चाय का स्वाद कड़वा क्यों? | International Tea Day
एक्सपर्ट कहते हैं कि चाय का स्वाद पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि चाय किस तरह बनाई जा रही है. क्योंकि कई लोग उसे ज्यादा देर तक उबाल देते हैं. वहीं कुछ लोग ज्लदबाजी में कम उबालते हैं. ऐसे में में चाय का स्वाद बिगड़ जाता है.
क्यों होता चाय का स्वाद कड़वा?
दरअसल चाय की पत्तियों में पॉलीफेनॉल्स, कैफीन और कई तरह के नेचुरल कंपाउंड्स होते हैं. जब हम पत्तियों को ज्यादा देर तक गर्म पानी में उबालते हैं तो ये कंपाउंड्स तेजी से बाहर निकलने लगते हैं जो चाय का स्वाद बनाते और बिगाड़ते हैं. ऐसे में अगर चाय को ज्यादा देर तक उबाला जाए तो उसका स्वाद कड़वा हो सकता है. यही वजह है कि चाय का स्वाद ज्यादा स्ट्रॉन्ग यानि जिसे हम कड़क चाय कहते हैं, और कई बार कड़वा हो जाता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि चाय का स्वाद न बिगड़े इसके लिए चाय की पत्तियों को सही पानी, सही तापमान और सही समय का ध्यान रखना चाहिए.
चाय को डाइट का हिस्सा बनाना कितना सही?
चाय को डाइट का हिस्सा बनाना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसकी मात्रा और समय बहुत मायने रखते हैं. अगर आप दिन में एक से दो कप चाय पीते हैं तो ये सेहत के लिहाज से सही मानी जाती है. क्योंकि चाय की पत्तियों में मौजूद तत्व शरीर को एक्टिव बनाने का काम करते हैं. वहीं इसमें चीनी की मात्रा भी जरूरत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. वहीं ज्यादा चाय पीने से शरीर को कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जैसे एसिडिटी, नींद में परेशानी, आयरन की मात्रा को सोखना, शरीर से पानी की मात्रा को सोखना जिससे बॉडी में पानी की कमी हो जाती है. अगर आप चाय पीना चाहते हैं तो इसे खाली पेट न पिएं.
चाय में पाए जाने वाले नेचुरल गुण
चाय में कई प्रकार के नेचुरल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. इसमें सबसे ज्यादा कैफीन पाया जाता होता है, जो दिमाग को एक्टिव बनाने का काम करता है और थकान कम करता है. इसके अलावा चाय में पॉलीफेनॉल्स (Polyphenols) और कैटेचिन्स (Catechins) जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट्स भी पाए जाते हैं, जो शरीर को फ्री-रैडिकल्स से बचाने और सूजन कम करने में मदद करते हैं. हालांकि चाय तभी फायदेमंद हो सकती है जब इसे दवाई की तरह ली जाए.
आज इंटरनेशनल टी डे
बता दें कि 21 मई को दुनियाभर में इंटरनेशनल टी डे मनाया जाता है. गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा (UN) ने साल 2019 में 21 मई को आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी. इससे पहले, भारत, श्रीलंका और केन्या जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में यह दिवस 15 दिसंबर को मनाया जाता था. हमारे देश में चाय सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की आदत और इमोशन का हिस्सा है. इसलिए इसकी मात्रा को ध्यान में रखना जरूरी है. ताकि हेल्थ बनी रहे.
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FAQs
सवाल: चाय का सीमित सेवन क्यों जरूरी है?
जवाब: ज्यादा चाय पीने से एसिडिटी, नींद की समस्या और आयरन अवशोषण में कमी हो सकती है.
सवाल: चाय में कौन से एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं?
जवाब: चाय में पॉलीफेनॉल्स और कैटेचिन्स जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं.
सवाल: चाय में कौन सा तत्व दिमाग को सक्रिय करता है?
जवाब: Tea में मौजूद कैफीन दिमाग को सक्रिय करता है.
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