Reasons for sleeplessness at night: क्या आपके साथ ऐसा हुआ है, जब आप रात में बिस्तर पर जाते हैं और नींद आने में दिक्कत हो रही हो? आंखें बंद नहीं हो रही. आप थके हुए तो हैं, लेकिन आंख बंद नहीं हो रही. आज के समय में इस समस्या से हर दूसरा इंसान परेशान है. दरअसल बढ़ते स्क्रीन टाइम, चिंता, एंग्जाइटी और मेंटल स्ट्रेस के कारण इस तरह की दिक्कतें होती हैं.
एक्सपर्ट कहते हैं कि आप थके हुए हैं और नींद नहीं आ रही तो इसका सीधा मतलब है कि आपका दिमाग एक्टिव है. थकान के बावजूद आपका दिमाग एक्टिव रहता है तो ऐसे में नींद आने में परेशानी हो सकती है. दरअसल फिट रहने के लिए आपकी नींद का पूरा होना जरूरी है. शरीर की थकान को मिटाना जरूरी है. वहीं थकान मिटाने के लिए अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं मिलती तो आपकी फिटनेस पर असर पड़ सकता है. कई तरह की हेल्थ समस्या का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए थकान मिटाने के लिए आपको नींद आनी जरूरी है.
थकान के बाद भी नींद न आने के बड़े कारण
स्ट्रेस और ज्यादा सोचना
थकान के बाद भी नींद न आने का सबसे बड़ा कारण है कि आप स्ट्रेस में हैं. दरअसल महिला हो या फिर पुरूष बदलते दौर के कारण समय के साथ चलने में कठिनाई महसूस करते हैं. ऐसे में पैसा कमाना और समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना तनाव का कारण बनता है. ऐसे में व्यक्ति दिनभर टूटकर काम करने के बावजूद जब रात में थकान उतारता है लेकिन नींद नहीं आती तो ये मेंटल स्ट्रेस का कारण है. दिनभर योजनाएं बनाना और फिर पूरा न होन पाना ऐसे में दिमाग एक्टिव बना रहता है. हर समय दिमाग अलर्ट मोड पर रहता है.शरीर थका हुआ हो, दिमाग लगातार विचारों को प्रोसेस करता रहता है, जिससे आराम करना मुश्किल हो जाता है। सोने से पहले ज़्यादा सोचने से कोर्टिसोल जैसे तनाव वाले हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है, जो नींद की नेचुरल साइकिल में बाधा डालता है.
रात का स्क्रीन टाइम
आज हम उस दौर में जी रहे हैं जहां स्क्रीन टाइम सीमित नहीं रहा, बल्कि दिनोंदिन इसका स्क्रीन टाइम बढ़ता जा रहा है. दरअसल स्क्रीन से निकलने वाली रेंज, लाइट नींद न आने का बड़ा कारण बनता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि स्क्रीन से निकलने वाली नीले रंग की रोशनी नींद को कंट्रोल करने वाले हार्मोन के प्रोडक्शन को दबा देती है. इसलिए एक्सपर्ट कहते हैं कि नींद लेने से पहले कम से कम 3 घंटे पहले स्क्रीन से दूरी बना लेनी चाहिए क्योंकि सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना, गेम खेलना या लगातार कोई कंटेंट देखना दिमाग को एक्टिव रखता है, और नींद आने में देरी का कारण बनता है.
कैफीन का सेवन
कई लोगों को सोने से पहले चाय, कॉफी, एनर्जी ड्रिंक्स जैसी चीज़ों का सेवन करने की आदत होती है. दरअसल इनमें कैफीन की मात्रा होती है, जो नींद आने में दिक्कत करती है. आपको बता दें कि कैफीन एक ऐसा तत्व हो जो दिमाग को एक्टिव करने का काम करता है और अगर ऐसे में आप सोने से पहले कैफीन युक्त पदार्थ का सेवन करते हैं तो आपका दिमाग एक्टिव मोड में रहता है और नींद नहीं आती.
नींद न आने से फिटनेस कैसे बिगड़ सकती है?
- ऊर्जा की कमी: पर्याप्त नींद न मिलने पर शरीर थका हुआ महसूस करता है और वर्कआउट की क्षमता घट जाती है.
- मांसपेशियों की रिकवरी प्रभावित: नींद के दौरान मांसपेशियां रिपेयर होती हैं। कम नींद से रिकवरी धीमी हो जाती है.
- वजन बढ़ने का खतरा: नींद की कमी भूख बढ़ाने वाले हार्मोन को प्रभावित करती है, जिससे ओवरईटिंग हो सकती है.
- मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ना: कम नींद शरीर की कैलोरी बर्न करने की क्षमता को कम कर सकती है.
- एकाग्रता और प्रदर्शन में कमी: थकान के कारण फोकस, स्टैमिना और खेल प्रदर्शन प्रभावित हो सकता है.
- हार्मोनल असंतुलन: ग्रोथ हार्मोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे फिटनेस से जुड़े हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं.
- इम्यूनिटी कमजोर होना: लगातार नींद की कमी से शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो सकती है.
- चोट लगने का जोखिम बढ़ना: थकान और कम फोकस के कारण एक्सरसाइज या खेल के दौरान चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है.
- तनाव और मूड पर असर: नींद की कमी से तनाव, चिड़चिड़ापन और मोटिवेशन की कमी हो सकती है.
- ब्लड शुगर नियंत्रण प्रभावित: खराब नींद इंसुलिन संवेदनशीलता को कम कर सकती है, जिससे डायबिटीज़ का खतरा बढ़ सकता है.
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FAQs
सवाल: थकान के बावजूद नींद क्यों नहीं आती?
जवाब: तनाव, चिंता, अनियमित दिनचर्या, देर रात स्क्रीन का इस्तेमाल, कैफीन का अधिक सेवन और खराब स्लीप हाइजीन जैसी वजहों से व्यक्ति को थकान होने के बाद भी नींद नहीं आ सकती.
सवाल: नींद की कमी फिटनेस को कैसे प्रभावित करती है?
जवाब: पर्याप्त नींद न मिलने से मांसपेशियों की रिकवरी धीमी हो जाती है, ऊर्जा का स्तर घटता है, वर्कआउट प्रदर्शन प्रभावित होता है और वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ सकता है.
सवाल: अच्छी नींद के लिए कौन-सी आदतें अपनानी चाहिए?
जवाब: रोज़ एक ही समय पर सोना-जागना, सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना, शाम के बाद कैफीन से बचना, नियमित व्यायाम करना और शांत वातावरण में सोना अच्छी नींद पाने में मदद कर सकता है.
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