Sickness During Pregnancy: प्रेग्नेंट महिला को अक्सर उल्टी, जी मिचलाना, ज्यादा थकान, पीठ दर्द, कब्ज सीने में जलन, पैरों में सूजन और मूड स्विंग जैसी समस्याएं परेशान करती हैं. लेकिन इन समस्याओं को आप कुछ घरेलू नुस्खे की मदद से ठीक कर सकते हैं.
दरअसल प्रेगनेंसी के दौरान महिला के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से ये समस्या गर्भवती महिला को झेलनी पड़ती है. इन समस्याओं को मॉर्निंग सिकनेस भी कहा जाता है. लगभग 70 प्रतिशत महिलाएं उल्टी, जी मिचलाना जैसी समस्याओं से परेशान रहती हैं. इन समस्याओं को इग्नौर करना गंभीर बीमारी को जन्म दे सकता है. इसलिए समय रहते कुछ घरेलू नुस्खे अपनाना समझदारी साबित हो सकता है.
गर्वभवती महिला की मॉर्निंग सिकनेस ऐसे होगी कम
अदरक का सेवन करें
गर्भवती महिला मॉर्निंग सिकनेस को कम करने के लिए अदरक का सेवन कर सकती हैं. अदरक में मौजूद तत्व तत्व उल्टी, जी मिचलाना जैसी समस्याओं में राहत देता है. अदरक का सेवन करने के लिए आप अदरक वाली चाय पी सकते हैं. इसके आलावा अदरक का काढ़ा या फिर गर्म पानी में इसका रस डालकर भी पी सकते हैं.
नींबू रस का सेवन
नींबू रस का सेवन गर्भवती महिला की मॉर्निंग सिकनेस को कम करता है. उल्टी, जी मिचलाना, ज्यादा थकान, पीठ दर्द, कब्ज सीने में जलन जैसी समस्या में नींबू का सेवन लाभकारी माना जाता है. नींबू में अम्लीय (Acidic) स्वाद लेकिन क्षारीय (Alkalizing) प्रभाव के कारण काम करता है. नींबू का सेवन आप खाली पेट कर सकते हैं, हल्के गुनगुने पानी में आप नींबू का रस मिलाकर पी सकते हैं.
ठंडी चीजों का सेवन करें
मॉर्निंग सिकनेस में आप ठंडी चीजों का सेवन कर सकते हैं. जैसे, नारियल पानी, नींबू पानी, ठंडा दूध, फल और दही जैसी चीजों का सेवन कर सकते हैं. इससे पेट की गर्मी शांत होगी, और एसिडिटी में भी आराम मिलेगा. ठंडी चीजें शरीर की गर्मी को कम करके, नसों को शांत करके और सूजन कम करके काम करती हैं, जिससे उल्टी, जी मिचलाना जैसी समस्या में आराम देता है.
सौंफ-इलायची का सेवन
सौंफ-इलायची का सेवन जी मिचलाना, उल्टी, ज्यादा थकान, पीठ दर्द, कब्ज सीने में जलन जैसी समस्या में आराम देता है. सौंफ पाचन-तंत्र में सुधार करता है और उल्टी जैसी समस्याओं को कम करता है. आप एक हरी इलायची लें और इसे धीरे-धीरे चबाएं। इसका रस मतली और उल्टी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करेगा. आप थोड़ी-सी सौंफ ले और इसे चबाएं, इससे आपको काफी आराम मिलेगा। आप चाहें तो सौंफ के पानी का सेवन भी कर सकते हैं.
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(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )
FAQs
1. मॉर्निंग सिकनेस क्या होती है?
गर्भावस्था के शुरुआती महीनों में गर्भवती महिलाओं को सुबह के समय जी मिचलाना, उल्टी और कमजोरी महसूस होना मॉर्निंग सिकनेस कहलाता है.
2. मॉर्निंग सिकनेस क्यों होती है?
यह हार्मोनल बदलाव, खासकर hCG और एस्ट्रोजन के बढ़ने के कारण होती है, जो पाचन और मस्तिष्क को प्रभावित करते हैं.
3. मॉर्निंग सिकनेस में क्या उपाय मदद करते हैं?
थोड़े-थोड़े अंतराल पर हल्का भोजन करना, अदरक का सेवन, पर्याप्त पानी पीना और तैलीय भोजन से बचना मॉर्निंग सिकनेस में राहत देता है.

