What are the 10 benefits of Dhanurasana: योग की मदद से शारीरिक और मानसिक दोनों बीमारियों में योग किसी मेडिसिन की तरह काम करता है. इसलिए योग के प्रति जागरूक करने की दिशा में आयुष मंत्रालय योग से जुड़ी जरूरी जानकारी साझा करता है. गौरतलब है कि 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाएगा. इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय ने धुनष जैसी दिखने वाले योग का पोस्टर शेयर कर इसके फायदे बताए हैं.
धनुष जैसी दिखने वाले योग को धनुरासन (Dhanurasana) कहा जाता है. इसमें शरीर की आकृति धनुष (Bow) की तरह दिखाई देती है, इसलिए इसे धनुरासन कहा जाता है. आज के आर्टिकल में हम जानेंगे इसके फायदे और करने से शरीर में किस तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं. चलिए जानते हैं.
धनुरासन पर आयुष मंत्रालय
दरअसल जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है. हमारे शरीर के अंग कमजोर होने लगते हैं. सबसे ज्यादा फर्क डाइजेस्टिव सिस्टम यानि पाचन तंत्र पर पढ़ता है. हमें बार-बार कब्ज़, पाचन संबंधी परेशानियां होने लगती है. इसके अलावा बढ़ती उम्र में पीठ दर्द और चलने फिरने की क्षमता भी प्रभावित होने लगीत है. वहीं आयुष मंत्रालय के अनुसार आप बढ़ती इन समस्याओं को धनुरासन की मदद से कम कर सकते हैं.
धनुरासन (Bow Pose) पेट के हिस्से को स्ट्रेच करने, पाचन अंगों को सक्रिय करने, पीठ की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है. इस अभ्यास को अपनी दिनचर्या में शामिल करने से बेहतर पाचन, रीढ़ की हड्डी का स्वास्थ्य और सक्रिय बुढ़ापे को बढ़ावा मिल सकता है.
धनुरासन कैसे करें?
- पेट के बल सीधे लेट जाएं.
- घुटनों को मोड़ें और दोनों पैरों को पीछे से हाथों से पकड़ें.
- सांस अंदर लेते हुए छाती और जांघों को जमीन से ऊपर उठाएं.
- शरीर का भार पेट पर रखें और धनुष जैसी स्थिति बनाएं.
- 15-30 सेकंड तक रुकें और सामान्य सांस लेते रहें.
- धीरे-धीरे वापस सामान्य स्थिति में आ जाएं.
धनुरासन के फायदे
- पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है: पेट के अंगों की हल्की मालिश होती है, जिससे पाचन में मदद मिल सकती है.
- कब्ज से राहत दिलाने में सहायक: नियमित अभ्यास आंतों की गतिविधि को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है.
- पीठ और कमर को मजबूत बनाता है: रीढ़ की हड्डी, पीठ और कंधों की मांसपेशियों में लचीलापन बढ़ता है.
- शरीर का संतुलन और लचीलापन बढ़ाता है: पूरे शरीर की स्ट्रेचिंग होती है.
- छाती और फेफड़ों को खोलता है: सांस लेने की क्षमता बेहतर करने में मदद मिल सकती है.
- तनाव कम करने में सहायक: योगासन मानसिक शांति और एकाग्रता बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.
करते समय रखें सावधानियां
- कमर में गंभीर दर्द, हर्निया, हाल की सर्जरी या गर्भावस्था के दौरान यह आसन बिना विशेषज्ञ की सलाह के न करें।
- शुरुआत में योग प्रशिक्षक की निगरानी में अभ्यास करना बेहतर होता है।
बता दें कि धनुरासन एक ऐसा योगासन है जो पाचन सुधारने, कब्ज कम करने, पीठ को मजबूत बनाने और शरीर में लचीलापन बढ़ाने में मदद करता है. लेकिन अगर आपको करते समय किसी प्रकार की कोई असहजता महसूस हो तो आप तुरंत रूक जाएं, या फिर किसी एक्सपर्ट की निगरानी में ही करें.
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FAQs
सवाल: किन लोगों को धनुरासन करते समय सावधानी बरतनी चाहिए?
जवाब: जिन लोगों को गंभीर कमर दर्द, हर्निया, हाल ही में सर्जरी हुई हो या गर्भावस्था हो, उन्हें धनुरासन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए.
सवाल: धनुरासन के प्रमुख फायदे क्या हैं?
जवाब: धनुरासन पाचन सुधारने, कब्ज से राहत दिलाने, पीठ और कमर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर का संतुलन बढ़ाने और तनाव कम करने में सहायक माना जाता है.
सवाल: धनुरासन क्या है और इसे क्यों किया जाता है?
जवाब: धनुरासन एक योग मुद्रा है जिसमें शरीर धनुष के आकार जैसा दिखाई देता है. यह आसन शरीर में लचीलापन बढ़ाने, रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाने और पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

