Health benefits of protein powder: मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन जरूरी होता है. प्रोटीन को डाइट का हिस्सा बनाया जाता है. आज के समयम में छोटा बच्चा हो या फिर बड़ा सभी जिम जाने लगे हैं ऐसे में वे भी प्रोटीन की भरपूर मात्रा लेते हैं. वहीं बढ़ती उम्र में भी लोग खासतौर पर मसल्स स्ट्रेंथ के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट्स लिया जाता है. लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार मसल्स स्ट्रेंथ के लिए प्रोटीन की बजाए एक्सरसाइज की मदद लेनी चाहिए.
दरअसल ये स्टडी बुजुर्गों पर की गई. बुजुर्गों पर हुई इस स्टडी में मसल्स के लिए प्रोटीन के ज्यादा फायदे नहीं देखने को नहीं मिले. ये रिसर्च 65 साल या उससे अधिक उम्र के स्वस्थ लोगों पर किया गया. इसमें कुछ लोगों को व्हे प्रोटीन, कुछ को पोटैशियम बाइकार्बोनेट और कुछ को दोनों सप्लीमेंट दिए गए. ये एक्सपेरिमेंट 6 महीनों तक किया गया. ये स्टडी The American Journal Of Clinical Nutrition नामक एक जर्नल रिपोर्ट छपी.
स्टडी में क्या निकला?
रिसर्च में पाया गया कि सप्लीमेंट लेने वालों के शरीर में IGF-1 नामक हार्मोन का स्तर बढ़ा, जो मांसपेशियों की वृद्धि से जुड़ा होता है. लेकिन इसके बावजूद मांसपेशियों की ताकत, शरीर की क्षमता या मांसपेशियों के आकार में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया. सांइटिस्टों का कहना है कि केवल सप्लीमेंट लेने से बुजुर्गों की मांसपेशियां मजबूत नहीं होतीं. मांसपोशियों की मजबूती के लिए रोजाना योग, हल्की एक्सरसाइज, संतुलित आहार लेना जरूरी होता है. इसके अलावा एक्टिव जीवनशैली भी जरूरी है.
बुजुर्गों के लिए बेस्ट एक्सरसाइज
बुजुर्गों के लिए प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेने की बजाए ह्लकी और आसान एक्सरसाइज करनी चाहिए. ये एक्सरसाइज उनके लिए बेस्ट साबित होगी. इनके करने से मांसपेशियां मजबूत होगी और हड्डियों में भी मजबूती आएगी. वहीं जब हड्डियों में मजबूती आती है तो शरीर में बैलेंस बना रहता है. बुजुर्गों के लिए कुर्सी से उठना-बैठना (Squats), दीवार के सहारे पुश-अप्स (Push-ups), और पंजों के बल खड़ा होना (Calf raises) जैसी आसान और हल्की एक्सरसाइज करनी बेहतर साबित होगी. इन्हें आप बिना जिम जाए घर पर आसानी से कर सकते हैं.
कुर्सी पर बैठना और उठना (Sit to Stand)
ऐसी कुर्सी चुनें जिसमें दोनों तरफ हाथ या कोहनी टिकाने के लिे स्टैंज या हत्थे बने हुए न हों. कुर्सी पर हाथों को सामने सीधा रखें या कंधे पर रखें. बिना हाथों का सहारा लिए धीरे-धीरे खड़े हों और फिर धीरे-धीरे वापस बैठें. ऐसा करने से पैरों और जांघों की मांसपेशियों में मजबूती आती है.
दीवार के सहारे पुश-अप्स (Wall Push-ups)
दीवार के सामने मुंह करके खड़े हों और अपने हाथ कंधे की सीध में दीवार पर रखें. शरीर को थोड़ा सीधा रखते हुए दीवार की तरफ झुकें (कोहनी को मोड़ें) और फिर वापस पहले जैसे पोजीशन में आ जाएं. इस एक्सरसाइज के करने से हाथों, कंधों और छाती की मांसपेशियों में मजबूती आती है.
आर्म कर्ल या बाइसेप्स कर्ल (Arm Curls)
सीधे खड़े हो जाएं या बैठ जाएं. हाथों में हल्की पानी की बोतल या आधा किलो का डंबल पकड़ें. हथेलियों को ऊपर की तरफ रखते हुए कोहनी से वजन को कंधे की ओर उठाएं और धीरे-धीरे नीचे लाएं. इस एक्सरसाइज की मदद से हाथों की मांसपेशियों (Biceps) को ताकत मिलती है.
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FAQs
सवाल: अध्ययन का मुख्य निष्कर्ष क्या था?
जवाब: सप्लीमेंट लेने से मांसपेशियों की ताकत और कार्यक्षमता में खास सुधार नहीं हुआ.
सवाल: शोध में कौन-कौन से सप्लीमेंट दिए गए?
जवाब: शोध में व्हे प्रोटीन और पोटैशियम बाइकार्बोनेट सप्लीमेंट दिए गए.
सवाल: यह अध्ययन किन लोगों पर किया गया था?
जवाब: यह अध्ययन 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के स्वस्थ बुजुर्गों पर किया गया था.
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