Which roti is good, atta or maida: हर बीमारी के लिए अलग-अलग डाइट रखना बेहद जरूरी है. इसलिए समय-समय पर अपनी थाली में बदलाव करते रहे. एक्सपर्ट कहते हैं कि हर रोटी बीमारी में अलग-अलग काम करती है. इसलिए थाली में बदलाव करवाना जरूरी है.
भारतीय थाली में रोटी खाने का अहम हिस्सा होती है. लेकिन इस बात को समझना बेहद जरूरी है कि अगर आप किसी बीमारी से जूझ रहे हैं तो अपनी थाली में उसी प्रकार के बदलाव करें. समय के साथ-साथ डाइट में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है. बता दें कि रोटी में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को कई तरह फायदा पहुंचाते हैं. वहीं हर बीमारी के लिए अलग-अलग रोटी का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसके फायदे अलग तरह से पहुंचाते हैं.
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किस बीमारी में कौन-सी रोटी खानी चाहिए?
डायबिटीज
अगर आप या फिर आपके घर में किसी को डायबिटीज की बीमारी है तो आपको अपनी थाली में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली रोटी शामिल करनी चाहिए. ये रोटी अचानक से ब्लड शुगर लेवल बढ़ने नहीं देती. जौ, ज्वार, चना और रागी के आटे की रोटी डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद होती है. इन्हें इस आटे की रोटी अपनी थाली में शामिल करनी चाहिए. इन आटों की रोटियों में फाइबर अधिक होता है, जिससे भोजन धीरे-धीरे पचता है और ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता.
फैटी लिवर
फैटी लिवर की समस्या में जौ की रोटी अच्छा विकल्प साबित हो सकता है. ये फाइबर से भरपूर होती है और वजन कंट्रोल रखने में मदद करती है. दरअसल इस समस्या में फाइबर से भरपूर खाना खाने की सलाह दी जाती है. जौ की रोटी के साथ आप साबुत अनाज, मौसमी हरी सब्जियां, और ताजे फलों का सेवन नियमित रूप से करते रहें.
ओबेसिटी (मोटापा)
अगर किसी को ओवरवेट की समस्या है तो वह बाजरे की रोटी खा सकता है. बाजरे की रोटी में फाइबर और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है. यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है. ऐसे में जल्दी भूख नहीं लगती. दरअसल कई लोगों को खाने की क्रेविंग होती है. इसलिए वह हर थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ-ना-कुछ खाते रहते है जिसके वजह से उनका वेट बढ़ जाता है.
कब्ज की समस्या
हमारे आसपास ऐसे बहुत से लोग होते हैं जिन्हें कब्ज की समस्या रहती है. ऐसे में वह अपनी थाली में गेहूं और चोकर वाली रोटी को शामिल कर सकते हैं. इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. वहीं गेंहू की रोटी पाचन तंत्र को सपोर्ट भी करती है. इसलिए इसका सेवन फायदेमंद माना जाता है.
हाई कोलेस्ट्रॉल
हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में आपको जौ की रोटी का सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसमें खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने की क्षमता होती है. साथ ही ये हार्ट हेल्थ के लिए भी बेहतर मानी जाती है. इसलिए एक्सपर्ट हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या में जौ की रोटी का सेवन करने की सलाह देते हैं.
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FAQs
सवाल: डायबिटीज में कौन-सी रोटी खानी चाहिए?
जवाब: डायबिटीज में जौ, चना या मल्टीग्रेन आटे की रोटी फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें.
सवाल: फैटी लिवर या हाई कोलेस्ट्रॉल में कौन-सी रोटी बेहतर है?
जवाब: जौ, ओट्स या रागी जैसे अधिक फाइबर वाले अनाज की रोटी बेहतर विकल्प हो सकती है.
सवाल: क्या हर व्यक्ति के लिए एक ही तरह की रोटी सही होती है?
जवाब: नहीं, रोटी का चुनाव व्यक्ति की बीमारी, उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार होना चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं.)

