Baby Care Tips: आज के समय में शिशुओं को पालने में कई तरह की कठिनाई आती है. क्योंकि कपल अब अपने परिवारों की जड़ों से दूर हो चुके हैं. ऐसे में कई बार वह शिशुओं की देखभाल में कई तरह की परेशानी झेलते हैं. ऐसे में उनके पास कई सवाल होते हैं. कि उन्हें किस तरह से पालना है? बीमार पड़ने पर क्या देना सही रहेगा? किस तरह से उनका शिशु यानि छोटा बच्चा सही देखभाल के साथ पल सकता है. वह बीमार न पड़े…. जैसे सवाल कपल के मन में अक्सर आते हैं. लेकिन फिट रहे इंडिया ने इन सभी सवालों के जवाब के लिए पीडियाट्रिशियन डॉक्टर सौरभ कटारिया से खास बातचीत की है. उन्होंने शिशुओं की उचित देखभाल के वाले नुस्खों का जिक्र किया है. चलिए जानते हैं.
सेफ कप सिरप दें
अगर अपके मन में है कि आपका बच्चा बार-बार बीमार पड़ रहा है तो घबराने की बात नहीं है. इस पर एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चों का साल में पांच से छह बार बीमार पड़ना आम बात है. ऐसे में कफ सिरप देने में कोई दिक्कत नहीं है. बस ध्यान रखें कि
दी गई कफ सिरप सेफ हो.
दो हफ्तों तक न नहलाएं
यहां ये समझना जरूरी है कि छोटे बच्चे यानि शिशुओं को दो हफ्तों तक एटलीस्ट बाथ नहीं देना चाहिए.
फ्लू होने पर क्या करें
एक्सपर्ट बताते हैं कि बच्चों में सबसे ज्यादा कॉमन है वायरल. वायरल स्टमक फ्लू, वायरल रेस्पिरेटरी फ्लू, ऐसी स्थिति में आपको समझना होगा कि बच्चा अपने आप ठीक हो जाएगा. अगर आप मेडिसिन दोगे तो सात दिन में ठीक हो जाएगा. मेडिसिन नहीं दोगे तो एक हफ्ते में. एंटी वायरल मतलब वायरल को ठीक करने में मेडिसिन का ज्यादा रोल नहीं है. बच्चे को बुखार है, बुखार की दवाई दे दो. बच्चे को जुकाम है तो नॉर्मल सलाइ ड्रॉप से नाक खोल दो. इन छोटी-छोटी बातों से आप बच्चे का ध्यान रख सकते हैं. छोटे बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम ज्यादा होता है और जैसेजैसे बड़े होते हैं वो कम हो जाता है.
प्रदूषण में ऐसे करें देखभाल
बच्चों के नाजुक लंग्स के लिए प्रदूषण खतरनाक साबित हो सकता है. इसलिए बच्चों की उचित देखभाल करें. एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चों को प्रदूषण से बचाने के लिए एयर प्यूरीिफायर का इस्तेमाल करें. बच्चों को कम से कम घर से बाहर निकलें. गुनगुना पानी पीने को दें. N95 मास्क का प्रयोग करें.
खांसी होने पर क्या करें?
एक्सपर्ट कहते हैं कि बच्चों कि खांसी सात दिन में ठीक हो जाती है. लेकिन अगर वह लंबी चल रही है तो डॉक्टर से एक बार चेक जरूर कराएं कि ये वायरल है या कोई और दिक्कत है. इसके अलावा आप छोटी-छोटी गलतियों को करने से बचें. जैसे बच्चा थोड़ा सा ठीक नहीं होता कि पैरेंट्स उसे आइसक्रीम खिला देते हैं, नंगे पैर भाग रहा है. बच्चे को खांसी है ठंडा पानी न पीने दें. इन गलतियों को करने से बचें.
ऐसे करें मालिश
बच्चों की मालिश पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती है और इसे घर के सदस्यों द्वारा करना बेहतर होता है, खासकर मां द्वारा. इससे बच्चे की बॉन्डिंग मजबूत होती है और उसका भावनात्मक विकास बेहतर होता है. कई स्टडीज में यह भी देखा गया है कि नियमित मालिश से बच्चे का वज़न संतुलित रूप से बढ़ सकता है और उसकी त्वचा व नर्वस सिस्टम का विकास भी बेहतर होता है.
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि मालिश से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं, क्योंकि हड्डियों की मजबूती मुख्य रूप से पोषण जैसे मां का दूध और विटामिन D पर निर्भर करती है.
मालिश के लिए किसी खास या महंगे तेल की आवश्यकता नहीं होती. सबसे अधिक इस्तेमाल और सुरक्षित माना जाने वाला तेल नारियल तेल (Coconut Oil) है, जिसे हर मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है. सर्दियों में अगर यह जम जाता है तो हल्का गर्म करके उपयोग किया जा सकता है.
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FAQs
सवाल: बच्चों की सही परवरिश के लिए सबसे जरूरी बात क्या है?
जवाब: बच्चों की सही परवरिश के लिए सबसे जरूरी है प्यार, धैर्य और सुरक्षित वातावरण. बच्चे को डांटने से ज्यादा जरूरी है उसे समझाना और उसकी भावनाओं को सुनना. जब बच्चा खुद को सुरक्षित और समझा हुआ महसूस करता है, तो उसका मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर होता है.
सवाल: बच्चों की सेहत का ध्यान कैसे रखें?
जवाब: बच्चों की सेहत के लिए संतुलित आहार, मां का दूध (छोटे बच्चों के लिए), समय पर टीकाकरण और साफ-सफाई बहुत जरूरी है. साथ ही बच्चों को ज्यादा जंक फूड से बचाना चाहिए और उन्हें रोज थोड़ा शारीरिक खेल-कूद में शामिल करना चाहिए.
सवाल: बच्चों को अनुशासन (discipline) कैसे सिखाएं?
जवाब: बच्चों को अनुशासन सिखाने के लिए डराने-धमकाने की बजाय प्यार से नियम समझाना चाहिए. छोटे-छोटे नियम बनाकर उन्हें लगातार फॉलो कराना चाहिए. अच्छा व्यवहार करने पर उनकी तारीफ करें, ताकि वे सकारात्मक आदतें सीख सकें.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

