Indian Skin Care: आजकल Instagram और सोशल मीडिया पर “Glass Skin”, “Korean Skin”, “Instant Glow”, “Anti-Aging” जैसे शब्द हर जगह सुनने को मिलते हैं. लोग सोचते हैं कि कुछ खास क्रीम, सीरम या ट्रीटमेंट से चेहरा एकदम कांच जैसा चमकदार और गोरा हो जाएगा. लेकिन क्या सच में ऐसा संभव है? डॉक्टर शैला अग्रवाल ने स्किन से जुड़े कई वायरल ट्रेंड्स और मिथकों की सच्चाई आसान भाषा में समझाई.
डॉक्टर के मुताबिक “Glass Skin” कोरियन लोगों की स्किन टाइप के हिसाब से बना कॉन्सेप्ट है. उनकी स्किन का टेक्सचर और रंग भारतीयों से अलग होता है। भारतीयों की स्किन ब्राउन टोन वाली होती है, जिसमें पोर्स बड़े होते हैं और धूप का असर भी ज्यादा होता है. इसलिए भारतीयों के लिए बिल्कुल कोरियन जैसी “Glass Skin” पाना संभव नहीं है। लेकिन हां, साफ, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन जरूर पाई जा सकती है.
ज्यादा स्क्रबिंग और पीलिंग क्यों नुकसानदायक है?
बहुत लोग सोचते हैं कि रोज स्क्रब या पील-ऑफ मास्क लगाने से डेड स्किन हटेगी और चेहरा चमकने लगेगा. लेकिन ऐसा करने से स्किन पतली और सेंसिटिव हो जाती है. भारतीय स्किन में एक खास समस्या होती है जिसे “पोस्ट इंफ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन” कहा जाता है. यानी अगर स्किन को ज्यादा रगड़ा जाए या छील दिया जाए तो ठीक होने के बाद वह और ज्यादा डार्क हो सकती है.
क्या सांवली स्किन को गोरा बनाया जा सकता है?
डॉक्टर के अनुसार कुछ मेडिकल ट्रीटमेंट जैसे ग्लूटाथियोन, विटामिन C आदि से कुछ समय के लिए स्किन टोन हल्की दिखाई दे सकती है. लेकिन यह असर स्थायी नहीं होता. करीब 2-3 महीने की मेहनत के बाद सिर्फ कुछ समय तक ही फर्क दिखता है. इसके बाद स्किन फिर अपनी प्राकृतिक रंगत में लौट आती है. लगातार ऐसे ट्रीटमेंट लेना नुकसानदायक भी हो सकता है.
Dermaroller और DIY ट्रेंड्स से सावधान
आजकल लोग घर पर Dermaroller इस्तेमाल कर रहे हैं. इसमें छोटी-छोटी सुइयां होती हैं जो स्किन में माइक्रो चोट पहुंचाती हैं ताकि सीरम अंदर जा सके. लेकिन भारतीय स्किन में इससे पिग्मेंटेशन और दाग बढ़ सकते हैं. गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर स्किन खराब भी हो सकती है.
LED Light Mask सच में काम करता है?
रेड, ब्लू और ग्रीन लाइट वाले LED मास्क सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हैं. लेकिन डॉक्टर का मानना है कि ये ज्यादातर मार्केटिंग ट्रिक हैं. क्लिनिक में इस्तेमाल होने वाली मेडिकल लाइट थेरेपी काफी अलग और ज्यादा पावरफुल होती है. घर वाले LED मास्क से बड़े रिजल्ट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए.
क्या उम्र से छोटा दिखना संभव है?
डॉक्टर कहती हैं कि लक्ष्य यह नहीं होना चाहिए कि 45 की उम्र में 25 के दिखें. बल्कि कोशिश यह होनी चाहिए कि अपनी उम्र के हिसाब से हेल्दी और फ्रेश दिखें. एजिंग एक प्राकृतिक प्रक्रिया है. ज्यादा फिलर्स, बोटॉक्स और ओवर-ट्रीटमेंट चेहरे को अस्वाभाविक बना सकते हैं.
फेस वॉश कितनी बार करना चाहिए?
दिन में 2-3 बार से ज्यादा फेस वॉश करना ठीक नहीं है. बार-बार चेहरा धोने से स्किन के नेचुरल ऑयल खत्म हो जाते हैं और स्किन ड्राई या ज्यादा ऑयली हो सकती है.
घरेलू नुस्खे कितने असरदार हैं?
आलू, नींबू, एलोवेरा, मुल्तानी मिट्टी जैसे घरेलू उपाय कुछ लोगों को सूट कर सकते हैं, लेकिन हर स्किन अलग होती है.
- नींबू ऑयली स्किन वालों के लिए ठीक हो सकता है
- एलोवेरा गर्मियों में राहत देता है
- मुल्तानी मिट्टी गर्मियों में अच्छी लगती है
- सर्दियों में बहुत ज्यादा ड्राई कर सकती है
- कोई भी चीज बिना समझे रोज इस्तेमाल करना सही नहीं है.
क्या दूध और मीठा खाने से पिंपल्स होते हैं?
- डॉक्टर के मुताबिक दूध और Whey Protein कई लोगों में एक्ने बढ़ा सकते हैं क्योंकि ये ऑयल ग्लैंड्स को एक्टिव करते हैं.
- जिम जाने वाले युवाओं में Whey Protein के कारण बैक और फेस पर पिंपल्स बढ़ते देखे जा रहे हैं.
- बहुत ज्यादा मीठा खाने से भी एक्ने की समस्या बढ़ सकती है.
मेकअप नुकसान करता है?
मेकअप से ज्यादा नुकसान उसे ठीक से साफ न करने से होता है. रात में मेकअप हटाए बिना सोने से पोर्स ब्लॉक हो जाते हैं और पिंपल्स बढ़ सकते हैं.
Laser Hair Removal का सच
लेजर से बाल 100% हमेशा के लिए खत्म नहीं होते। भारतीय स्किन में इसे “Hair Reduction” कहा जाता है, “Hair Removal” नहीं. लेजर बालों को काफी कम और पतला जरूर कर देता है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं करता.
Bikini Hair के लिए क्या बेहतर है?
डॉक्टर के मुताबिक बिकिनी एरिया के मोटे बालों पर लेजर सबसे अच्छा काम करता है. इसके बाद वैक्सिंग और हेयर रिमूवल क्रीम बेहतर विकल्प हो सकते हैं.
AM और PM Skincare Routine क्या है?
- सुबह: क्लीनिंग, मॉइस्चराइजिंग और सन प्रोटेक्शन
- रात: रिपेयर और हाइड्रेशन रेटिनॉल जैसी चीजें रात में इस्तेमाल करनी चाहिए और गर्मियों में सावधानी से यूज करनी चाहिए.
सनस्क्रीन जरूरी है?
अगर आप 11 बजे से 4 बजे के बीच धूप में जा रहे हैं तो सनस्क्रीन जरूरी है. लेकिन सही टेक्सचर चुनना भी जरूरी है. गर्मियों में जेल या स्प्रे सनस्क्रीन ज्यादा बेहतर रहती हैं.
क्या ज्यादा पानी पीने से ग्लो आता है?
सही मात्रा में पानी पीना जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना कोई जादुई फायदा नहीं देता। इससे सिर्फ किडनी पर दबाव बढ़ सकता है.
चाय-कॉफी पीने से रंग काला होता है?
नहीं. इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, चाय या कॉफी पीने से स्किन काली नहीं होती. डॉक्टर का कहना है कि भारतीय स्किन की सबसे बड़ी खूबसूरती उसका नेचुरल ब्राउन टोन है. इसलिए हर ट्रेंड के पीछे भागने के बजाय अपनी स्किन को हेल्दी, साफ और संतुलित रखना ज्यादा जरूरी है. हर वायरल प्रोडक्ट आपके लिए सही हो, यह जरूरी नहीं. अपनी स्किन को समझें, जरूरत से ज्यादा एक्सपेरिमेंट न करें और जरूरत पड़े तो एक्सपर्ट की सलाह लें.
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