How to improve child mental health: बच्चा हो या फिर बड़ा मेंटल हेल्थ सभी के लिए बहुत जरूरी है. क्योंकि शरीर के लिए शारीरिक फिट रहना जितना जरूरी है उतना ही दिमाग का फिट रहना भी जरूरी है. इसलिए अपना हो या बच्चों का किसी का भी मेंटल हेल्थ इग्नोर न करें. वहीं मेंटल हेल्थ बच्चों के लिए बहुत जरूरी हो जाती है क्योंकि उनका दिमाग पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ होता. उनकी मेंटल हेल्थ विकास की अवस्था में होती है. वहीं वह अपनी भावनाओं को सही ढ़ंग से व्यक्त भी नहीं कर पाते, ऐसे में उनका ध्यान रखना जरूरी हो जाता है. कुछ लक्षणो की पहचान करके आप अपने बच्चों की मेंटल हेल्थ आसानी से समझ सकते हैं.
हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार बच्चे अपने मन की बात घरवालों से भी नहीं कह पाते, क्योंकि उन्हें डर लगता है कि उन्हें कमजोर समझा जाएगा, या फिर बड़ा नहीं समझा जाएगा. ऐसे में पैरेंट्स को ये समझना बहुत जरूर है कि मेंटल हेल्थ भी उतनी ही जरूरी है जितनी बच्चा का शारीरिक विकास. इसलिए बच्चे के व्यवहार को देखकर आप बच्चे की मेंटल हेल्थ पता लगा सकते हैं. व्यवहार ही मानसिक तनाव या मेंटल हेल्थ का सबसे बड़ा संकेत देता है.
पहचाने शुरुआती लक्षण
जब बच्चों का मेंटल हेल्थ बिगड़ने लगता है तो ये स्ट्रेस में बदल सकता है. इसलिए सही समय पर व्यवहार के जरिए इसकी पहचान करें. पहचान करने के लिए आपको कुछ शुरूआती लक्षण पहचानने होंगे. बच्चों का व्यवहार ध्यान से नोटिस करें. उनके स्वाभाव और आदत को नोटिस करें. अगर बच्चा चिड़चिड़ा दिखे रहने लगे, अकेला रहने लगे, दोस्तों या परिवार से दूरी बनाने लगे. अपनी पसंद की चीज़ों में रूची न दिखाएं. इसके अलावा समय पर खाना न खाएं, रात-रात भर सोएं ना ये सभी मेंटल हेल्थ के लक्षण होते हैं. सिर दर्द या पेट दर्द की शिकायत भी मेंटल हेल्थ बिगड़ने के संकेत देते हैं. अक्सर पैरेंट्स की आदत होती है कि वह इन लक्षणों को आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन ऐसा करना बच्चा की मेंटल हेल्थ बिगड़ने की ओर इशारा करता है.
अपनाएं ये तरीके
- बच्चों में मेंटल हेल्थ न बिगड़े इसके लिए बच्चों के साथ खुलकर बात करें. ताकि वह अपनी भावनाएं बिना डर के बता सकें. घर का माहौल शांत, सुरक्षित और प्यार भरा रखें, जिससे बच्चे मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस करें.
- बच्चों पर बहुत ज्यादा पढ़ाई या किसी भी चीज़ का दबाव नहीं डालें. बल्कि उन्हें खेलने और आराम करने का भी पूरा समय दें. उन्हें शारीरिक गतिविधि के लिए प्रेरित करें. सिर्फ घर में खेलने के लिए ही नहीं बल्कि घर से बाहर जाकर खेलने के लिए भी कहें.
- इसके साथ ही बच्चों की नींद पूरी होना बहुत जरूरी है, क्योंकि अच्छी नींद दिमाग औऱ शरीर दोनों के विकास के लिए बहुत जरूरी है.
- बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम लिमिड करें. ताकि उनके दिमाग का विकास सही गति में हो सके.
- अगर बच्चे में लगातार उदासी, डर या व्यवहार में बड़ा बदलाव दिखे, तो समय पर किसी मेंटल हेल्थ विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.
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FAQs
सवाल: कब बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए?
जवाब: जब बच्चे में लगातार उदासी, डर या व्यवहार में बदलाव दिखे तो विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.
सवाल: बच्चों की मेंटल हेल्थ के लिए कौन सी गतिविधियाँ फायदेमंद हैं?
जवाब: Physical activity, खेलकूद, ड्रॉइंग और म्यूजिक जैसी गतिविधियाँ फायदेमंद होती हैं.
सवाल: बच्चों की मेंटल हेल्थ सुधारने का सबसे जरूरी तरीका क्या है?
जवाब: बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करना और उन्हें भावनात्मक सपोर्ट देना सबसे जरूरी तरीका है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

