Oats Side Effects: जब हम हेल्दी खाने की बात करते हैं. हेल्दी डाइट अपनाने की बात करते हैं, तो सबसे पहला सजेशन होता है. ओट्स कई लोगों को आपने कहते सुना होगा कि ओट्स खाओ हेल्दी होता है. वजन घटाने से लेकर फिटनेस यहां तक की डायबिटीज कंट्रोल करने तक इसके सेवन की बात कही जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओट्स हर किसी को फायदा नहीं पहुंचाते हैं.
दरअसल ओट्स हेल्दी जरूर होते हैं. लेकिन इनसे उन लोगों को नुकसान हो सकता है जिनपर इसका असर नहीं हो रहा. यानी अगर आप जरूरत से अधिक ओट्स खा रहे हैं. साथ ही उसे गलत तरह से खा रहे हैं, तो ये शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं. खासकर इंस्टेंट और फ्लेवर्ड ओट्स कई बार हेल्दी कम और नुकसानदायक ज्यादा साबित हो सकते हैं.
क्यों दी जाती है ओट्स खाने की सलाह
पहले ये जान लेते हैं कि आखिर ओट्स खाने की सलाह अक्सर क्यों दी जाती है. दरअसल इसमें बीटा-ग्लूकन नाम का एक फाइबर होता है जो घुल जाता है. सात ही ये फाइबर हमारे पेट में जाता है तो उसे लंबे समय तक भरे रखने में मदद करता है. नतीजा आपको बार-बार भूख नहीं लगेगी. इसी कारण से लोग वजन कम करने से लेकर अपनी डाइट में इसे शामिल जरूर करते हैं. इतना ही नहीं इससे कोलेस्ट्रॉल काफी कम होता है. हार्ट हेल्थ के लिए सबसे बेहतर माना जाता है. इसपर कई रिसर्च सामने भी आ चुकी है. जिसमें सही मात्रा में इसका अगर सेवन किया जाए तो इससे खराब कोलेस्ट्रॉल भी कम किया जा सकता है. इस कारण ओट्स को हेल्दी माना जाता है और डाइट में शामिल करने की सलाह दी जाती है.
किन लोगों के लिए अच्छा नहीं होता ओट्स?
वहीं जान लेते हैं कि आखिर ये किन लोगों के लिए अच्छे नहीं होते, तो इस सवाल का जवाब है कि जो लोग डायबिटीज का शिकार है. या फिर इंसुलिन रेजिस्टेंस वाले लोग हों, ऐसे लोगों को अधिक सावधानी रखनी चाहिए. एक्सपर्ट्स रोल्ड या स्टील-कट ओट्स को ज्यादा बेहतर विकल्प मानते हैं. इतना ही नहीं हर ओट्स एक जैसे नहीं होते. यानी जैसे आजकल मार्केट में इंस्टेंट ओट्स भी काफी बिकते हैं, पैकेट वाले ओट्स प्रोसेस्ड होते हैं. शरीर में जल्दी पच जाते हैं. लेकिन इससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें चीनी और आर्टीफीशियल कलर और फ्लेवर्स शामिल किए गए होते हैं. जो हेल्थ के लिए हेल्दी तो नहीं है.
कई लोगों को ओट्स खरीदते समय खास ख्याल रखना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि भले ही ओट्स में नैचुरल ग्लूटेन फ्री होता है. लेकिन कई बार इसे फैक्ट्री में प्रोसेस्ड किया जाता है. जहां पर गेहूं भी होते हैं. अब उन लोगों को तकलीफ हो सकती हैं जो ग्लूटेन सेंसिटिविटी या फिर सीलिएक डिजीज का शिकार हैं. इसलिए जब भी पैकट खरीदें तो लेबल पर चेक जरूर करें.
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