Summer Mental Health Tips: गर्मियों के दिन शुरू हो चुके हैं. ऐसे में न सिर्फ फिजिकल हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है, बल्कि मेंटल हेल्थ का ध्यान रखना भी जरूरी है. आपने अक्सर देखा होगा गर्मियों के दिनों में चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है. ये समस्या हर उम्र में देखने को मिलती हैं, वहीं बड़े बुजुर्ग और छोटे बच्चे दिनों दिन बढ़ते तापमान के कारण चिड़चिड़े हो जाते हैं. क्योंकि ज्यादा गर्मी शरीर और दिमाग दोनों पर असर डालती है, जिससे मूड स्विंग होने लगते हैं.
गर्मियों में न सिर्फ डिहाइड्रेशन और थकान की समस्या होती है, बल्कि मेंटल हेल्थ पर भी असर पड़ता है। तेज धूप और लू के कारण लोग चिड़चिड़ापन, स्ट्रेस, एंग्जायटी और बैचेनी महसूस करने लगते हैं. आज के आर्टिकल में जानेंगे कि गर्मी में मानसिक तनाव क्यों बढ़ जाता है? और इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है?
क्या कहते एक्सपर्ट
एक्सपर्ट के अनुसार गर्मी का सीधा असर शरीर और दिमाग पर होता है. अगर समय रहते इन्हें कंट्रोल नहीं किया तो व्यक्ति परेशान हो सकता है. दरअसल जब शरीर में गर्मी लगती है तो हम सभी उसे कंट्रोल करने की हर संभव कोशिश करते हैं. लेकिन जब इसका असर दिमाग पर पड़ता है तो उसे नजरअंदाज कर दिया जाता है. ऐसा करना भारी पड़ सकता है. इसलिए इनके लक्षणों की पहचान करके रोकने की कोशिश जरूर करें. एक्सपर्ट कहते हैं मेंटल स्ट्रेस बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं.
मेंटल स्ट्रेस होने के कारण
नींद की कमी से स्ट्रेस होना
गर्मियों में अक्सर गर्म वातावरण के कारण नींद आने में दिक्कत होती है. गौरतलब है कि गर्मियों में न सिर्फ दिन गर्म होते हैं बल्कि रातें भी उमस भरी होती है. ऐसे में नींद आने में दिक्कत होती है. सोते हुए व्यक्ति की बार-बार नींद खुलने लगती है. गर्म वातावरण के कारण पसीना और बैचेनी होने लगती है. ऐसे में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाती. नींद पूरी न होने के कारण चिड़चिड़ापन, फोकस कम होना और एंग्जायटी महसूस होने लगती है.
डिहाइड्रेशन का दिमाग पर असर
गर्मियों में डिहाइड्रेशन की समस्या होती है. डिहाइड्रेशन के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है. इसके कारण थकान, सिरदर्द, चक्कर आना, मुंह सूखना, जरूरत से ज्यादा प्यास लगना और गहरे पीले रंग का पेशाब आने और स्किन में ड्राईनेस की समस्या होने लगती है.
डिहाइड्रेशन के कारण शरीर से जरूरत से ज्यादा इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में शरीर में कमजोरी आ जाती है. अक्सर लोग इसे थकान समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन लगातार ऐसा रहने से मानसिक समस्याएं बढ़ सकती है. इसलिए इन्हें इग्नोर न करें. बता दें कि डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का दिमाग पर सीधा असर पड़ता है, क्योंकि दिमाग का लगभग 70–75% हिस्सा पानी से बना होता है. जब शरीर में पानी कम होता है, तो दिमाग का कामकाज भी धीमा या असंतुलित हो सकता है.
गर्मी के कारण गुस्सा-बेचैनी
गर्मियों के दिनों में माहौल गर्म होता है. ऐसे में शरीर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, जिस कारण बार-बार पसीना आता है. लेकिन जब गर्म वातावरण से कोई परेशान होने लगता है और परेशान होने लगता है, तो इसका सीधा असर उसके दिमाग पर पड़ता है. तो दिमाग पर प्रेशर बढ़ने लगता है. ऐसे में मेंटल हेल्थ बिगड़ने लगती है. वहीं व्यक्ति छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा और बेचैनी महसूस करने लगता है.
एनर्जी खर्च होने से मूड स्विंग
एक्सपर्ट कहते हैं जब शरीर से तेजी से पसीना निकलता है तो तेजी से एनर्जी खर्च होने लगती है. शऱीर से एनर्जी खर्चो होने पर तेजी से मूड स्विंग्स होने लगते हैं. लोगों को जल्दी थकान, गुस्सा या बेचैनी महसूस होने लगती है.
ऐसे ठीक रहेगी मेंटल हेल्थ
- नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी से शरीर हाइड्रेट रहता है.
- प्रचुर मात्रा में पानी पिएं.
- गर्मियों में बहुत ज्यादा मसालेदार, तला-भुना और भारी भोजन शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। इसलिए घर का बना हल्का खाना ही खाएं.
- रात को कम से कम सात से आठ घंटे अच्छी नींद लेने की कोशिश करें.
- मेंटल हेल्थ को सही रखने के लिए गहरी सांस लेना, मेडिटेशन, हल्की वॉक या पसंदीदा संगीत सुना जा सकता है.
- दोपहर को बहुत समय तक बाहर न निकलें.
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FAQs
सवाल: गर्मी में मानसिक स्वास्थ्य कैसे बेहतर रखा जा सकता है?
जवाब: गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने, नींद खराब होने और डिहाइड्रेशन के कारण चिड़चिड़ापन, तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है.
सवाल: गर्मी में गुस्सा और चिड़चिड़ापन क्यों बढ़ जाता है?
जवाब: ज्यादा गर्मी, पसीना, पानी की कमी और नींद पूरी न होने से दिमाग पर तनाव बढ़ता है, जिससे व्यक्ति जल्दी गुस्सा और चिड़चिड़ा हो जाता है.
सवाल: गर्मी में मानसिक स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
जवाब: गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ने, नींद खराब होने और डिहाइड्रेशन के कारण चिड़चिड़ापन, तनाव और बेचैनी बढ़ सकती है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है.
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