Lungs Health Exercise: हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस (World No Tobacco Day) मनाया जाता है. इसका उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर हेल्थ समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इसकी लत छुड़ाने के लिए प्रेरित करना है.
बता दें कि तंबाकू (धूम्रपान या चबाने वाले प्रोडक्ट) के कारण पूरी दुनिया में हर साल 80 लाख (8 मिलियन) से अधिक और अकेले भारत में लगभग 13.5 लाख (13.5 लाख) लोगों की मौत होती है. इसके अलावा इसके सेवन से फेफड़ों की कार्यक्षमता कमजोर हो जाती है. वहीं अगर फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होती है.
तंबाकू पहुंचाता नुकसान
दरअसल तंबाकू में मौजूद निकोटिन और अन्य हानिकारक केमिकल शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचाते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं इसके सेवन से फेफड़ों के कैंसर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और सांस संबंधी गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है. इतना ही नहीं, तंबाकू का सेवन ओरल हेल्थ का जोखिम करती है. दांतों और मसूड़ों की बीमारी होने का खतरा भी रहता है. इसलिए ये योगासन करें, जिससे आपकी फेफड़ों की कार्यक्षमता मजबूत होगी.
फेफड़ों को मजबूत बनाएंगे ये योगासन
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अगर आप अपने फेफड़ों को साफ करना चाहते हैं, तो अनुलोम-विलोम प्राणायाम की प्रैक्टिस कर सकते हैं. इसे करने के लिए शांत जगह पर सुखासन में बैठें जाएं. दाहिने हाथ से एक नाक बंद करके दूसरी से सांस लें, फिर बदलकर दूसरी से छोड़ें. यह प्रक्रिया धीरे-धीरे दोहराएं. इसे 5–10 मिनट रोज सुबह खाली पेट करें. इससे तनाव कम होता है, फेफड़े मजबूत होते हैं और मन शांत रहता है.
कपालभाति प्राणायाम
फेफड़ों को साफ करने के लिए आप कपालभाति प्राणायाम की प्रैक्टिस भी कर सकते हैं. इसे करने के लिए सुखासन में बैठें जाएं. गहरी सांस लें और पेट को अंदर की ओर खींचते हुए तेजी से सांस बाहर छोड़ें. सांस अपने आप अंदर आने दें और केवल छोड़ने पर ध्यान दें. इसे 1–3 मिनट से शुरू करें और धीरे-धीरे बढ़ाएं. ये आसन न सिर्फ फेफड़ों को मजबूत करता है बल्कि पेट की मांसपेशियों की सक्रियता को भी बढ़ाता है.
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम की मदद से आप फेफड़ों को मजबूत बना सकते हैं. भ्रामरी प्राणायाम करने के लिए भी आप सुखासन में बैठ जाएं और आंखें बंद करें. दोनों कानों को अंगूठों से बंद करें. गहरी सांस लें और सांस छोड़ते समय मधुमक्खी जैसी ‘भ्रं’ आवाज निकालें. इसे 5–10 बार दोहराएं. भ्रामरी आसन के दौरान निकलने वाली आवाज दिमाग की नसों को आराम देती है, जिससे स्ट्रेस कम होता है. इस योगासन की प्रैक्टिस से ध्यान लगाने में मदद मिलती है और फेफड़े की मजबूती भी बढ़ती है.
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FAQs
सवाल: क्या फेफड़ों की एक्सरसाइज रोज करनी चाहिए?
जवाब: हां, नियमित रूप से फेफड़ों की एक्सरसाइज करने से श्वसन प्रणाली मजबूत रहती है, स्टैमिना बढ़ता है और सांस फूलने जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. हालांकि किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
सवाल: फेफड़ों की सेहत के लिए कौन-सी एक्सरसाइज फायदेमंद हैं?
जवाब: गहरी सांस लेने की एक्सरसाइज (deep breathing), प्राणायाम, योगासन जैसे अनुलोम-विलोम और भस्त्रिका, हल्की दौड़ (jogging) और तेज़ पैदल चलना (brisk walking) फेफड़ों को मजबूत बनाने में सहायक मानी जाती हैं.
सवाल: लंग्स (फेफड़ों) की सेहत के लिए एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?
जवाब: नियमित शारीरिक गतिविधि और एक्सरसाइज फेफड़ों की क्षमता (lung capacity) को बेहतर बनाने में मदद करती है. इससे शरीर में ऑक्सीजन का संचार अच्छा होता है और सांस संबंधी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है. इस तरह के कॉन्टेंट को देखने के लिए आप हमारे Youtube चैनल के साथ जुड़ सकते हैं. )

