acrylic nails advantages and disadvantages: हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए कई महिलाएं नकली नाखून लगाती है. ये दिखने में बहुत सुंदर और आकर्षक होते हैं. इन्हें नेचुरल नाखूनों के ऊपर लगाया जाता है. लेकिन क्या आपको पता है कि नकली नाखून लगाने के नुकसान कितने हैं? सेहत के लिहाज से नकली नाखून सही नहीं माने जाते हैं. आज के आर्टिकल में हम बात करेंगे क्या है ऐक्रेलिक नाखून, और इनके लागने के नुकसान क्या-क्या हैं?
आज के समय में ब्यूटी ट्रीटमेंट्स का चलन काफी तेजी से बढ़ गया है. बोटॉक्स करवाना हो या फिर हेयर कर्ल, वहीं नाखूनों को लेकर भी एक ट्रीटमेंट बाजार में देखने को मिलता है. जिसे एक्रिलिक नेल एक्सटेंशन कहा जाता है.
क्या है ऐक्रेलिक नेल्स? What Is Acrylic Nails
ऐक्रेलिक नेल्स (Acrylic Nails) कृत्रिम (Artificial) नाखून होते हैं, जिन्हें प्राकृतिक नाखूनों के ऊपर लगाया जाता है ताकि नाखून लंबे, मजबूत और आकर्षक दिखें. इन्हें एक विशेष ऐक्रेलिक पाउडर और लिक्विड मोनोमर को मिलाकर तैयार किया जाता है, जो नाखून पर लगने के बाद सख्त हो जाता है.
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ऐक्रेलिक नेल्स के नुकसान क्या हैं?
एक्सपर्ट कहते हैं कि नेचुरल नाखून के ऊपर से नकली नाखून लगाने पर नाखूनों की सतह खराब हो जाती है. सबसे पहले नेचुरल नाखूनों को साफ और तैयार किया जाता है. फिर नेल एक्सटेंशन टिप या फॉर्म लगाया जाता है. इसके ऊपर ऐक्रेलिक मिश्रण लगाया जाता है. सूखने के बाद नाखूनों को मनचाहा आकार और डिजाइन दिया जाता है. ऐसे में नाखूनों की नेचुरल प्रोटेक्टिंग लेयर कमजोर हो जाती है. जिसकी वजह से नाखून पतले, कमजोर और आसानी से टूटने लगते हैं. कई लोगों को ऐक्रेलिक नेल्स हटाने के बाद नाखूनों में ड्राईनेस, दरारें और बहुत ज्यादा सेंसिटिविटी की समस्या भी देखने को मिलती है.
नकली नाखून लगवाते समय रखें इन बातों का ध्यान
नकली नाखून (ऐक्रेलिक या आर्टिफिशियल नेल्स) लगाते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. हमेशा किसी भरोसेमंद और साफ-सुथरे सैलून का ही चयन करें. अगर नाखूनों में फंगल इंफेक्शन, घाव या स्किन संबंधी समस्या हो तो नेल्स न लगवाएं. इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण साफ और सैनिटाइज्ड होने चाहिए. नेल्स को बहुत लंबे समय तक न रखें और किसी भी तरह की जलन, दर्द, सूजन या एलर्जी होने पर तुरंत उन्हें हटवाकर एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
किन लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए
- सबसे पहले, जिन लोगों के प्राकृतिक नाखून कमजोर, पतले या बार-बार टूटने वाले होते हैं, उन्हें ऐक्रेलिक नेल्स लगवाने से पहले एक्सपर्ट की सलाह लेनी चाहिए. ऐक्रेलिक नेल्स को लगाने और हटाने की प्रक्रिया नाखूनों को और अधिक कमजोर कर सकती है.
- अगर किसी व्यक्ति को नाखूनों में फंगल या बैक्टीरियल संक्रमण है, तो उसे ऐक्रेलिक नेल्स लगाने से बचना चाहिए. नकली नाखूनों के नीचे नमी जमा होने से संक्रमण बढ़ सकता है और उसका इलाज मुश्किल हो सकता है.
- सेंसिटिव स्किन या एलर्जी की समस्या वाले लोगों को भी सावधानी बरतनी चाहिए. ऐक्रेलिक नेल्स में इस्तेमाल होने वाले कुछ रसायन स्किन में जलन, खुजली, लालिमा या एलर्जिक रिएक्शन पैदा कर सकते हैं. वहीं, सोरायसिस, एक्जिमा या अन्य त्वचा रोगों से पीड़ित लोगों में भी यह समस्या बढ़ सकती है.
- डायबिटीज के मरीजों को भी अलर्ट रहने की जरूरत है, क्योंकि उनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है और घाव भरने में समय लग सकता है.
- एक्सपर्ट के अनुसार, अगर ऐक्रेलिक नेल्स लगवाने के बाद दर्द, सूजन, बदबू, नाखून का रंग बदलना या स्किन में जलन जैसी समस्याएं दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर या स्किन एक्सपर्ट से संपर्क करना चाहिए. सुरक्षित और स्वच्छ सैलून का चुनाव करना भी बेहद जरूरी है.
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FAQs
सवाल: क्या ऐक्रेलिक नेल्स प्राकृतिक नाखूनों को नुकसान पहुंचा सकते हैं?
जवाब: हां, बार-बार ऐक्रेलिक नेल्स लगवाने और हटाने से प्राकृतिक नाखून पतले, कमजोर और आसानी से टूटने वाले हो सकते हैं. गलत तरीके से हटाने पर नाखूनों की ऊपरी परत भी क्षतिग्रस्त हो सकती है.
सवाल: क्या ऐक्रेलिक नेल्स से संक्रमण का खतरा बढ़ता है?
जवाब: यदि ऐक्रेलिक नेल्स सही तरीके से न लगाए जाएं या उनके नीचे नमी फंस जाए, तो बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. संक्रमण होने पर नाखून का रंग बदल सकता है और दर्द या सूजन हो सकती है.
सवाल: क्या ऐक्रेलिक नेल्स से एलर्जी हो सकती है?
जवाब:कुछ लोगों को ऐक्रेलिक नेल्स में इस्तेमाल होने वाले रसायनों से एलर्जिक रिएक्शन हो सकता है. इसके कारण खुजली, लालिमा, जलन, सूजन या त्वचा पर रैशेज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.
(Disclaimer: यहां दी गई सलाह और ये कॉन्टेंट केवल सामान्य जानकारी के लिए पेश किया गया है. यानी ये जानकारी किसी भी तरह से डॉक्टर्स राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए आप किसी एक्सपर्ट्स या फिर जिस समस्या से जूझ रहे हैं, उस क्षेत्र के डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही उस एडवाइस पर अमल करें. Fit Rahe India इस जानकारी के लिए किसी भी जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)

